NFC kya hai ? NFC कैसे कार्य करता है? (NFC Full Form in Hindi)

दोस्तों आप ने अपने मोबाइल फ़ोन की सेटिंग में NFC का ऑप्शन देखा होगा या किसी से ये नाम जरूर सुना होगा। अब ये NFC kya hai ? कैसे काम करता है। इसके क्या फायदे है और हम इसे कैसे इस्तेमाल कर सकते है। ये सब जानकारी आज मैं इस पोस्ट में देने वाला हूँ।

NFC का पूरा नाम या फुल फॉर्म है ” Near Field Communication “। जैसा की इसके नाम से ही हमें पता चल रहा “Near Field ” मतलब आस पास या जो ज्यादा दूर न हो वंहा तक कम्युनिकेशन करना। अब ये कम्युनिकेशन में कुछ भी हो सकता है जो की Device पर निर्भर करता है की वो क्या क्या फीचर दे रही। लेकिन इसके काम करने की रेंज सिर्फ 4 से 5 सेंटीमीटर है।

अगर ये 4-5 सेंटीमीटर की रेंज में काम करती है तो इस से डिवाइस की बैटरी बहुत कम इस्तेमाल होती है। और ये बहुत फास्ट काम करती है। यह एक वायरलेस सर्विस है जिस तरह आप ब्लूटूथ और वाईफाई का इस्तेमाल करते हैं।

 

NFC kya hai ? NFC कैसे कार्य करता है? (NFC Full Form in Hindi)
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NFC क्या है? (What is NFC)

 

NFC का फुल फॉर्म Near Field Communication है, जिसे हिंदी में नजदीक फील्ड संचार कहां जाता है। NFC एक आधुनिकीकरण टेक्नोलॉजी है, जिसके माध्यम से दोनों डिवाइस को पास में करके बिना किसी Wire कनेक्शन के एक दूसरे डिवाइस के साथ आप कनेक्शन तैयार करके एक दूसरे डिवाइस के साथ डाटा का आदान प्रदान कर सकते हैं, वह भी बिना दो डिवाइस को Pair या Configure किए।

ज्यादातर Mobile के बैटरी में या फिर बैक कवर में NFC का चिप लगा हुआ होता है, जिसे कि आप मोबाइल के सेटिंग में जाकर Enable कर सकते हैं। NFC का इस्तेमाल वर्तमान समय में केवल एक दूसरे डिवाइस के साथ डाटा का लेनदेन करने के लिए ही नहीं, बल्कि Debit, Credit कार्ड से Direct Payment करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है, परंतु भारत में इसकी लिमिट केबल ₹2000 हैं।

NFC सिस्टम में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडियो फील्ड का उपयोग किया जाता है, जिस वजह से आपको दो डिवाइस के बीच कनेक्शन तैयार करने के लिए एक दूसरे डिवाइस को एक दूसरे के पास में टच करके रखना पड़ता है, NFC kya hai ? जिसका फ्रीक्वेंसी रेंज 3 से 4 सेंटीमीटर का ही होता है, इस NFC कनेक्शन का रेंज इतना कम होता है, कि यदि आप दो डिवाइस को थोड़ा भी दूर ले जाते हैं, तो कनेक्शन नहीं बन पाता।

NFC को इस्तेमाल करके लोग आज एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस में डाटा Share या फिर Received करते है, सिर्फ यह ही नहीं बल्कि हमें आज के समय में NFC Tags भी देखने को मिल जाते हैं, NFC Tags में बहुत ही कम स्टोरेज होता है, जिसमें हम हमारे जरूरी डेटा या फाइल को सेव करके रख सकते हैं, और बाद में जरूरत पड़ने पर हम उन डाटा को NFC के द्वारा प्राप्त भी कर सकते हैं।

 

 

