SEO क्या है Seo का क्या मतलब है इसका क्या उपयोग है

 

Digital marketing और internet की दुनिया इस तीन शब्द के word “seo” के ऊपर निर्भर करती है। SEO क्या है  बहुत  बड़ी-बड़ी कंपनियां जो अपने Proudct और servies online बेचती है। वह अपने लाखों रुपये सिर्फ seo पर ख़र्च करती है। आखिर ये seo क्या है। अगर आपने भी इसका नाम बार-बार सुना है या कही लिखा हुआ देख है या फिर आप internet और digital marketing में नये है तो यह word आपको बार-बार सुने को मिलता है।

आज हम आपको बिल्कुल simple शब्दों में इसके बारे में बताने वाले है। अगर आप इस Post को एक बार ध्यान से पढ़ ले तो आप आसानी से seo के बारे में जान जायगे।SEO की fullform Search engine Optimization है। जिसका सीधा संबंध search engine से होता है। seo एक प्रकार से search engine में अपनी website को Top पर लाने के Rules होते है ताकि हमारी website पर traffic increase हो सके। अगर आप इन Rules को follow करते है तो आपकी website search engine में first Page पर show होती है।

Websites पर traffic increase होने से हमारी online earning बढ़ती है। साथ ही website की value search engine में increase हो जाती है जिसे website की Ranking बढ़ती है।

 

SEO क्या है Seo का क्या मतलब है इसका क्या उपयोग है
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Seo kya hai ?

 

Seo का मतलब है पोस्ट या आर्टिकल को गूगल और गूगल पर आने वाले visitors के अनुकूल बनाना मतलब है की वो पोस्ट रीडर को पढ़ने में आसान लगे,attrective होनी चाहिए ।google में सर्च करने पर जल्दी आने के लिए images इत्यादि को सही तरीके से optimize  गया होना चाहिए । seo  एक ऐसा तरीका है जिससे हम अपनी साइट को गूगल पर रैंक करवा सकते हैं ।

जैसे हम किसी कीवर्ड को गूगल में सर्च करते है तो जो top 10 sites  गूगल दिखाता है उन पर जयादा ट्रैफिक होता है और उनमे भी जो साइट पहले number पर होती है उस पर उस कीवर्ड के लिए बहुत जयादा ट्रैफिक होता है।

SEO का फुल फॉर्म क्या है?

SEO का फुल फॉर्म है “Search Engine Optimization“। एसईओ का हिंदी रूपान्तरण “सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन“.

SEO Blog के लिए क्यों जरुरी है?

आप ने जान लिया की SEO क्या है, चलिए अब जानते हैं की ये blog के लिए क्यूँ जरुरी है। अपने website को लोगों तक पंहुचाने के लिए हम SEO का इस्तेमाल करते हैं.

मान लीजिये मैंने एक website बना लिया उसमे अच्छे अच्छे high quality contents भी publish कर दिया लेकिन अगर मैंने SEO का इस्तेमाल नहीं किया तो मेरा website लोगों तक नहीं पहुँच पायेगा और मेरे website बनाने का भी कोई फायेदा नहीं होगा.

अगर हम SEO का इस्तेमाल नहीं करेंगे तो जब भी कोई user कोई keyword search करेगा, तो आपके website में उस keyword से सम्बंधित अगर कोई content मौजूद है तब भी user आपके website को access नहीं कर पायेगा।

ऐसा इसलिए क्यूंकि search engine आपके site को ढूंढ नहीं पायेगा न ही आपके website के content को अपने database पर store कर पायेगा। जिससे आपके website में traffic होना बहुत ही मुश्किल हो जायेगा. इसलिए आपके साइट में सही ढंग से SEO करना बहुत ही ज़रूरी होता है।

SEO को समझना इतना भी मुश्किल नहीं है अगर आपने इसे सिख लिए तो अपने blog को बहुत ही बेहतर बना सकते हैं और उसकी value search engine में बढ़ा सकते हैं.

SEO को सिख लेने के बाद जब उसका इस्तेमाल अपने blog के लिए करते हैं तो आपको उसका result तुरंत नहीं दिखेगा इसके लिए आपको धैर्य रख कर अपना काम करते रेहने होगा. क्यूंकि सब्र का फल मीठा होता है और आपकी मेहनत का रंग आपको जरुर दिखेगा.

जैसे की मैंने पहले ही कह दिया है की कैसे ranking के लिए और traffic के लिए SEO करना क्यूँ जरुरी बन जाता है. चलिए आप Search engine optimization के importance के विषय में और अधिक जानते हैं :

