Storage Device क्या है और Storage Device के प्रकार

 

आज के समय से सारे चीजे ऑनलाइन हो चुकी है और Technology के मामले में बच्चा-बच्चा जगरूप हो चुका है जैसा नहीं है Storage Device क्या है की आज ही हम इतने आगे Technology के क्षेत्र में बड़े है आज से कई साल पहले ही Technology इस दुनिया में आ चुकी थी जिसके जरिये कई सारी आधुनिक बस्तुए भी देखने को मिलती है. किन्तु कुछ ऐसे उपकरण है जिनका इस्तेमाल हम करते तो है लेकिन उसके बारे में है आज भी नहीं जानते है जिसमे से Storage Device जिसका इस्तेमाल लगभग हर कोई करता है किन्तु बहुत कम लोगो को इसके बारे में पूर्ण जानकारी है.

Storage Device नाम से ही इसके काम का पता चलता है यानी की स्टोरेज डिवाइस के द्वारा किसी भी data, Information, को स्टोर करने के काम में आता है इन Storage Device को अलग-अलग नाम से भी जाना जाता है जैसे की Storage Device, Storage Media, Alternative digital storage device ेट्स। नामो से जाना जाता है लेकिन यदि बात किसी Personal Device की करें जैसे की Mobile या Computer तो इनके अन्दर Data को स्टोर करना का Processor होता है जिनके अंतर्गत data को store करके रखा जाता है जो की मोबाइल या कंप्यूटर की स्टोरेज क्षमता पर निर्भर करता है. ऐसी Device में data को electromagnetic या फिर optical From में store करते है.

जब Processor की electromagnetic system में Store data की जरुरत पड़ती है तो वहा से प्रोसेसर बहुत ही आसानी से स्टोर डाटा को Access कर लेता है इससे मिलती जुलती प्रकिर्या मोबाइल के साथ भी होती है जिसके जरिये स्टोरेज डाटा को हम बहुत ही आसानी से Device की Screen पर देख सकते है. तो चलिए बिना समय गवाए समझ लेते है की Storage Device क्या है और कितने प्रकार के होते है और कैसे काम करते है तो देरी किस बात की आईये जानते है Storage Device की पूरी प्रकिया हिंदी में,

 

Storage Device क्या है और Storage Device के प्रकार
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स्टोरेज डिवाइस क्या है (Storage Device in Hindi)

 

जैसे की मैंने पहले ही कहा है की Storage Devices उन्हें कहा जाता है जो की data और information को जरुरत के हिसाब से termporarily या permanently store करते हैं. ये Data को digitally store करते हैं.

Storage device एक ऐसा computer hardware होता है जिसका इस्तमाल data को सुरक्षित रूप से save, और ज़रूरत के हिसाब से इस्तमाल करने के लिए होता है।  ये information को short-term या long-term के लिए स्टोर कर सकते हैं.

इन Storage device को आप कम्प्यूटर या सर्वर के भीतर या बाहर पा सकते हैं। वहीं इन storage device को storage medium या storage media के नाम से भी संभोधित किया जाता है. किसी भी एक कम्प्यूटर डिवाइस की यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। वहीं ये अलग अलग आकार और प्रकार में उपलब्ध होते हैं जो की उनके ज़रूरत और functionalities के ऊपर निर्भर करता है.

 

स्टोरेज डिवाइस क्या है (What is Storage Devices in Hindi)

 

Storage device कंप्यूटर हार्डवेयर का वह भाग होता है जिनका इस्तेमाल किसी भी data तथा application को स्टोर करने, पोर्ट करने, डाटा फ़ाइल को extract करने तथा डाटा को exchange करने के लिए किया जाता है। यह किसी डाटा या इन्फॉर्मेशन को स्थायी (permanently) और अस्थायी (temporary) दोनों रूप से रखने का काम करता हैं।

स्टोरेज डिवाइस कई प्रकार का होता हैं तथा इन सभी के अपने स्वयं विशेष लाभ और कमियाँ होती हैं। Storage डिवाइस को स्टोरेज मीडिया या स्टोरेज माध्यम के रूप में भी जाना जाता है। उदाहरण के लिए- एक standard कंप्यूटर में RAM, ROM, Hard disk और Cache सहित कई अन्य storage device होते है।

 

Storage Device के प्रकार

 

Computers में जो storage device का इस्तमाल होता है वो मुख्य तोर से चार प्रकार के होते हैं. चलिए अब हम उन Storage Device के अलग अलग प्रकार के बारे में जानते हैं।

