तुलसी से होने वाले लाभ एवं उपयोग संपूर्ण जानकारी हिंदी में

दोस्तों तुलसी से होने वाले लाभ एवं उपयोग तुलसी पवित्र है, तुलसी पावन है, तुलसी जड़ी बूटी है, तुलसी औषधि है और तुलसी ना जाने कितनी बीमारियों का इलाज है । तुलसी वरदान भी है और चमत्कार भी। तुलसी की पूजा होती है। इसे सुख और समृद्धि के रूप में देखा जाता है। मगर इसके अलावा तुलसी में हज़ारों गुण हैं। यह भारत में पाई जाती है। सर्दी-खांसी से लेकर बड़ी बड़ी बीमारियों में तुलसी के फायदे काफ़ी नज़र आते हैं । इसमें लीवर, त्वचा, किडनी आदि के तमाम तरह के इन्फेक्शन्स और रोगों से बचाने का हुनर है। इसमें ऐसे शक्तिशाली ऑक्सीडेंट होते हैं जो ब्लड प्रेशर के लेवल और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं, जिससे यह हृदय के लिए एक स्वस्थ भोजन बन जाती है।

यही नहीं, आयुर्वेद में तो तुलसी के पौधे के प्रत्येक भाग को स्वास्थ्य के लिए चमत्कारी माना गया है। तुलसी की जड़, शाखाएं, पत्तियां और बीज सभी की अपनी अपनी महत्ता और अहमियत है। यह मधुमेह में भी रामबाण का काम करती है क्योंकि इसमें हाइपोग्लाइकेमिक गुण होते हैं जो ब्लड शुगर के लेवल को कम करने में सहायक हैं। हमें दो तरह की तुलसी देखने को मिलती है। एक गहरे रंग की पत्तियों वाली और दूसरी हल्के रंग वाली। आइये आज हम देखते हैं तुलसी के कुछ ऐसे फायदे जिन्हें शायद कम ही लोग जानते हों।

 

तुलसी से होने वाले लाभ एवं उपयोग संपूर्ण जानकारी हिंदी में
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तुलसी क्या होता है? (What is Tulsi)

 

तुलसी एक औषधीय पौधा है जिसमें विटामिन (Vitamin) और खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। सभी रोगों को दूर करने और शारीरिक शक्ति बढ़ाने वाले गुणों से भरपूर इस औषधीय पौधे को प्रत्यक्ष देवी कहा गया है क्योंकि इससे ज्यादा उपयोगी औषधि मनुष्य जाति के लिए दूसरी कोई नहीं है। तुलसी के धार्मिक-महत्व के कारण हर-घर आगंन में इसके पौधे लगाए जाते हैं। तुलसी की कई प्रजातियां मिलती हैं। जिनमें श्वेत व कृष्ण प्रमुख हैं। इन्हें राम तुलसी और कृष्ण तुलसी भी कहा जाता है।

चरक संहिता और सुश्रुत-संहिता में भी तुलसी के गुणों के बारे में विस्तार से वर्णन है। तुलसी का पौधा आमतौर पर 30 से 60 सेमी तक ऊँचा होता है और इसके फूल छोटे-छोटे सफेद और बैगनी रंग के होते हैं। इसका पुष्पकाल एवं फलकाल जुलाई से अक्टूबर तक होता है।

 

 

अन्य भाषाओं में तुलसी के नाम (Tulsi name in other languages)

 

तुलसी का वानस्पतिक नाम Ocimum sanctum Linn. (ओसीमम् सेंक्टम्) और कुल का नाम Lamiaceae (लैमिएसी) है। अन्य भाषाओं में इसे निम्न नामों से पुकारा जाता है।

 

Tulsi in:

 

  • Tamil – तुलशी (Tulashi)
  • Telugu – गग्गेर चेट्टु (Gagger chettu)
  • Sanskrit : तुलसी, सुरसा, देवदुन्दुभि, अपेतराक्षसी, सुलभा, बहुमञ्जरी, गौरी, भूतघ्नी
  • Hindi : तुलसी, वृन्दा
  • Odia : तुलसी (Tulasi)
  • Kannad : एरेड तुलसी (Ared tulsi)
  • Gujrati : तुलसी (Tulasi)
  • Bengali : तुलसी (Tulasi)
  • Nepali : तुलसी (Tulasi)
  • Marathi : तुलस (Tulas)
  • Malyalam : कृष्णतुलसी (Krishantulasi)
  • Arabi : दोहश (Dohsh)

 

तुलसी से होने वाले लाभ एवं उपयोग (Benefits and uses of Tulsi)

 

औषधीय उपयोग की दृष्टि से तुलसी की पत्तियां ज्यादा गुणकारी मानी जाती हैं। इनको आप सीधे पौधे से लेकर खा सकते हैं। तुलसी के पत्तों की तरह तुलसी के बीज के फायदे भी अनगिनत होते हैं। आप तुलसी के बीज के और पत्तियों का चूर्ण भी प्रयोग कर सकते हैं। इन पत्तियों में कफ वात दोष को कम करने, पाचन शक्ति एवं भूख बढ़ाने और रक्त को शुद्ध करने वाले गुण होते हैं।