  • ज्यादातर Users internet में search engines का इस्तमाल अपने सवालों के जवाब पाने के लिए करते हैं. ऐसे में वो search engine द्वारा दिखाए गए top results को ही ज्यादा ध्यान देते हैं. ऐसे में अगर आप भी लोगों के सामने आना चाहते हैं तब आपको भी SEO की मदद लेनी होगी blog को rank करने के लिए।
  • SEO केवल search engines के लिए नहीं है बल्कि अच्छे SEO practices के होने से ये user experience को बढ़ाने में मदद करता है और आपके website के usability को भी बढ़ता है।
  • Users ज्यादातर top results को ही trust करते हैं और इससे उस website की trust बढ़ जाती है. इसलिए SEO के सन्दर्भ में जानना बहुत जरुरी होता है।
  • SEO आपके site के social promotion के लिए भी बहुत जरुरी होता है. क्यूंकि जो लोग आपके site को google जैसे search engine में देखते हैं तब वो ज्यादातर उन्हें social media जैसे की Facebook, Twitter, Pinterest में share जरुर करते हैं।
  • SEO किसी भी site के traffic को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।
  • SEO आपको किसी भी competition में जरुर आगे रहने में मदद करता है. उदहारण के लिए अगर दो websites समान चीज़ें बेच रही हैं, तब जो website SEO Optimized होती है वो ज्यादा customers अपने और खींचती हैं और उनकी sales भी बढ़ जाती है वहीँ दूसरी उतना नहीं कर पाती हैं।

Search Engine क्या है?

हम Search Engine Optimization इसीलिए करते है ताकि हमारी वेबसाइट Search Engine में पहले पेज पर list हो, इसलिए Search Engine क्या होता है इस के बारे में जानना भी जरूरी है | Google, Yahoo, Bing अदि सभी Search Engines है | अगर हमे कुछ सर्च करना होता है तब हम Google का इस्तमाल करते है क्यूकि google world का सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाला सर्च इंजन है |

हर एक सर्च इंजन का वर्क करने का अलग अलग Algorithms होता है| वह समय समय पर उसे बदलता रहता है क्यूकि सर्च इंजन अपने algorithms का प्रयोग करके हमे result Show करता है |

Proper keyword रिसर्च करना 

मैंने यहाँ पहले पॉइंट में ही कीवर्ड रिसर्च को जगह दिया है क्यों की यही से पोस्ट लिखने की शुरुआत होती है. जो नए ब्लोग्गेर्स होते हैं वो कीवर्ड रिसर्च में ध्यान नहीं देते हैं.

अगर मैं सही हूँ तो आप भी कीवर्ड रिसर्च पर ध्यान नहीं देते हैं इसीलिए आपकी पोस्ट रैंक नहीं कर रही है. कीवर्ड रिसर्च के बिना पोस्ट लिखने का कोई फायदा नहीं है बस समझ ले की इसके बिना आप बस टाइम की बर्बादी कर रहे हैं.

तो आखिर ये कैसे करें? मैं यहाँ पर आपको बस अपने स्टेप्स बता रहा हूँ जिसे आप फॉलो करें जरूर सफलता मिलेगी. आप अपने इंटरेस्टेड टॉपिक्स के बारे में एक लिस्ट तैयार कर लें की आपको किस किस टॉपिक पर लिखना है.

फिर एक बार में सिर्फ एक टॉपिक को चुन लें और उसके लिए एक नयी फाइल नोटपैड या फिर वर्डपैड में बना लें. अब हमे इस एक टॉपिक के कीवर्ड तलाशने हैं. दोस्तों आज के समय में Head कीवर्ड पर बिलकुल भी ध्यान न दें बल्कि उस कीवर्ड के long-tail कीवर्ड को सर्च करना जरुरी है.

इस में सबसे अधिक जरुरी हैं LSI कीवर्ड्स. जब आप गूगल के सर्च बॉक्स में किसी टॉपिक पर query सर्च करते हैं तो पूरा लिखने के पहले आप देखेंगे की वहां पर नीचे में और lines गूगल guess कर के आपको दिखाना शुरू कर देगा.

Technical SEO

Technical SEO में हमे वेबसाइट के Technical Factors पे काम करना पड़ता है। जिससे सर्च इंजन को Crawling और Indexing में मदद मिलती है। तो चलिए मैं आपको कुछ Technical Factors के नाम भी बताता हु।

Website Loading Speed

Website के Loading Speed पे ध्यान दे। और याद रखे की Website की Loading Speed 3-4 Second से ज्यादा न हो। कोशिस करे की Website की Loading Speed 3 Second से कम हो। ये आपके Website के Ranking को Search Engine Result Page पे Improve कर देता है। और आज के समय में Website Speed बहुत ही ज्यादा Important हो चूका है। जिसका असर Directly वेबसाइट के रैंकिंग पे पड़ता है।

Sitemap Submit करना

Sitemap वेबसाइट का मैप की तरह होता है। जहा हमारे सारे वेबसाइट Data की Files होती है एक Roadmap होती है, इसके मदद से Google का Crawler आसानी से वेबसाइट को Crawl और Index करता है।

Robots.txt File

Robots.txt फाइल बनाकर हम Search Engine को बताते है की हमारे वेबसाइट का कोन से पेज को Crawl करना है और किसे नहीं करना है।

Canonical Issue या Canonicalization

Website में URLs के वजह से Canonical Issue Create हो जाता है, जिसे ठीक करना बेहद जरुरी है।

Broken Links को ठीक करना

कई बार वेबसाइट में Broken Links क्रिएट हो जाता है जिसके वजह से जब भी उस लिंक्स पे कोई क्लिक करता है तो उसे 404 या Page Not Found का Error देखने को मिलता है। तो इसे भी ठीक करना होता है।

और भी कई सारे Broken Links के Factors होते है।

तो ये कुछ Factors थे जिनसे हम Website के Technical SEO पे काम करते है।

यहा तक आपको समझ तो आ ही गया होगा की SEO क्या होता है (What is SEO in Hindi) और On Page SEO, Off Page SEO और Technical SEO क्या है। अब हम एक Short Summary के रूप में देखेंगे की SEO Kya Hai और क्यों करते है।

Mostly SEO क्या है, SEO से क्या (Benefits) फायदा है?