1.  Primary Storage Device
2.  Secondary Storage Device
3.  Tertiary Storage Device
4.  Off-line Storage Device

Primary Storage Devices

  • इन Primary Storage Devices को main memory भी कहा जाता है.
  • ये वो direct memory होती है जो की accessible होती है Central Processing Unit (CPU) के द्वारा वो भी  via एक memory bus के द्वारा.
  • ये स्टॉरिज डिवाइस volatile होते हैं।
  • इनकी memory temporary होती है, यानी की जैसे की डिवाइस को switch off या reboot किया जाता है तब इनकी memory erase हो जाती है।

Example

  • RAM
  • ROM
  • Cache

 

 

Secondary Storage Devices

ये Secondary Storage Devices ऐसे storage डिवाइस होते हैं जो की directly accessible नहीं होते हैं Central Processing Unit के द्वारा।

  • इसमें input और output channels का इस्तमाल किया जाता है इस प्रकार के storage devices को कम्प्यूटर के साथ connect करने के लिए। क्यूँकि ये मुख्य रूप से external होते हैं।
  • ये non-volatile होते हैं और साथ में इनमें ज़्यादा storage capacity होती है primary storage डिवाइस की तुलना में।
  • इस प्रकार की storage permanent होते हैं जब तक की external factor के द्वारा न निकाला जाए।
  • इनमें दोनो ही internal और external memory पायी जाती है।

Example:  Hard disk

 

 

सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस उदाहरण (Example of Secondary Storage Devices in Hindi)

 

Hard Disk Drive

 

Hard Disk drive एक non-volatile magnetic स्टोरेज डिवाइस हैं जो ये बड़ी मात्रा में डाटा को स्टोर करने मे सक्षम होता हैं। यह internal हार्ड ड्राइव कंप्यूटर की मुख्य स्टोरेज डिवाइस होती है। लगभग ये सभी laptop और desktop कंप्यूटर में स्थापित पाया जाता है। यह ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर प्रोग्राम्स तथा उपयोगकर्ता के documents, जैसे photographstext filesvideos, और audio आदि स्टोर करता हैं।

इसका उपयोग कंप्यूटर पर डाटा को स्थायी (permanently) रूप से store और retrieve करने, पोर्टेबल करने और बैकअप स्टोर करने के लिए किया जाता हैं। आमतौर पर, ये कंप्यूटर के internal भाग मे motherboard से जुड़े होते हैं। कंप्यूटर के internal भाग के अलावा, ये removable external हार्ड ड्राइव भी होता है जो बाहरी हार्ड ड्राइव USB connection के द्वारा डिवाइस से जुड़ते हैं।

 

Floppy Diskette

 

Floppy diskette को संक्षिप्त मे FD नाम से भी जाना जाता है। फ्लॉपी डिस्क एक ऐसा स्टोरेज माध्यम है जो डाटा को स्टोर करने के लिए magnetic storage टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है। फ्लॉपी डिस्क 1970 से लेकर 21वीं सदी की शुरुआत तक चली थी, उस समय इसका इस्तेमाल कंप्यूटर के लिए एक सामान्य स्टोरेज डिवाइस हुआ करती थी। शुरुआती समय में, फ्लॉपी डिस्क 8 इंच (203 मिमी) आकार के होते थे, लेकिन कुछ समय बाद इन्हें 5 1⁄4 इंच (133 मिमी) डिस्क ड्राइव में बदल दिया गया और अंत में 3 ½ इंच (90 मिमी) वर्ज़न आया।

 

Solid State Drive

 

SSD का फुलफोर्म solid state drive होता है। यह भी HDD की तरह डाटा स्टोर करने वाली स्टोरेज डिवाइस टेक्नोलॉजी है। ये कंप्यूटर में इस्तेमाल की जाने वाली storage device की latest technology हैं। ये traditional डिस्क ड्राइव की बजाय नेटबुक, लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर जैसी डिवाइसों में इस्तेमाल किया जाता है।

SSD का HDD की तरह कोई मूविंग पार्ट नहीं होता है इसलिए इसमें HDD की तुलना में power consumption बहुत कम होता हैं और बेहतरीन परफॉर्मेंस देता है। इस स्टोरेज डिवाइस की लॉन्ग लाइफ HDD से काफी अधिक होती है। SSD काफी तेज़ स्पीड से डाटा को read/write करता हैं जिस कारण इसकी अधिक स्पीड होने की वजह से access समय भी बहुत कम लेता हैं। ये HDD से अधिक महंगी स्टोरेज डिवाइस हैं।

 

Optical Storage Device

 