NFC कुछ हद तक मोबाइल के Bluetooth जैसा है परंतु NFC और Bluetooth में कई अंतर है, जैसे Bluetooth से डाटा का आदान प्रदान करने से पहले आपको दोनों डिवाइस को एक साथ Pair करना होता है, पर वही NFC के माध्यम से कोई डेटा का लेनदेन करने के लिए हमें कोई भी डिवाइस को Pair करना नहीं होता है। NFC 106 kbps से लेकर 424 kbps तक का स्पीड प्रदान करता है।

 

NFC Full Form in Hindi

 

NFC Full Form “Near Field Communication”होता है जिसे हिंदी में NFC Ka Full Form “नियर फील्ड कम्युनिकेशन” होता है।

NFC Ka Kya Matlab Hota Hai व Full Form of NFC क्या है यह तो आप अच्छे से जान गए होंगे लेकिन आपके मन में अब सवाल आ रहा होगा की NFC Kaise Use Karte Hai तो आगे जानते है इसका जवाब।

 

NFC के प्रकार (Types of NFC)

 

NFC मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं.

Active NFC Device
Passive NFC Device

 

1. Active NFC Device

 

Active NFC devices उन devices को कहा जाता है जो की data को send भी कर सकते हैं और receive भी कर सकते हैं  NFC kya hai ? और इसके साथ वो एक दुसरे के साथ communicate भी कर सकते हैं चाहे वो active device हों या फिर Passive device.

Active NFC device को काम करने के लिए power source की जरुरत होती है. ये Information को process कर सकने की काबिलियत रखते हैं. उदहारण के लिए Smartphones सबसे common form होता है एक active NFC device का. इसके अलावा Public transport card readers और touch payment terminals भी इस technology के बेहतरीन उदहारण हैं.

 

2. Passive NFC Device

 

Passive NFC devices उन devices को कहा जाता है जो की केवल दुसरे NFC devices जो information भेज सकते हैं. इनके operation के लिए उन्हें कोई भी बाहरी power source की जरुरत नहीं होती है. इसके अलावा ये information को process कर सकने की काबिलियत भी नहीं रखते हैं.

ये दुसरे passive components के साथ connect भी नहीं हो सकते हैं. उदहारण के लिए इनका इस्तमाल tags और दुसरे छोटे transmitters में ज्यादा होता है, जिन्हें की दीवारों में या advertisement में interactive signs के रूप में इस्तमाल किया जाता है.

 

NFC कैसे कार्य करता है? (How does NFC work)

 

अब तक हम ये तो जान ही चुके हैं की NFC क्या है? लेकिन ये नहीं जानते हैं की ये आखिर काम कैसे करता है. Bluetooth और WiFi और दुसरे wireless signals के तरह ही, NFC भी अपने data को radio waves के जरिये भेजता है.

Near Field Communication एक अलग ही standard है wireless data transitions के लिए. इसका अर्थ ये है की devices को कुछ specifications का पालन करना होता एक दुसरे के साथ communicate करने के लिए. NFC में जो technology का इस्तमाल होता है उसे older RFID (Radio-frequency identification) के ideas से लिया गया है, जो की पहले electromagnetic induction का इस्तमाल करते थे information transmit करने के लिए.

इससे और एक बात पता चलती है जो की NFC और Bluetooth/WiFi के बिच रहे difference की और इशारा करती है वो ये की NFC का इस्तमाल passive components में electric current induce करने और data को send करने के लिए किया जाता है.

जिससे ये पता चलता है की passive device को operate करने के लिए अपनी power supply की जरुरत नहीं होती है. NFC kya hai ? इन्हें power तब मिलती है जब एक active NFC component इनके पास से गुजरता है या उनके range के भीतर आता है तब automatically electromagnetic field produced होता है जो की power उत्पन्न करती है.

लेकिन दुखद की बात यह है की NFC technology की मदद से उतनी भी inductance नहीं पैदा होती है जो की आपके smartphones को charge कर सकें.

NFC Techonlogy में data की transmission frequency होती है 13.56 megahertz. आप इसमें 106, 212, या 424 kilobits per second की speed में data भेज सकते हैं. देखा जाये तो ये छोटे मोटे data transfers जैसे की contact details को भेजने, pictures या music, या फिर payment करने के लिए पर्याप्त होता है.