 

मुख्य रूप से SEO क्या होता है? और इससे क्या  fayda होता है? मान लीजिए, अगर आपकी website blog पर Direct 10,000 Traffic है, और आप Daily $100 per Day कमाते हो। वही अगर 10,000 traffic में से 5000 Traffic search engine से आते हैं, तो आप $100-$500 per day तक Earn कर सकते हो। कहने का मतलब यह है कि, अपनी site पर direct traffic आने के बजाए search engine से ज्यादा traffic आते हैं तो ज्यादा earning( कमाई) होगी । वैसे भी, अगर Google AdSense की बात की जाए तो, AdSense सबसे ज्यादा earning, search engine से traffic आने वाले को ज्यादा पैसे देती है।

 

अब आप समझ गए होंगे कि SEO क्या होता है और SEO क्यों जरूरी है। search engine से ज्यादा traffic लाने के लिए SEO कितना जरूरी है?

Now, search engine से traffic पाने के लिए SEO follow करना जरुरी है। यथार्थ अपनी website के लिए Search Engine Optimisation most important है।

SEO के फायदे

 

ब्लॉग के लिए SEO क्यों जरूरी है ये तो आप समझ गए होंगे। चलिए अब जानते है SEO के Benefits के बारे में।

1) SEO से आपकी ब्लॉग गूगल और बाकी search engine पर दिखने लगती है।

2) Proper एसईओ किया पोस्ट को SERPs में हाई रैंक मिलती है। और इसे ब्लॉग की rank, Domain Authority और Income High होती है।

3) ब्लॉग पर Organic visitors बढ़ेंगे।

4) ब्लॉग को high quality dofollow backlinks मिलेगी।

5) जो सर्च इंजन से आते है वो social media पर भी आपकी पोस्ट जरूर share करेंगे। जिससे ब्लॉग पर Social Media से भी Traffic मिलेगी

6) ब्लॉग से कमाई अच्छी होगी।

 

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SEO के प्रकार

 

SEO दो प्रकार के होते हैं एक है Onpage SEO और दूसरा है Offpage SEO. इन दोने का काम बिलकुल अलग है चलिए हम इनके बारे में भी जान लेते हैं.

  1. On Page SEO
  2. Off Page SEO
  3. Local SEO

आमतौर पर SEO 2 प्रकार की होती है On Page SEO एवं Off Page SEO. SEO के दोनों ही प्रकार किसी भी वेबसाइट के लिए बहुत ज्यादा जरूरी होते हैं। जहां on Page SEO साइट को गूगल पर मजबूत बनाती है वही off Page SEO साइट का बैकअप मजबूत करती है। साइट पर सबसे मुख्य होता है ट्रैफिक को बढ़ाना और उसके लिए दो इंपॉर्टेंट फेक्टर है जिनका ख्याल रखना बहुत जरूरी है और वह है on Page और off Page SEO. अब यह दोनों होते क्या है और किस तरह से काम करते हैं आइए जान लेते हैं।

On Page SEO –

हम जिस विषय से संबंधित अपनी साइट को तैयार करते हैं उसके कुछ कीवर्ड रिसर्च करने के बाद उसी तरह का कॉन्टेंट लिखकर अपनी वेबसाइट पर डालते हैं। वेबसाइट पर सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के अनुसार हमें कुछ सेटिंग भी करनी होती है ताकि हम कांटेक्ट को सेट करके गूगल में रैंक कराने के लिए तैयार कर सकें। ऑन पेज सेट करने के बाद ही किसी वेबसाइट पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक लाने में मदद मिलती है।

On Page SEO फैक्टर्स

वेबसाइट का ऑन पेज सेट करने के लिए कुछ ऐसे महत्वपूर्ण फैक्टर हैं जिनके बारे में हम आपको यहां पर बताएंगे:-