CD और DVD का फुलफोर्म क्रमशः Compact Disc और Digital Versatile Disc होता हैं। CD और DVD सबसे साधारण और पॉपुलर optical storage माध्यम है। इस डिस्क का इस्तेमाल स्टोर डाटा को बाद में excute या retrieve करने के लिए किया जाता हैं। ये ऑप्टिकल स्टोरेज CD और DVD का प्रयोग सॉफ्टवेयर स्टोर करने, बैकअप फाइल save करने की साथ-साथ म्यूजिक और वीडियो भी स्टोर करते हैं।

यह ऐसी तकनीक है जो डेटा को read/write के लिए लेजर और रोशनी का प्रयोग करती है। आमतौर पर, एक स्टैंडर्ड CD मे 80 मिनट की 700 MB डेटा स्टोर करता है, लेकिन DVD, CD की तुलना में बहुत अधिक डाटा स्टोर करने की क्षमता रखता है। DVD कई प्रकार की स्टोरेज क्षमता की आती है जो 4.7 GB से शुरू होकर अधिकतम 17.08 GB तक होती हैं।

 

USB Flash Drive

 

यह पोर्टेबल सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस होता है जो USB पोर्ट के माध्यम से कंप्यूटर में कनेक्ट होता हैं। इसे data stick, Pen drive, kitchen drive, thumb drive और USB flash drive के नाम से भी जाना जाता है। Storage Device क्या है इसके द्वारा बड़ी मात्रा में डाटा को स्टोर करने के लिए एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर पर डाटा ट्रांसफर करने का सबसे आसान तरीका है। इनकी स्टोरेज क्षमता 2 GB से लेकर 1 TB तक हो सकती हैं।

USB Flash Drive में कोई मूविंग पार्ट नही होता है इसके स्थान पर इसमे integrated circuit होता है जिसमें डाटा स्टोर करने के लिए एक embedded memory chip लगी होती है।

 

Tertiary Storage Devices

 

ये Tertiary Storage Devices उतनी ज़्यादा महत्वपूर्ण नहीं होती है और अक्सर ये पर्सनल कम्प्यूटर का हिस्सा भी नहीं होती है।

  • अक्सर पाया गया है की इसमें एक robotic mechanism का इस्तमाल होता है जो की removable mass storage media को mount या dismount करती है एक storage device में।
  • इस प्रकार की storage डिवाइस में robotic functions का उपयोग होता है।
  • इसमें बार बार इंसानी हस्तक्षेप की ज़रूरत नहीं पड़ती है और ये automatically ही अपना काम करने में सक्षम होती है।
  • यह एक comprehensive computer storage system होता है जो की बहुत ही धीमा होता है, इसलिए इसका इस्तमाल अक्सर डेटा को archive करने के लिए किया जाता है जिन्हें की बार बार access नहीं किया जाता हो।

Example:

  • Magnetic Tape
  • Optical Disc

Off-line Storage Devices

  • इन Offline Storage Devices को disconnected storage भी कहा जाता है.
  • यह एक ऐसी computer data storage होती है जो की processing unit के कंट्रोल में नहीं होती है।
  • इसे किसी इंसान द्वारा ही कनेक्ट करना पड़ता है इससे पहले की कोई कम्प्यूटर इसे फिर से access करे।

इस प्रकार के storage devices को disconnected या removable storage भी कहा जाता है।
Example:

  • Floppy Disk
  • Zip diskette
  • USB Flash drive
  • Memory card

 

 

 

कंप्यूटर स्टोरेज डिवाइस उदाहरण (Computer Storage Device Examples in Hindi)

 

Magnetic Storage Devices

आज के समय में, magnetic storage कंप्यूटर के साथ इस्तेमाल की जाने वाली सबसे सामान्य प्रकार के storage मे से एक है। अधिकतर यह बड़े HHDs या Hybrid Hard Drive पर पायी जाती हैं।

  • Floppy diskette
  • SSDs (Solid-state drives)
  • HDDs (Hard disk drives)
  • Magnetic strip
  • SuperDisk
  • Tape cassette
  • Zip diskette

Optical Storage Devices

यह एक दूसरा सामान्य प्रकार की डाटा को स्टोर करने वाली Optical storage devices होती हैं जो डाटा को read और write करने के लिए Lasers और lights का इस्तेमाल करता हैं।

  • CD Disc
  • CD-ROM Disc
  • Blu-ray Disc
  • DVD-R, DVD-RW Disc

Flash Memory Devices

अधिकांश Flash memory devices सस्ते होने के कारण magnetic और optical media स्टोरेज डिवाइसो को बदल कर रख दिया हैं क्योंकि यह इस्तेमाल करने में अधिक efficient और reliable हैं।

  • SSD
  • SD card
  • SDHC Card
  • Memory card
  • MMC (Multi Media Card)
  • USB flash drive (Jump/Thumb drive)
  • XD-Picture Card
  • SmartMedia Card
  • Sony Memory Stick

