सरकारी वकील कैसे बने? सरकारी वकील के क्या कार्य है?

दोस्तों सरकारी वकील कैसे बने? अगर आप Law की पढाई कर रहे हैं या करने जा रहे हैं और अपना भविष्य Law के क्षेत्र में बनाना चाहते हैं और सोच रहे हैं कि Sarkari vakil kaise bane (How to become a Govt. Advocate in Hindi) तो आपको आज के ब्लॉग पोस्ट में सरकारी वकील (Govt. Advocate) से जुडी हर जानकारी सरल तरीके से देने की पूरी कोशिश करेंगे। सरकारी वकील बनने से जुड़े आपके सारे सवालों के जवाब मिलेंगे जैसे कि सरकारी वकील कैसे बनते हैं?, सरकारी वकील बनने के लिए क्या करें, सरकारी वकील कैसे मिलता है?, वकील बनने के फायदे, सरकारी वकील क्या करता है?, सरकारी वकील परीक्षा, सरकारी वकील की सैलरी आदि।

बेसिक पढाई पूरी होने के बाद हर छात्र अपने करियर को लेकर चिंतत रहता है कियोंकि सभी का सपना अलग-अलग क्षेत्र में जाने का होता है लेकिन सही guidance न होने की वजह से मुश्किलें आना सुभाविक है। वकालत में अपना करियर बनाने के लिए आपको किस पर्किर्या से गुजरना होगा, जिससे आपको सरकारी वकील बनने में कोई कठिनाई न आये तो इस लेख को पढ़ने के बाद आपको अच्छे से idea हो जायेगा। तो चलिए दोस्तों, अब समय बर्बाद न करते हुए समझ लेते हैं कि सरकारी वकील कैसे बने।

 

सरकारी वकील कैसे बने? सरकारी वकील के क्या कार्य है?
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सरकारी वकील कैसे बने? (How to become a public prosecutor)

 

दोस्तों लॉ एक ऐसा कैरियर है जिसमे लॉजिकल स्किल और धौर्य को अति आवश्यक होती है। इस फील्ड में चंद दिनों में सफलता मिलना थोड़ा मुश्किल होता है। इसके लिए आपको कड़ी मेहनत और लगन की जरूरत होती है। केश भी केश के प्रति बेहतरीन लॉजिकल स्किल और कॉम्युनिकेशन स्किल इस प्रोफेसन के लिए काफी मायने रखती है।

सरकारी लॉयर या वकील बनने के लिए कैंडिडेट को 12वीं के बाद लॉ में बैचलर डिग्री हासिल करनी होगी। फिलहाल 12वीं के बाद आपको अगर sarakri vakeel बनने के लिए BA LLB Course करना होगा। जिसकी ड्यूरेशन 5 साल होती है। इसमे 10 सेमेस्टर होते हैं। इसके अलावा आप ग्रेजुएशन के बाद 3 बर्षीय LLB Course भी कर सकते हैं।

 

 

एलएलबी कोर्स में एडमिशन की प्रक्रिया की बात करें तो इसके लिए विभिन्न यूनिवर्सिटीज Entrance Exam आयोजित करती हैं। आप इन एंट्रेंस एग्जाम में अप्लाई कर सकते हैं और इस एग्जाम को पास कर अच्छे Law College में एडमिशन ले सकते हैं। इसके अलावा कुछ कॉलेज और यूनिवर्सिटीज में आपको डायरेक्ट ही एडमिशन मिल जाता है।

 

एलएलबी कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam For LLB  Course)


अगर आप 12वीं पास कर चुके हैं तो आप इसके बाद आप Common Law एडमिशन टेस्ट (CLAT) एग्जाम में अप्लाई कर सकते हैं। यह एग्जाम ऑनलाइन कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम होता है। यह एग्जाम LLB और LLM Course में एडमिशन के लिए आयोजित किया जाता है। क्लेट नेशनल लेवल का लॉ एंट्रेंस एग्जाम होता है। इसको पास करने के बाद स्टूडेंट 21 National Law यूनिवर्सिटी में से किसी मे एडमिशन प्राप्त कर सकते हैं।