  • वेबसाइट डिजाइन :- ऑन पेज सेटिंग में वेबसाइट का डिजाइन बहुत ज्यादा मायने रखता है कि आपके वेबसाइट पर जो डिजाइन आप इस्तेमाल कर रहे हैं वह कैसा है क्या वह गूगल के एल्गोरिदम के अनुसार है या नहीं। गूगल के एल्गोरिदम के अनुसार आपकी वेबसाइट का डिजाइन बहुत ही सिंपल और आपके विषय को डिफाइन करने वाला होना चाहिए।
  • वेबसाइट स्पीड : आपकी वेबसाइट की स्पीड भी बहुत अच्छी होनी चाहिए क्योंकि ऑन पेज सेटिंग में इसका बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण योगदान होता है। गूगल में अच्छे स्थान पर अपनी वेबसाइट पहुंचाने और ऑर्गेनिक ट्रैफिक लाने के लिए वेबसाइट की स्पीड बहुत अच्छी होनी चाहिए। आपकी वेबसाइट की स्पीड कम से कम 80 से ऊपर होनी चाहिए।
  • वेबसाइट स्ट्रक्चर :- आपके वेबसाइट के स्ट्रक्चर से पता चलता है कि आपकी वेबसाइट किस विषय से संबंधित है इसलिए गूगल को अपनी वेबसाइट के बारे में बताने के लिए अपनी वेबसाइट का स्ट्रक्चर अच्छे से तैयार करें। जब आपकी वेबसाइट का स्ट्रक्चर गूगल को आपकी वेबसाइट के बारे में बताएगा तभी आसानी से आपकी वेबसाइट गूगल में रैंक होने लगती है।
  • वेबसाइट फ़ेविकॉन : आपकी वेबसाइट किस विषय से संबंधित है वह दर्शाने के लिए एक छोटा सा आइकन आपकी वेबसाइट पर लगाया जाता है जिससे आपकी वेबसाइट की पहचान होती है। अगर आप किसी साइट को ओपन करेंगे तो आपको शाहिद के नाम के साथ एक छोटा सा आइकन दिखाई देगा उसे फेविकॅन कहते हैं।
  • मोबाइल फ्रेंडली वेबसाइट :- आज के समय में हर कोई मोबाइल पर इंटरनेट यूज करते हैं इसलिए आप की वेबसाइट अगर मोबाइल फ्रेंडली है तो बहुत जल्दी आपको ऑर्गेनिक ट्रैफिक मिलेगा। इसलिए अपनी वेबसाइट को मोबाइल फ्रेंडली बनाना बहुत ज्यादा जरूरी है।
  • टाइटल टैग : आपकी वेबसाइट पर कांटेक्ट बहुत महत्व रखता है ऐसे में उस पर टाइटल टैग होना बहुत जरूरी है जो आपकी वेबसाइट या ब्लॉग से संबंधित जानकारी गूगल को दें। टाइटल टैग आपके कॉन्टेंट के बारे में बताता है कि आपका कॉन्टेंट किस विषय से संबंधित है।
  • मेटा डिस्क्रिप्शन : किसी भी कॉन्टेंट या ब्लॉक में मेटा डिस्क्रिप्शन का होना बहुत जरूरी है जो यह बताता है कि आपके उस पेज या वेबसाइट पर किस चीज के बारे में बताया गया है। मेटा डिस्क्रिप्शन ऐड करने के लिए वर्डप्रेस की साइट में अलग से विकल्प होता है और अन्य साइट में कोडिंग की सहायता से ऐड किया जाता है।
  • कीवर्ड डेंसिटी :- किसी भी कांटेक्ट में ऑन पेज सेटिंग करने के लिए कीवर्ड डेंसिटी का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। गूगल के एल्गोरिदम के अनुसार एक कॉन्टेंट में कुछ कीवर्ड डेंसिटी निर्धारित की जाती है उसी के अनुसार अपने कांटेक्ट में कीवर्ड डालने अनिवार्य होते हैं। गूगल एल्गोरिदम के अनुसार ऑन पेज सेटिंग करने के बाद ही आपकी साइट जल्दी गूगल में क्रॉल होती है और ऑर्गेनिक ट्रैफिक हासिल कर पाती है।
  • इमेज ऑल टैग : जिसकी वर्ड का इस्तेमाल आपने अपने कॉन्टेंट में किया है यदि आप उसे इमेज ऑल टैग में भी यूज करेंगे तो वह बहुत जल्द गूगल में क्रॉल हो जाता है। ऑन पेज सेटिंग का यह बहुत ही महत्वपूर्ण फीचर है। आप जो भी कॉन्टेंट के बीच में इमेज डालते हैं उसमें कीवर्ड का ऑल टैग जरुर लगाएं ताकि आपके कांटेक्ट के साथ आपकी इमेज भी ऑन पेज सेटिंग के अनुसार सेट की जा सके।
  • यूआरएल स्ट्रक्चर : आपके कांटेक्ट या वेबसाइट का यूआरएल स्ट्रक्चर कैसा है यह भी ऑन पेज सेटिंग में देखना बहुत जरूरी होता है। यूआरएल से पता चलता है कि आपकी वेबसाइट के कौन से पेज या ब्लॉग में किस टॉपिक के बारे में बताया गया है।
  • इंटरनल लिंक :- अपने एक ब्लॉक को दूसरे ब्लॉक के साथ इंटरलिंक करने से आपकी वेबसाइट का ट्रैफिक एक ब्लॉग से दूसरे ब्लॉक तक जाता है जिससे ट्रैफिक बढ़ाने में मदद मिलती है। अधिक ट्रैफिक और ऑन पेज सेटिंग करने के लिए इंटरलिंकिंग करना बहुत आवश्यक होता है।
  • हाईलाइट इंपॉर्टेंट कीवर्ड : जो भी इंपॉर्टेंट कीवर्ड आपने अपने कंटेंट में यूज किए हैं उन्हें हाईलाइट जरूर करें उससे गूगल उन कीवर्ड को देखता है और आपके उस ब्लॉक को आसानी से और जल्दी क्रॉल करता है।
  • यूज हेडिंग टैग :- वर्डप्रेस में जब भी आप कांटेक्ट लिखकर पोस्ट करते हैं तो वहां पर आपने देखा होगा कुछ हेडिंग टैग भी आते हैं। आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले हेडिंग टैग H1 से H6 तक होते हैं। आपके कंटेंट का जो भी पार्ट मेन होता है उसे h1 टैग में रखें और बाकी सबको उनकी जरूरत के अनुसार अन्य h-tag में लगा दे। इससे आपका कंटेंट आकर्षित भी लिखेगा और ऑन पेज में मदद करेगा।
  • पोस्ट गुड लेंथ : ऑन पेज सेटिंग में यह बहुत मायने रखता है कि आपने अपने कंटेंट में कितने शब्दों का इस्तेमाल किया है। आपका कंटेंट किसी भी विषय पर हो उस विषय से संबंधित सभी जानकारी आपकी पोस्ट में होनी चाहिए कम से कम 2000 शब्दों का एक कंटेंट आप को ऑन पेज SEO के अनुसार तैयार करना जरूरी होता है।
  • गूगल साइट मैप :- अपने ब्लॉग या पोस्ट को सर्च इंजन तक पहुंचाने के लिए गूगल साइट मैप में अपने ब्लॉग या पोस्ट का लिंक डाला जाता है ताकि आपका ब्लॉग जल्दी से गूगल के सर्च इंजन में पहुंच जाए।
  • चेक ब्रोकन लिंक्स :- कभी-कभी पोस्ट के दौरान कुछ पॉइंट या लिंक छूट जाते हैं जिससे आपकी पोस्ट या ब्लॉक का लिंक ब्रोकन हो जाता है ऐसे लिंक गूगल में क्रॉल नहीं होते हैं इसलिए समय-समय पर अपनी वेबसाइट पर डाले हुए ब्लॉग या पोस्ट के लिंक को चेक करते रहें।
  • SEO फ्रेंडली URL : आपके कांटेक्ट का यूआरएल SEO फ्रेंडली होना चाहिए मतलब छोटा आसान और मीनिंग फुल। ताकि वे आसानी से खोजकर्ताओं तक पहुंच सके। मतलब अगर कोई गूगल में सर्च करता है तो आसानी से आपका यूआरएल क्रॉल होकर सर्च करने वाले व्यक्ति तक पहुंचे।