ये determine करने के लिए की किस प्रकार की information को exchange किया जाता है दो devices के भीतर, इसलिए NFC standard को तीन distinct modes of operation में बांटा जाता है.

  • Peer-to-peer (e.g. File transfers के लिए )
  • Reader/writer (e.g. NFC posters के tags को पढने के लिए )
  • Card emulation (e.g. Payments के लिए )

 

Peer-to-Peer

 

ये सबसे ज्यादा इस्तमाल में लाया जाने वाला mode है. ये मुख्य रूप से smartphones में ज्यादा इस्तमाल किया जाता है. ये दो NFC-enabled devices के बिच information को exchange करने के लिए सहायता प्रदान करता है. इस mode में दोनों devices switch करते हैं active mode में data sending करते वक़्त और passive data receiving करते वक़्त.

 

Reader/Writer

 

Read/write mode, यह एक one-way data transmission होता है. यहाँ पर active device, जो की आपका smartphone भी हो सकता है, किसी दुसरे device के साथ links up करता है उससे information read करने के लिए. NFC advert tags में इस mode का इस्तमाल किया जाता है.

 

Card Emulation

 

ये final mode of operation होता है. यहाँ पर NFC device एक smart या contactless credit card के रूप में इस्तमाल किया जा सकता है और इससे आसानी से payments दिया जा सकता है public transport systems पर tap करके.

 

NFC Android में कैसे कार्य करता है? (How NFC works in Android)

 

NFC radio waves के जरिये data को transmits और receives करता है. यह wireless communication का एक established standard है, इसलिए यदि कोई devices इन्ही NFC protocols पर stick रहता है तब वो आसानी से एक दुसरे के साथ communicate कर सकते हैं.

ये Bluetooth से काम करने में थोडा भिन्न है क्यूंकि ये electromagnetic induction के माध्यम से काम करता है. इसका एक जीता जगता उधाहरण ये है की कुछ passive device है, जैसे की poster या sticker, जिन्हें काम करने के लिए कोई भी outer power source की जरुरत ही नहीं होती है और आसानी से ये किसी active device जैसे की smartphone को data transmit कर सकता है जब वो उनके contant में आता है तब.

एक active NFC device के तोर से, एक smartphone NFC के माध्यम से data को send और receive कर सकता है. ये मुख्य रूप से तीन modes में काम करता है :

  • Reader/writer (e.g. NFC posters के tags को पढने के लिए)
  • Card emulation (e.g. Payments के लिए)
  • Peer-to-peer (e.g. File transfers के लिए)

 

NFC को आसानी से कैसे उपयोग करे?

 

Bluetooth के जैसे, NFC में data transfer करने के लिए न तो manual pairing करना पड़ता है और न ही device discovery करने के लिए. NFC में एक connection automatically तब start होता है जब एक दूसरा NFC device किसी और NFC device के four-inch range में आता है तब.

जब एक बार दोनों devices एक ही range में आ जाते हैं तब वो instantaneously एक दुसरे के साथ communicate करने लगते हैं और User को prompts भेजने लगते हैं. देखा जाये तो NFC की बहुत ज्यादा उपयोगिता है. यहाँ निचे में आप लोगों को कुछ तरीकों के बारे में बताऊंगा जहाँ पर NFC का इस्तमाल दो devices के बिच होता है.

Digital Wallet : जब आप अपने smartphone को किसी Payment point या contactless reader के करीब (4 inch के दयिरे में) लाता है तब आपका wallet या passbook आपको payment confirm करने के लिए पूछता है. एक बार आप confirm करने पर transaction successful हो जाता है.

Android Devices के बिच Sharing करना : जब आप दो NFC enabled devices को range में रखते हैं तब आपके सामने एक message prompt होता है जो की आपको ये पूछता है NFC kya hai ? की क्या आप अपने contents (videos, contact information, or photos) को “Beam” करना चाहते हो या नहीं किसी दुसरे android device को. इससे आप आसानी से अपने files को share कर सकते हैं.