क्लैट एंट्रेंस एग्जाम कुल 2 घंटे का होता है। जिसमे 150 MCQ क्वेश्चन पूछे जाते हैं। क्लैट अंडर ग्रेजुएट एलएलबी के लिए कैंडिडेट को 12वीं कम से कम 45% अंको से पास होना चाहिए। वंही एससी/ एसटी उम्मीदवारों के 40% अंक होने आवश्यक हैं। इस एग्जाम में 12वीं क्लास में पढ़ रहे स्टूडेंट्स भी अप्लाई कर सकते हैं। इस एग्जाम में क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, लॉजिकल रीजनिंग, डिडेक्टिव रीजनिंग, करेंट अफ़ेयर, इंग्लिश जैसे सब्जेक्ट से प्रश्न पूछे जाते हैं। गलत आंसर देने पर 0.25 मार्क्स काट लिए जाते हैं।

 

क्लैट एग्जाम के अलावा भी अन्य एंट्रेंस एग्जाम भी Law Course में एडमिशन के लिए आयोजित किये जाते हैं। जैसे कि

 

  • लॉ स्कूल एडमिशन टेस्ट (LSAT)
  • आल इंडिया लॉ एंट्रेंस टेस्ट (AILET)
  • सिंबोसीस एंट्रेंस टेस्ट (SET)
  • जिंदाल ग्लोबल लॉ स्कूल टेस्ट

 

इस तरह से आप Law Course कर सकते हैं। जिसके बाद आपको Advocate के रूप में आपको बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया में पंजीकृत करना होगा। इसके बाद आप सरकारी वकील बनने के लिए गवर्नमेंट द्वारा आयोजित किये जाने वाले एग्जाम दे सकते हैं। जिनको क्वालीफाई करने के बाद आप Government Lawyer बन सकते हैं। गवर्नमेंट वकील आप दो तरह से बन सकते हैं। सरकारी वकील को अंग्रेजी में Prosecution Officer या Public प्रासीक्यूटर कहते हैं।

 

सरकारी वकील Entrance APO एग्जाम 

 

आगर आप LLB Course कर चुके हैं तो आप इसके बाद APO Exam देकर सीधे ही सरकारी वकील बन सकते हैं। Sarakri Lawyer बनने के लिए APO एग्जाम प्रत्येक बर्ष आयोजित किया जाता है। जिसमे Law Greaduate स्टूडेंट्स अप्लाई कर सकते हैं। अगर आप इस एपीओ एग्जाम को क्वालीफाई कर लेते हैं तो आपका Sarakri Vakeel kaise bane यानी कि सरकारी वकील बनने का सपना पूरा हो जाता है।

इस एग्जाम को पास करने के बाद जब आप Government Lawyer बनते हैं तो कोई भी सरकार आपको निकल नही सकती है। आपको बता दें कि APO Exam तीन पार्ट में होता है। पहला तो प्रारंभिक परीक्षा (प्रश्न वैकल्पिक प्रकार) और दूसरा एग्जाम मुख्य परीक्षा (लिखित परीक्षा) तथा तीसरा एग्जाम पर्सनालिटी टेस्ट (साक्षात्कार) होता है। इसके बाद ही आप Sarkari Advocate के तौर पर नियुक्त किये जाते हैं।

 

सरकारी वकील  बनने का दूसरा तरीका अनुभव के आधार पर (Method of Public Prosecutor on the basis of experience)

 

जी हां दोस्तो आप बिना APO Exam दिए सिर्फ अनुभव के आधार पर भी Sarkari Vakeel बनने का सपना पूरा कर सकते हैं। जिसके लिए कम से कम 7 बर्ष का अनुभव वकालत का होना जरूरी होता है। इसके साथ ही उम्र कम से कम 35 बर्ष होना आवश्यक है। इसके लिए आपकी तर्क- वितर्क करने की क्षमता एकदम अच्छी होनी चाहिए। इस तरह से sarakri Lawyer बनने के लिए आपकी राजनीति में भी पकड़ होना चाहिए। जिससे कि सरकार आपका चयन सरकारी वकील के तौर पर करे।