 

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  • गूगल एनालिटिक्स : आपकी वेबसाइट पर कौन से ब्लॉग पर कितने रीडर्स आते हैं और किस टाइम आते हैं इन सभी बातों की जानकारी प्राप्त करने के लिए आपको अपनी वेबसाइट गूगल एनालिटिक्स के साथ जोड़नी बहुत जरूरी है।
  • सोशल मीडिया बटन :- आपकी वेबसाइट के पेज पर सोशल मीडिया से संबंधित सारे बटन होने चाहिए ताकि कोई रीडर आपकी पोस्ट को पड़ता है और उसे पसंद आती है तो वह आसानी से अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उसे शेयर कर सके।
  • एचटीएमएल पेज साइज :- अगर आपकी वेबसाइट एचटीएमएल पर है तो उसका पेज साइज गूगल एल्गोरिदम के अनुसार होना बहुत आवश्यक होता है। यह ऑन पर सेटिंग का एक महत्वपूर्ण फैक्टर है।
  • Clear Page cache : कभी-कभी गूगल पर जवाब का पेट्रोल कर जाता है तो उसमें थोड़ा बहुत कूड़ा कचरा आ जाता है जिसे कुकीज या cache कहते हैं। अपनी वेबसाइट या ब्लॉग पर जिससे उसे समय-समय पर क्लीन करना बहुत जरूरी होता है।
  • वेबसाइट सिक्योरिटी Https etc : अपनी वेबसाइट और ब्लॉग की सिक्योरिटी का ध्यान रखना आपकी जिम्मेदारी बनता है। बहुत सारे हैकर्स और हेटर ऐसे होते हैं जो आपकी वेबसाइट को नुकसान पहुंचा सकते हैं या फिर ब्लॉक भी करा सकते है। ऐसे में अपनी वेबसाइट को सुरक्षित रखना केवल आपके हाथों में होता है।

ऊपर बताए गए सभी बिंदु ऑन पेज SEO सेटिंग के लिए बहुत ज्यादा आवश्यक और अनिवार्य हैं। यदि आप अपनी वेबसाइट या ब्लॉग पर इन सभी बातों का ध्यान रखकर काम करते हैं तो आपकी वेबसाइट गूगल में बहुत जल्दी टॉप रैंकिंग में शामिल हो जाएगी। अब बात कर लेते हैं कुछ महत्वपूर्ण off Page SEO फैक्टर्स के बारे में.

2. Off-Page SEO

Off page SEO का सारा काम blog के बाहार होता है. Off page SEO में हमे अपने blog का promotion करना होता है जैसे बहुत से popular blog में जाकर उनके article पर comment करना और अपने website का link submit करना इसे हम backlink कहते हैं. Backlink से website को बहुत फायेदा होता है.

Social networking site जैसे Facebook, twitter, Quora पर अपने website का attractive page बनाइये और अपने followers बढाइये इससे आपके website में ज्यादा visitors बढ़ने के chances होते हैं.

बड़े बड़े blogs में जो बहुत ही मसहुर हैं उनके blog पर guest post submit करीए इससे उनके blog पे आने वाले visitors आपको जानने लगेंगे और आपके website पर traffic आना शुरू हो जायेगा.