NFC Chips : इन “taps” को programme किया जा सकता है कुछ apps जैसे की Tasker की मदद से कुछ specific tasks करने के लिए जब उन्हें scan किया जाता है तब. उदहारण के तोर पे आप एक ऐसे ही chip को desk में और उसे scan करने पर वो आके द्वारा स्थिर किया गया काम करता है जैसे की phone को vibrate करना, GPS को disable करना, या केवल work-related notifications को चालू करना इत्यादि.

 

कैसे पता करें की आपके Android smartphone में NFC है या नहीं?

 

ये बहुत ही simple है. इसके लिए आपको अपने Phone में बताए गए निर्देशों का पालन करना होगा.
Settings > More or Settings > Wireless & Networks

ऐसा करना के बाद यदि आपको कोई NFC option दिखा तब ये मालूम पड़ता है की Smartphones में NFC option है. ये option अक्सर hidden होता है इसलिए दिखाई नहीं पड़ता है. इसके अलावा आजकल प्राय सभी smartphones में आप rear panels आप एक छोटे NFC logo को देख सकते हैं.

Android में उपयोग होने वाले कुछ problems

सभी devices में NFC chip नहीं होता है, जिससे इसके इस्तमाल में थोड़ी दिक्कत होती है लेकिन धीरे धीरे ये बहुत ही common हो गया है और प्राय सभी devices में ये feature प्रदान किये जा रहे हैं.
अक्सर NFC chips सब एक जगह में न होने के कारण वो एक दुसरे के साथ rub हो जाते हैं.
इसमें devices के भीतर Cross-compatibility universal नहीं हैं, ये कुछ specific file types में हो होता है जो की compatibility का issue पैदा करते हैं.

 

 

NFC से लाभ क्या है? (What is the benefit of NFC)

 

1. Convenience

ज्यादातर consumers pay करते समय convenience चाहते हैं. आज के society में लोगों को सहजता ज्यादा पसंद होता है. इस चीज़ में NFC एक बहुत ही बेहतर विकल्प है. ये आपके mobile device को wallet के साथ merge होने में मदद करता है. इस प्रक्रिया में NFC एक महत्वपूर्ण काम करता है क्यूंकि बस एक simple touch से ही Payment किया जा सकता है. इससे आप सोच सकते हैं की कैसे Grocery Store के लम्बी लम्बी lines बड़े आराम से जल्द ख़त्म हो सकते हैं.

2. Versatility

NFC को सभी situations में adapt किया जा सकता है. आप कोई भी स्तिथि के बारे में बोलें चाहे वो bank cards के इस्तमाल से transit passes के लिए, movie passes, reward systems या फिर keys. Ideally, NFC का इस्तमाल एक broad range के industries में किया जा सकता है.

3. बेहतर Customer Service

NFC के आ जाने से बहुत से काम automated हो जाते हैं जिससे Cutomer service में तेजी आती है. इससे companies को ज्यादा समय मिलता है जिससे वो अपने customer को और भी बेहतर service प्रदान कर सके.

4. Real Time Updates

चूँकि NFC के मदद से बहुत से जगहों से real time data को fetch किया जा सकता है इसलिए कई कार्यों का आसानी से maintain किया जा सकता है. इसके लिए ज्यादा लोगों की आवश्यकता भी नहीं है.

5. NFC enabled credit cards ज्यादा secure होते हैं एक credit card magnetic strip की तुलना में.

6. इसमें transaction को process होने में PIN की जरुरत होती है जो इसे ज्यादा safe बनाती है.

7. Retailers के पास credit card information नहीं होती है क्यूंकि उनके पास आपके credit card information की physical access नहीं होती है.