देखिए फ्रेंडस अगर आप अनुभव के आधार पर Sarakri Advocate बनते हैं तो आपका चयन एक सरकार के द्वारा होता है। आप तब तक इस पद रहेंगे जब तक कि वह सरकार आपको रखेगी। वंही जब वह सरकार बदल जाएगी तो नई सरकार आपको हटा सकती है वह अपने किसी परिचित वकील को अपना वकील बना सकती है। इस तरह से अगर आप अनुभव के आधार पर Government Lawyer बनते हैं तो आपको ये नुकसान हो सकते हैं। वंही जब आप APO Exam पास करने के बाद Sarkari Vakeel बनते हैं तो आप हमेशा सरकारी वकील के तौर पर कार्यरत रहेंगे। जितना कि कार्यालय होता है। कोई भी सरकार आपको अपनी इच्छा से पदमुक्त नही कर सकती है। इस तरह से आप इनमे से कोई भी तरीका चुन कर सरकारी वकील बन सकते हैं।

 

सरकारी वकील के क्या कार्य है? (What is the function of a public prosecutor)

 

सरकारी वकील का मुख्य कार्य न्यायालय के कार्यों में सहयोग देना होता है।

सरकारी वकील राज्य सरकार के मुकदमो की पैरवी करते हैं। इसके साथ ही सरकारी वकील न्यायालय में सरकार के आदेश के अनुसार मुकदमे की कार्यवाही में भाग लेते हैं।

अगर न्यायालय में पीड़ित कोई भी शख्स वकील के खर्च को वहन करने में सक्षम नही है, तो न्यायालय द्वारा उसको वकील देने की सुविधा दी जाती है। जिसके बाद वह sarkari vakeel उस पीड़ित व्यक्ति के मुक़दमें की पैरवी करता है। जिसके लिये पीड़ित व्यक्ति से किसी भी तरह का कोई शुल्क नही बसूला जाता है।

एक पब्लिक प्रोसेक्यूटर (Sarkari vakeel) राज्य के जुडिशियरी या न्याय प्रक्रिया का अहम हिस्सा होता है। जोकि न्यायालय में मुकदमा, अपील तथा कानून से जुड़े अन्य प्रक्रियाओं में भाग लेता है।

सरकारी वकील का काम केस से जुड़े सभी जरूरी पहलुओं को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करता है और अदालत के कार्य मे सहायता करता है।

जब किसी भी केस की जांच प्रक्रिया शुरू होती है तो इसके साथ ही पब्लिक प्रोसिक्यूटर यानिकि Sarkari Vakeel का कार्य शुरू हो जाता है। पब्लिक प्रोसिक्यूटर जांच के दौरन सबूतों को एकत्र करता है और न्यायालय के सामने प्रस्तुत करता है।

प्रस्तावित बिल और बहस की तैयारी में वरिष्ठ सरकारी कर्मचारियों को निर्देशित करने का कार्य।

 

सरकारी वकीलों की नियुक्ति कैसे होती है? (How are public prosecutors appointed)

 

सरकारी वकीलों की नियुक्ति Government (Central + State government) द्वारा की जाती है, सरकार केंद्र की भी हो सकती है और उस स्टेट की भी जहाँ आप वकालत करना चाहते हैं|

आप की नियुक्ति कोनसी सरकार करेगी वो इस बात पर निर्भर होगी के आप कोनसे कोर्ट में वकालत करना चाहते हैं, उच्च न्यायालय (High Court) में या जिला स्तर के न्यायलय (District level Court) में|

ऐसा नहीं है के सरकार को सभी वकीलों के नाम पता होते हैं, इसलिए सरकार तक बात पहुँचाने के लिए एक शीट बनायी जाती है, जिसमें उन वकीलों को सूचीबद्ध किया जाता है जिनके पास Law and Order की अच्छी समझ हो और cases को हैंडल करने का तजुर्बा हो|

मतलब के शीट (जिसको कानूनी भाषा में Panel कहा जाता है) में उन्ही वकीलों के नाम लिखे होते हैं जो सरकारी वकील बनने के लायक होते हैं| Panel तैयार होने के बाद उसको उस स्टेट की गवर्नमेंट और सेंट्रल गवर्नमेंट को भेज दिया जाता है