 

Off Page SEO कैसे करे

 

  • गेस्ट पोस्टिंग :- गेस्ट पोस्टिंग का सीधा और सरल शब्दों में अर्थ यह है कि दूसरे किसी अच्छे ब्लॉगर यार वेबसाइट पर जाकर जो आपके विषय से संबंधित वेबसाइट चलाता हो उस पर एक अच्छा सा कंटेंट लिखकर पोस्ट करना जिसमें आप अपने वेबसाइट की इंटरलिंकिंग कर सकते हैं उसे गेस्ट पोस्टिंग कहा जाता है। उससे आपकी वेबसाइट को बहुत ही पावरफुल बैकलिंक मिलता है। जो आपकी वेबसाइट के लिए लॉन्ग टर्म और क्वालिटी बैकलिंक के रूप में भी जाना जाता है।
  • फॉर्म पोस्टिंग :- गूगल पर बहुत सारी ऐसी वेबसाइट होती है जहां पर आप अपनी वेबसाइट को प्रमोट करने के लिए फॉर्म पोस्टिंग कर सकते हैं। ऐसी साइट आपके साइट के लिंक को गूगल में क्रॉल करते हैं और जल्दी टॉप रैंकिंग में पहुंचाते हैं।
  • ब्लॉग कमेंटिंग :- गूगल पर ऐसी भी बहुत सारी साइड है जहां पर आप अपनी वेबसाइट के लिंक को कमेंट करके एक अच्छा बैकलिंक बना सकते है। जो आपके वेबसाइट पर ऑफ पेज का काम करते हैं।
  • अन्य एक्टिविटीज :- इसके अलावा कुछ और भी एक्टिविटीज होती हैं जो ऑफ पेज सबमिशन में आती हैं जैसे कि- ब्लॉग डायरेक्टरी सबमिशन, सर्च इंजन सबमिशन, क्लासिफाइड सबमिशन साइट, वीडियो शेयरिंग साइट, फोटो शेयरिंग साइट, क्वेश्चन आंसरिंग साइट।

3. Local SEO

अक्सर लोग यह पूछते है के Local SEO क्या होता है? मेरी मानें तो इसका जवाब वहीँ इसके सवाल में ही छुपा हुआ है.

Local SEO को अगर विसलेसन करें तब ये दो शब्दों का समाहार है Local + SEO. यानि की किसी local audience को ध्यान में रखकर किया जाने वाला SEO को Local SEO कहा जाता है.

यह एक ऐसे technique है जिसमें की आपकी website या blog को ख़ास तोर से optimize किया जाता है जिससे की search engine पर बेहतर rank करे एक local audience के लिए.

वैसे एक website की मदद से आप पुरे internet को target कर सकते हैं, वहीँ अगर आपको एक paticular locality को ही target करना है तब इसके लिए आपको Local Seo का इस्तमाल करना होगा.

इसमें आपको optimize करना होगा आपके शहर के नाम, वहीँ इसके address details को भी साथ में optimize करना होगा. वहीँ इसे संक्ष्यिप्त में कहें तब आपको कुछ ऐसे तरीके से अपने site को optimize करना होगा जिससे की लोगों को केवल online ही नहीं बल्कि offline में भी आपको जान सकें. 

Black Hat vs White hat vs Gray hat SEO क्या है

हर काम को लोग अलग अलग तराह से करना पसंद करते है। जैसे कोई सही तरीके अपनाते है तो कोई गलत तरीके अपनाकर काम करते है। Black, white और Gray hat SEO भी कुछ इसी तराह है।

Black Hat एसईओ क्या है

बहुत से beginners को लगता है कि Black hat SEO एक तराह का एसईओ है।

लेकिन black hat seo का मतलब, ये शिर्फ़ एक word है। जिसका उपयोग search engine algorithms को trick करने के लिए किया गया कोई भी activities को Black Hat SEO कहा जाता है।

या हम simple भाषा में कहे तो, अगर हम किसी content को Google Guidelines के against उसे search engine पर rank करने की कोसिस करेंगे तो उसे आप Black hat से केह सकते है।

और black hat SEO techniques से आपकी ब्लॉग की रैंक low होगी। साथ ही आपको google search result से banned भी होना पड़ेगा।

इसलिए Black hat seo को आप कभी भी फॉलो मत करे।

White Hat एसईओ क्या है

ये Black hat seo के opposite होता है. यानी जब हम किसी content को Google webmaster Guidelines को follow करके सर्च रिजल्ट पेज पर उसको high rank करने के लिए जो भी SEO Tips Apply करते है उसे white hat एसईओ केहते है।

और long tram blogging में आपको हमेसा white hat seo follow करना होगा।

Gray Hat एसईओ क्या है

जब आप किसी कंटेंट को black hat और white hat दोनों seo करके सर्च इंजन पर high rank पाने के लिए optimize करते है तो उसे Gray Hat SEO केहते है।

और gray hat seo techniques से भी आपकी ब्लॉग की rank down हो सकती है। इसलिए आप इसे भी avoid करे तो बेहतर होगा।

Local SEO का उदहारण

अगर आपके पास एक local business हो, जैसे की एक दुकान, जहाँ की लोगों का आपके यहाँ अक्सर जाना आना हो, तब ऐसे में यदि आप अपने website को optimize करते हैं कुछ ऐसे की जिससे real life में भी लोग आपके पास आसानी से पहुँच सके.