 

NFC से हानि क्या है? (What are the disadvantages of NFC)

 

अब चलिए NFC के Disadvantages के बारे में जानते हैं :-

1. Company Agreements में समस्या

NFC का कहना है की इसे कहीं भी और कभी भी इस्तमाल किया जा सकता है. लेकिन ये पूरी तरह से ठीक नहीं है क्यूंकि ऐसे बहुत से companies हैं जो की NFC के इस्तमाल होने में रोक लगाते हैं इसलिए company agreements में कभी कभी समस्या उत्पन्न होती है.

2. Security

चूँकि NFC पूरी तरह से mobile phones में merge हो जाते हैं. NFC kya hai ? इसलिए अगर कभी phone को hack किया जाये hackers के द्वारा तब वो आपके सभी confedential information को leak कर सकते हैं. इसलिए NFC को ज्यादा secure नहीं माना जाता है.

3. Implementation issue

चूँकि बहुत से devices में NFC की feature नहीं होती है इसलिए NFC को ठीक ढंग से implement करना आसान नहीं है.

4. Costly

ये Technology बाकिओं की तुलना में थोडा ज्यादा costly है. ज्यादा coslty होने के कारण कई businesses इसे अपनाना ज्यादा पसंद नहीं करते हैं.

 

NFC का क्या उपयोग है? (What is the use of NFC)

 

वैसे तो NFC की बहुत से application हैं, लेकिन यहाँ में आप लोगों को ऐसे ही कुछ application के विषय में बताने वाला हूँ.

1. Smart Cards

NFC integrated smart cards का इस्तमाल कर payment करने से ये ज्यादा आसान और बेहतर conventional multiple step payment process. Top payment services जैसे की Visa और MasterCard भी आजकल अपने customers को NFC embedded smart cards प्रदान करते हैं.
NFC integrated smart cards का इस्तमाल fast payments के लिए किया जाता है grocery shops में, parking tickets, shopping points add करने में, Coupons redeem करने में इत्यादि. पूरी दुनिया में सभी major banks में NFC integrated chips के इस्तमाल में बढ़ावा दिया जा रहा है.

2. E-wallet (payment using a smartphone)

Cashless payment system mobile devices के द्वारा बहुत ज्यादा popular हो रहे हैं. ये customers को ज्यादा convenience प्रदान कर रहे हैं. Service providers अब payment option को integrate कर रहे हैं smartphones के साथ जिसके लिए वो एक NFC tag को device में embedded कर रहे हैं. Apple pay, Google Wallet (Android pay) और Samsung pay बहुत ही popular हैं इन smartphone payment systems के बिच.

3. Smart Ticketing

Integrated smart chips का इस्तमाल करने से ये traditional ticketing systems को replace कर रहा है smart tickets के जरिये. इससे airlines, train और bus के passengers को बहुत सुविधा हो रही है. इसके साथ NFC tags का Smart posters, movie tickets, ticket to concerts, advertisements, flyers और information links में भी इस्तमाल किया जाता है.

4. Medicine और Healthcare

NFC integrated system का इस्तमाल medicine और healthcare activities में किया जाता है. NFC बहुत ज्यादा greater accuracy और convenience प्रदान करता है medicine prescribe करते वक़्त, इससे check-in आसान हो जाती है, payments, patient की status check करने के लिए, उनके records track करने के लिए.

NFC integrated devices को आसानी से paired और configured किया जा सकता है. Medical professionals बड़ी आसानी से schedules check कर सकते हैं और medical devices एवं equipments को access कर सकते हैं.

5. Keyless Access

Keyless access एक बहुत ही familiar application है near field communications का. NFC’s का convenience और आसानी से implement होने वाला feature के कारण ये एक बहुत ही popular choice है.

NFC और RFID tags का इस्तमाल doors और restricted areas को access करने के लिए किया जा सकता है. इसका इस्तमाल आप access keys, identification badges और cars जैसे vechiles को access करने के लिए कर सकते हैं.