Cloud Storage

वर्तमान समय में, डाटा को online और cloud storage पर स्टोर करना अधिक लोकप्रिय हो रहा है क्योंकि इस डिजिटल ज़माने में लोगों को किसी भी स्थान से अपने डाटा इन्फॉर्मेशन को एक से अधिक devices से एक्सेस करने की जरूरत पड़ती हैं।

  • Cloud storage
  • Network media

Paper storage

कंप्यूटर के प्रारंभिक दौर में, सूचनाओं को स्टोर करने के लिए किसी भी टेक्नोलॉजी का आविष्कार नही हुआ था, इसलिए सूचनाओं को store करने के लिए कागज पर निर्भर रहना पड़ता था। अब आज के समय में, paper storage का इस्तेमाल शायद ही कभी किया जाता है अथवा कही पर पाया जाता हैं।

  • OMR
  • Punch card

 

कंप्‍यूटर मेमोरी की यूनिट (Computer Memory Units in Hindi)

 

कम्प्युटर सिर्फ मशीनी भाषा ही समझता है, Storage Device क्या है जिसमें केवल 0 और 1 दो अंको की Computer Memory में डाटा स्टोर करती हैं। इसको दो संख्याओं का Bits या Binary Digit कहते हैं।

कम्प्युटर की machine language बायनरी कोड में लिखी जाती है और इसकी शुरुआत 8 Bits या 8 Digits (जैसे- 10101001) से होती हैं। ये 8 Bits का समूह 1 Byte कहलाता हैं।

Name Size
1 Bit Single Digit 0 or 1
1 Nibble 4 Bits
1 Byte 8 Bits
1 KB (Kilobyte) 1024 Bytes
1 MB (Megabyte) 1024 KB
1 GB (Gigabyte) 1,024 MB
1 TB (Terabyte) 1,024 GB
1 PB (Petabyte) 1,024 TB
1 EB (Exabyte) 1,024 PB
1 ZB (Zetta byte) 1,024 EB
1 YB (Yotta Byte) 1,024 ZB
1 Bronto Byte 1,024 YB
1 Geop Byte 1,024 Bronto Byte

 

 

Online और cloud storage device

 

आज कल का दौर ऐसा गया है कि, सब को घर बैठे ही क्लाउड चाहिए होता है । तो क्लाउड स्टोरेज डिवाइस की चाहत काफी ज्यादा बढ़ गई है । ऐसे में ऑनलाइन और क्लाउड स्टोरेज डिवाइस ऐसा कर पाने में पूर्ण सक्षम नजर आती है, क्योंकि इन्हें कोई भी कहीं से भी एक्सेस कर सकते हैं ।

 

Cloud storage device के उदाहरण

 

चलिए अब कुछ क्लाउड स्टोरेज डिवाइस के उदाहरणों के बारे में जानते हैं ।

Cloud storage

इसमें डाटा को मैनेज किया जाता है, remotely और साथ में इसे उपलब्ध करवाया जाता है, एक नेटवर्क के माध्यम से । इसके बेसिक फीचर्स को तो आप मुफ्त में इस्तेमाल कर सकते हो, लेकिन यदि आप की खपत की सीमा बढ़ती है, तब आपको इसके लिए ज्यादा पैसों का भुगतान करना पड़ सकता है ।

नेटवर्क मीडिया 

ऑडियो, वीडियो, इमेजेस या टेक्स्ट इन सभी को एक कंप्यूटर नेटवर्क में इस्तेमाल किया जाता है । इसमें लोगों का एक समूह कुछ कांटेक्ट को ऑनलाइन बनाते हैं, और कुछ एक दूसरे के साथ शेयर भी करते हैं ।

Paper storage device

चलिए अब कुछ पेपर स्टोरेज डिवाइस के उदाहरणों के बारे में जानते हैं ।

ओएमआर

ओ एम आर का फुल फॉर्म होता है, ऑप्टिकल मार्क रिकॉग्निशन । यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें कि इंसानों द्वारा किए गए marked डाटा को कंप्यूटर किया जाता है । उदाहरण के लिए सर्वेश और टेस्ट्स । वहीं इसका उपयोग प्रश्नावली को कई विकल्पों के साथ पढ़ने के लिए किया जाता है । जिन्हें छायांकित किया जाता है । 

Punch card 

यह एक शब्द पेपर का हिस्सा होता है, जिसका इस्तेमाल डिजिटल इंफॉर्मेशन को स्टोर करने के लिए होता है, जो कि perforated holes से आ रहे होते हैं । पूर्व निर्धारित पदों में छिद्रों की उपस्थिति या अनुपस्थिति डाटा को परिभाषित करती है ।

 

 

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