यदि यहाँ पर आप केवल अपने ही किसी local area को ही target करते हैं और उसी हिसाब से आपके site को seo optimized करते हैं. तब इस प्रकार के SEO को “local SEO” कहा जाता है.

SEO और Internet marketing में Differnce क्या है?

बहुत से लोगों में SEO और Internet Marketing को लेकर बहुत doubts होते हैं. उन्हें लगता है की ये दोनों प्राय समान हैं. लेकिन इसके जवाब में मैं ये कहना चाहता हूँ की SEO एक प्रकार का Tool हैं ये इसे Internet Marketing का एक हिस्सा भी कह सकते हैं. इसके इस्तमाल से Internet Marketing को कर पाना बहुत ही आसान हो जाता है.

SEO और SEM में क्या अंतर है?

SEO और SEM में जो मुख्य अंतर है वो ये की SEO एक महत्वपूर्ण हिस्सा है SEM का. चलिए दोनों SEO और SEM के विषय में जानते हैं.

SEO SEM
SEO या Search Engine Optimization एक process है जिसके द्वारा एक Blogger अपने Blog या Website को कुछ इसप्रकार से optimize करता है की जिससे वो blog के articles को Search Engine में rank कर सकें और वहां से अपने blog पर free traffic ला सके. SEM या Search Engine Marketing एक marketing process है जिसके द्वारा आप अपने blog को search engines में ज्यादा visible बना सकते हो जिससे आपको traffic आये चाहे वो free traffic (SEO) हो या फिर paid traffic (Paid Search Advertisement).

SEO और SEM में क्या अंतर है

SEO का मुख्य उद्देश्य है की आपका blog/website ठीक ढंग से optimize हो सके ताकि search engine में better ranking प्राप्त कर सके. वहीँ SEM से आप SEO की तुलना में ज्यादा चीज़ प्राप्त कर सकते हैं. क्यूंकि ये केवल Free traffic तक ही सिमित नहीं है बल्कि इसमें दुसरे methods भी शामिल हैं जैसे की PPC advertising इत्यादि.

SEO के बारे में जानकारी (Terms)

यदि आपका कोई blog है या कोई website है तब तो आपको basic seo के बारे में बहुत कुछ पता होगा की ये कैसे काम करता है. लेकिन मुझे पता हैं आप में से ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिन्हें की Basic SEO के बारे में भी कुछ जानकारी नहीं है.

इसलिए मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण SEO Terms के बारे में जानकारी दे दी जाये जिससे की आपको भी इसके बारे में पता चल सके.

  • Backlink:  इसके inlink या simply link भी कहा जाता है, ये एक hyperlink होता है किसी दुसरे website में जो की आपके Website के तरफ इशारा करता है. Backlinks seo के नज़रिए से बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, क्यूंकि ये किसी भी Webpage की Search Ranking को directly influence करता है.
  • PageRank: PageRank एक algorithm है जिसे की Google इस्तमाल करता है ये अनुमान लगाने लिए की Web में कोन कोन सी Relative important pages स्तिथ हैं.
  • Anchor text:  किसी भी backlink का Anchor Text के प्रकार का text होता है जो की clickable होता है. यदि आपके Anchor Text में आपका Keyword मेह्जुद है तब तो ये आपको SEO के दृष्टी से भी काफी मदद करेगा.
  • Title Tag:  Title Tag मुख्य रूप से किसी भी Web Page का Title होता है और ये बहुत ही महत्वपूर्ण factor है Google’s Search Algorithm के लिए.
  • Meta Tags:  Title Tag के जैसे ही Meta Tag का इस्तमाल से Search Engines को ये पता चलता है की Pages में content में क्या स्तिथ है.
  • Search Algorithm:  Google’s search algorithm की मदद से हम ये पता कर सकते हैं की पुरे Internet में कोन सी Web Pages relevant हैं. लगभग 200 algorithms काम करती हैं Google के Search Algorithm में.
  • SERP:  इसके full form हैं Search Engine Results Page. ये basically उन्ही pages को show करता है जो की Google Search Engines के हिसाब से Relevant हों.
  • Keyword Density:  ये Keyword Density से ये पता चलता है की कितनी बार कोई भी Keyword article में कितनी बार इस्तमाल की गयी हैं. Keyword Density SEO की दृष्टी से काफी महत्वपूर्ण है.
  • Keyword Stuffing:  जैसे की मैंने पहले ही कहा की Keyword Density SEO की दृष्टी से काफी महत्वपूर्ण है लेकिन अगर कोई Keyword को जरुरत से ज्यादा इस्तमाल किया जाये तो उसे Keyword Stuffing कहते हैं. ये Negative SEO कहलाता हैं क्यूंकि इससे आपके Blog पर ख़राब असर पड़ता है.
  • Robots.txt:  ये ज्यादा कुछ नहीं बस एक File होती है जिसे की Domain के Root में रखा जाता है. इसके इस्तमाल से search बोट्स को ये सूचित किया जाता है की Website की Structure कैसी है.