6. Manufacturing

Smart tags का इस्तमाल modern manufacturing industries में ज्यादा किया जाता है. इससे कोई भी product को identify किया जा सकता है प्रत्येक process stages में किसी company में. इसके अलावा products को shipment के दोरान उन्हें सही ढंग से track कर सकते हैं NFC kya hai ?. Unique identifications numbers होने के कारण ये manufacturers को मदद करता है उनके products को efficiently manage करने के लिए और कुछ cases में जहाँ की return या warranty period for replacement, service और maintenance में भी उपयोग में लाया जाता है.

7. Logistics और Shipping

NFC और RFID tags का इस्तमाल logistics और shipping industry में ज्यादा किया जाता है. इनके इस्तमाल से उन्हें सही ढंग से Track किया जा सकता हिया जिससे उनके end में कम से कम error होने की संभावनाएं हो.

8. Smart Inventory Management

Retail shops और large scale super markets में smart RFID tags का इस्तमाल inventories की बेहतर management के लिए किया जाता है. Smart inventory management software को आसानी से real-time में update किया जा सकता है जिससे stocks में कितने items हैं और वो कब ख़त्म होने वाले हैं उसके विषय में पहले ही जानकारी प्राप्त की जा सकती है.

9. Theft control

RFID tags का इस्तमाल चोरी को कम करने के लिए किया जा सकता है. Valuable things को smart tags की मदद से protect किया जा सकता है. जिस भी Objects में अगर smart tags embedded हों तब ये trigger उत्पन्न करेंगी अगर वो किसी RFID proximity के पास से गुजरे. जिससे होने वाली चोरी के विषय में जानकारी मिल सकती है.

 

NFC की भविष्य applications क्या हैं? (What are the future applications of NFC)

 

वैसे तो NFC भविष्य में हमारे बहुत ही ज्यादा काम आने वाला है. लेकीन उससे पहले चलिए इसी संधार्व में कुछ ऐसे ही future application के विषय में जानते हैं.

1. Smart Home

NFC और RFID technology के मदद से हम अपने normal home को एक smart home में बदल सकते हैं. हम किसी भी particular application को अपने smartphone की मदद से customize कर सकते हैं. इतना ही नहीं हम उसमें स्थित NFC tag को activate कर घर के household equipment को control भी कर सकते हैं, app launching, access/lock doors, set alarm functions जैसे tasks को अपने smartphone के मदद से control कर सकते हैं.

2. Internet of Things and 5G

IoT और 5G मिलकर बहुत से नए technology को emerge होने के लिए opportunities पैदा करते हैं. NFC enabled device का इस्तमाल IoT और 5G enabled networks में किया जाता है जिससे उनके implementation और efficiency दोनों बढ़ जाती है.

3. Integrated Smartphone Applications

Smart RFID tags का इस्तमाल smartphone applications को configure करने के लिए किया जा सकता है. जैसे की किसी loyalty program से loyalty point receive करना, membership access, किसी restricted area में enter करना और कई customized applications.

 

NFC Technology के उपयोग क्या-क्या हैं?

 

अभी हमने ऊपर जो कुछ भी पढ़ा उससे यह तो समझ आया गया की NFC है क्या और काम कैसे करता है, और इसके smartphone में इस्तेमाल के साथ-साथ फायदे और नुकसान के बारे में भी समझ लिया. अब हम जानेंगे NFC technology का इस्तेमाल किन क्षेत्रों में और कैसे किया जाता है के बारे में. तो चलिए शुरू करते हैं.