अब बाकि का जितना भी process है वो सरकार द्वारा किया जाता है, किसको सरकारी वकील बनाना है और किसको नहीं यह पूरी तरह से उस सरकार के ऊपर निर्भर करता है|

पैनल में सूचीबद्ध वकिलों के नाम जिला कोर्ट के District Magistrate और सेशन कोर्ट के जज के द्वारा बनाया जाता है जोकि आपस में एक दूसरे से सलाह-मशवरा करते हैं के किन-किन वकीलों के नाम panel में होने चाहिए|

Appointment in High Court: उच्च न्यायलय में सरकारी वकीलों की नियुक्ति, उस स्टेट की गवर्नमेंट और केंद्र की सरकार द्वारा, उच्च न्यायालय से विचार और परामर्श करने के बाद किया जाता है|

Appointment in District Court: जिला न्यायालय में वकीलों की नियुक्ति स्टेट की गवर्नमेंट द्वारा की जाती है|

 

 

 

कानूनी दस्तावेज लिखने का कार्य (Legal document writing)

 

अदालत में मामलों का बचाव या मुकदमा चलाने का कार्य

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बैठकों में सरकार का प्रतिनिधित्व करने का कार्य करना।

नागरिक और आपराधिक मुकदमे को संभालने का कार्य

इसके साथ ही पर्यावरण, रोजगार, कर, भेदभाव, और न्याय पर कानून सहित विभिन्न कानूनी मुद्दों पर सरकारी सदस्यों को सलाह देने का कार्य।

 

सरकारी वकील बनने के लिये स्किल्स (Skills to become a public prosecutor)

 

  • बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स होनी चाहिए
  • बौद्धिक क्षमता
  • तर्क और वितर्क की अच्छी क्षमता
  • प्रेजेंटेशन स्किल
  • राइटिंग स्किल्स
  • कानून का अच्छा ज्ञान
  • मुकदमेबाजी में कुशल होना
  • रचनात्मक समस्या को सुलझाने की क्षमता होनी चाहिए।
  • विश्लेषण करने की क्षमता

 

सरकारी वकील की वेतन कितनी होती है? (What is the salary of a public prosecutor)

 

एक सरकारी वकील की सैलरी Court to Court और State to State निर्भर करती है| Assistant Public Prosecutor की monthly सैलरी 15, 000₹ से लेकर 39,500₹ तक हो सकती है|

इस सैलरी के अलावा आपको सरकार द्वारा अन्य सेवाएं भी मुहैया कराई जाती हैं| सरकारी वकील कैसे बने? ऊपर दी हुई सैलरी का रेंज टाइम के साथ चेंज होता जायेगा| सरकारी वकीलों की सैलरी तभी बढ़ती है जब गवर्नमेंट कोई नया Pay Commission लाती है|

 

FAQ -सरकारी वकील कैसे बने? से सम्बंधित सवाल जवाब :-

 

12 के बाद वकील कैसे बने ?

12 पास करने के बाद आपको लॉ यूनिवर्सिटी में एड्मिसन लेना होगा, जिसके लिए एंट्रेंस परीक्षा पास करनी होती है, अगर आप सरकारी कॉलेज में एडमिशन चाहते हैं, तो आपको क्लेट एग्जाम देना होगा, अगर आप प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन चाहते हैं, तो फिर LSAT एंट्रेंस पास करना होगा।

 

ग्रेजुएशन के बाद वकील कैसे बने ?

अगर आपने ग्रेजुएशन कर लिया है, तो भी चिंता करने की जरुरत नहीं है, अब भी आपके पास काफी टाइम बचा है, इसके बाद आपको कलेट एग्जामिनेशन देना होगा, अगर आप इस परीक्षा में अच्छा रैंक लाते हैं, तो फिर आपका एड्मिसन तीन साल LLB के लिए होगा ।

 

वकील बनने के लिए कितनी उम्र होनी चाहिए?

बीसीआई के नियमों के मुताबिक पांच वर्षीय पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अधिकतम आयु 20 वर्ष और तीन वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष निर्धारित की गई है।

 

 

 

Conclusion

 

 

 

 

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख सरकारी वकील कैसे बने? सरकारी वकील के क्या कार्य है? जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे.

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