Social Bookmarking Sites

इनके अलावा कुछ सोशल बुकमार्किंग साइट होते हैं जिन पर ऑफ पेज बैकलिंक बनाकर अपनी साइट को गूगल की टॉप रैंकिंग में लाया जा सकता है।

  • टंबलर/Tumblr : यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है जहां पर आप अपना अकाउंट बनाकर अपनी पोस्ट, ब्लॉग या नए थॉट्स शेयर करके ट्रैफिक ला सकते हो। ऑफ पेज सियो के लिए यह सबसे अच्छी सोशल बुकमार्किंग साइट है।
  • पिंटरेस्ट/Pinterest : सोशल बुकमार्किंग के लिए इंटरेस्ट भी काफी बेहतरीन साईट है जहां पर इमेज के जरिए आप अपनी साइट का प्रमोशन कर सकते हैं और इस साइट पर पोस्ट किया गया कंटेंट जल्दी से गूगल में क्रॉल भी हो जाता है।
  • Diggo : अच्छी डोमेन अथॉरिटी और रेटिंग के साथ डिगो भी सोशल बुकमार्किंग साइट है जहां पर आप आसानी से अपने साइड के कंटेंट ब्लॉक के लिंक आदि को शेयर करके बैकलिंक बना सकते हैं।
  • अन्य सोशल बुकमार्किंग साइट्स : Digg, linkedin, Reddit, stumbleupon, Delicious आदि हैं जिन पर आप अपनी वेबसाइट के लिए ऑफ पेज SEO करके अपने ब्लॉग या वेबसाइट की डोमेन रेटिंग और पेज अथॉरिटी बढ़ा सकते हैं।

Search engine kaise kam karta hai

जैसे अगर आप search करते हो “what is seo तो Search engine पहले से ही crawl और index की हुई Ranking list को आपके सामने ले आता है। जिसे search engine के bots और spider लगातार 24 hours crawl और index करके अपनी Ranking list बना लेते है। और जैसे ही आप कुछ सर्च करते है तो वह आपको search engine Result Page(SERP) पर दिखाई देती है।

वैसे तो सभी search engine के काम करने की अलग अलग technic होती है। लेकिन हर search engine तीन step में काम करता है।

1. Crawling
2. Indexing
3. Ranking

 

Crawling

Crawling किसी भी वेब पेज को Search करने का सबसे पहला Step होता है. इसमे किसी भी Search Engine के Spiders, Bots या Crawlers Search Engine मे Submit की गयी सभी Websites पर जाते है और वहाँ से वह उन Pages को Collect करते है जिनसे उपयोगकर्ता द्वारा Search किये गए Keywords मिलते जुलत हो. Crawling मे Search Engine उसके पास मौजूद सारे Data को Collect कर लेता है जिनमे उपयोगकर्ता का Keywords आता हो.

Indexing

Indexing एक प्रक्रिया हैं जहाँ Crawl के दोरान जो भी Data मिलता है उन सभी Data को Database मे स्थिति करना होता है. Search Engine सिर्फ एक Website को Crawl नहीं करता है बल्कि दुनिया में जितने भी Website है उन सभी Website को Crawl और Indexing करता है. Google Search सम्मेलन के मुताबिक Google Spider प्रतिदिन 3 Trillion Pages Crawl करता है. इसका मतलब ये है की Google के पास विश्व मे जितनी भी Information है उन सब की एक Library है.

Ranking 

Ranking and Retrieval किसी भी Search Engine का सबसे Last लेकिन सबसे महत्वपूर्ण चरण है क्योंकि यही पर वह किसी पेज को बहुत सारे कारण को ध्यान मे रखकर रैंक करता है जिसमे वह वेब पेज को तो देखते ही है साथ में यह भी देखते हैं कि यह Website कितनी लोकप्रिय है कितनी पुरानी है और सामग्री कितनी अच्छी है. Algorithm बहुत सारी होती है जो पेज को सही जगह पर रैंक करवाती है और फिर जब आप कोई भी Information को Search करते हैं तो आपको एक नहीं बल्कि हजारो Results मिल जाते है. Search Engine को जो Information सबसे अच्छी लगती है वह उस Result को सबसे Top पर दिखता है फिर दूसरा तीसरा चौथा और फिर नीचे तो और भी हजारो Result होते है. Ranking and Retrieval मे हर Search Engine के अपनी अपनी अलग Algorithm होती है.

अब आप समझ चुके होंगे कि search engine क्या है और कैसे काम करता है। इसलिए अब आपको search engine optimise समझने में आसानी होगी। क्योंकि seo का सीधा संबंध search engine से होता है।

Organic और inorganic results क्या होते हैं?

SERP (Search Engine Result Page) पर मुख्य रूप ऐ दो तरह की listings होती हैं – Organic और Inorganic.

इसमें Inorganic Listing के लिया हमें Google को पैसे देने होते है। यानि के ये Paid होते हैं और इसमें पैसों का भुक्तान करना पड़ता है।

वहीँ Organic listing पूरी तरह से free होती है यानि की बिना पैसे दिये हम Google के टॉप page पर भी आ सकते हैं, लेकिन इसके लिए पहले आपको SEO करना होता है।

 

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Conclusion

 

तो दोस्तों आपको मेरी यह लेख SEO क्या है Seo का क्या मतलब है इसका क्या उपयोग है जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे.

यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए, तब इसके लिए आप नीचे comments लिख सकते हैं.यदि आपको यह लेख पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter इत्यादि पर share कीजिये.


 

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