  1. Contactless Card Payment के लिए – NFC enabled device की मदद से आप अपने smartphone को digital wallet में बदल सकते हैं. यहाँ आपको ना ही card swipe करना है और ना ही cash की गिनती. बस अपने smartphone को NFC enabled payment desk पर wave करना है और आपका payment हो जाएगा. जैसे ही payment success होगा आपको paper receipt की जगह एक mail आ जाएगा. आने वाले दिनों में इस तरह की payment services बड़ी संख्या में उभर कर सामने आएँगी.
  2. Easy Transportation के लिए – NFC लगभग सभी contactless readers और smartcards के साथ काम करता है, इसका अर्थ है कि इसे उन public transport payment system में आसानी से शामिल किया जा सकता है जो smart card swipe का भी इस्तेमाल करते हैं.
  3. Healthcare Activities के लिए – सुनकर थोड़ा अजीब लगा होगा कि Health और NFC के बीच में कैसे संबंध हो सकता है, लेकिन ये बात सच है. NFC का इस्तेमाल Healthcare activities के लिए भी काफी मददगार है. यह medicine prescribe करते वक़्त greater accuracy और convenience प्रदान करता है. NFC kya hai ? यह doctors और nurses के लिए check in के समय किसी particular patient की details को track करने में भी मदद करता है. NFC kya hai ? इसके इस्तेमाल से medical professionals बड़ी आसानी से shedules चेक कर सकते हैं और medical equipments को access कर सकते हैं.
  4. Theft Control – NFC tags का इस्तेमाल करके आप valuable things को चोरी होने से बचा सकते हैं. अगर किसी object में smart tag लगा हुआ है और वह object किसी RFID proximity के पास से गुजरेगा तो alarm बजना शुरू हो जाएगा.
  5. Logistic और Shipping में – NFC तकनीक का इस्तेमाल logistic और shipping industries में भी काफी किया जाता है. यहाँ RFID/NFC tags का इस्तेमाल करके goods को ढंग से monitor और track किया जा सकता है. इसके इस्तेमाल से error के chances कम हो जाते हैं.
  6. Manufacturing Industries में – Smart/NFC tags का इस्तेमाल modern manufacturing industries में किया जाता है. इसकी मदद से product को process के दौरान किसी भी stage पर identify किया जा सकता है. NFC tags से product को शिपमेंट के दौरान track भी किया जा सकता है. NFC tags products को एक unique identification number प्रदान करते हैं जो इसे अच्छे से manage करने में मदद करता है.साथ ही इसका इस्तेमाल product के warranty period, service और maintenance के लिए भी किया जा सकता है.
  7. Smart Inventory Management के लिए – NFC या RFID tag कि मदद से हम बेहतर तरीके से inventory management कर सकते हैं. हम smart inventory management software को real-time में update करके stock में रखे items की संख्या और वो कब खत्म होने वाले हैं जैसी जानकारियां पहले ही प्राप्त कर सकते हैं.
  8. Keyless Access के लिए – NFC tags का इस्तेमाल आप restricted areas और doors को access करने के लिए कर सकते हैं. साथ ही आप इसका इस्तेमाल identification badges और vehicles को भी access करने के लिए कर सकते हैं.
  9. Advertisement के लिए – NFC का इस्तेमाल किसी smart poster से information और money saving offers का पता करने के लिए किया जा सकता है. इसके लिए poster में NFC tag लगाया जाता है जहाँ आप अपने NFC enabled device की मदद से इसे read करके, किसी product से जुड़ी जानकारियाँ आसानी से निकाल सकते हैं.

 

NFC का भविष्य क्या है ?

 

NFC tags आने वाले समय में एक बहुत ही महत्वपूर्ण role निभाने वाला है. इसका इस्तमाल प्राय सभी क्षेत्र जैसे की smart transportation, aviation industry, shipping, manufacturing industry automation में किया जा सकता है।

NFC technology को हमारे modern data communication और transaction process के साथ integrate कर लेने से ये हमारे कार्यों को ज्यादा convenient बना देता है, time की saving करता है, NFC kya hai ? energy की efficiency बढाता है और सबसे महत्वपूर्ण चीज़ security को improve करने में मदद करता है.

 

 

 

 

 

Conclusion

 

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख NFC kya hai ? NFC कैसे कार्य करता है? (NFC Full Form in Hindi) जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे.

यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए, तब इसके लिए आप नीचे comments लिख सकते हैं.यदि आपको यह लेख पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter इत्यादि पर share कीजिये.


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