इसके अलावा तुलसी के पत्ते के फायदे बुखार, दिल से जुड़ी बीमारियां, पेट दर्द, मलेरिया और बैक्टीरियल संक्रमण आदि में बहुत फायदेमंद हैं। तुलसी के औषधीय गुणों (Medicinal Properties of Tulsi) में राम तुलसी की तुलना में श्याम तुलसी को प्रमुख माना गया है। आइये तुलसी के फायदों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

 

दिमाग के लिए बहुत फायदेमंद हैं तुलसी की पत्तियां (Basil leaves are very beneficial for the brain)

 

दिमाग के लिए भी तुलसी के फायदे लाजवाब तरीके से काम करते हैं। इसके रोजाना सेवन से मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ती है और याददाश्त तेज होती है। इसके लिए रोजाना तुलसी की 4-5 पत्तियों को पानी के साथ निगलकर खाएं।

 

तुलसी सिर दर्द से आराम दिलाती है  (Tulsi relieves headache)

 

ज्यादा काम करने या अधिक तनाव में होने पर सिरदर्द होना एक आम बात है। अगर आप भी अक्सर सिर दर्द की समस्या से परेशान रहते हैं तो तुलसी के तेल की एक दो बूंदें नाक में डालें। इस तेल को नाक में डालने से पुराने सिर दर्द और सिर से जुड़े अन्य रोगों में आराम मिलता है। सबसे ज़रूरी बात यह है कि तुलसी के उपयोग करने का तरीका सही होना चाहिए।

 

तुलसी से सिर के जूँ और लीख से छुटकारा (Get rid of head lice and nits with Tulsi)

 

अगर आपके सिर में जुएं पड़ गये हैं और कई दिनों से यह समस्या ठीक नहीं हो रही है तो बालों में तुलसी का तेल लगाएं। तुलसी के पौधे से तुलसी की पत्तियां लेकर उससे तेल बनाकर बालों में लगाने से उनमें मौजूद जूं और लीखें मर जाती हैं। तुलसी के पत्ते के फायदे, तुलसी का तेल बनाने में प्रयोग किया जाता है।

 

रतौंधी में फायदेमंद है तुलसी का रस (Basil juice is beneficial in night blindness)

 

कई लोगों को रात के समय ठीक से दिखाई नहीं पड़ता है, इस समस्या को रतौंधी कहा जाता है। अगर आप रतौंधी से पीड़ित हैं तो तुलसी की पत्तियां (Basil leaves in hindi) आपके लिए काफी फायदेमंद है। इसके लिए दो से तीन बूँद तुलसी-पत्र-स्वरस को दिन में 2-3 बार आंखों में डालें।

 

साइनसाइटिस या पीनसरोग में लाभकारी  (Beneficial in sinusitis or arthritis)

 

अगर आप साइनसाइटिस के मरीज हैं तो तुलसी की पत्तियां या मंजरी को मसलकर सूघें। इन पत्तियों को मसलकर सूंघने से साइनसाइटिस रोग से जल्दी आराम मिलता है।

 

कान के दर्द और सूजन में फायदेमंद (Beneficial in ear pain and swelling)

 

तुलसी की पत्तियां कान के दर्द और सूजन से आराम दिलाने में भी असरदार है। अगर कान में दर्द है तो तुलसी-पत्र-स्वरस को गर्म करके 2-2 बूँद कान में डालें। इससे कान दर्द से जल्दी आराम मिलता है। इसी तरह अगर कान के पीछे वाले हिस्से में सूजन (कर्णमूलशोथ) है तो इससे आराम पाने के लिए तुलसी के पत्ते तथा एरंड की कोंपलों को पीसकर उसमें थोड़ा नमक मिलाकर गुनगुना करके लेप लगाएं। कान दर्द से राहत दिलाने में भी तुलसी के पत्ते खाने से फायदा मिलता है।

 

दांत दर्द से आराम मिलता है ? (Do you get relief from toothache)

 

तुलसी की पत्तियां दांत दर्द से आराम दिलाने में भी कारगर हैं। दांत दर्द से आराम पाने के लिए काली मिर्च और तुलसी के पत्तों की गोली बनाकर दांत के नीचे रखने से दांत के दर्द से आराम मिलता है।

 

गले से जुड़ी समस्याओं में लाभकारी  (Beneficial in throat related problems)

 

सर्दी-जुकाम होने पर या मौसम में बदलाव होने पर अक्सर गले में खराश या गला बैठ जाने जैसी समस्याएं होने लगती हैं। तुलसी से होने वाले लाभ तुलसी (Tulsi plant) की पत्तियां गले से जुड़े विकारों को दूर करने में बहुत ही लाभप्रद हैं। गले की समस्याओं से आराम पाने के लिए तुलसी के रस (Tulsi juice) को हल्के गुनगुने पानी में मिलाकर उससे कुल्ला करें। इसके अलावा तुलसी रस-युक्त जल में हल्दी और सेंधानमक मिलाकर कुल्ला करने से भी मुख, दांत तथा गले के सब विकार दूर होते हैं।

 

खांसी से आराम मिलता  (cough relief)

 

तुलसी की पत्तियों (Basil leaves in hindi) से बने शर्बत को आधी से डेढ़ चम्मच की मात्रा में बच्चों को तथा 2 से चार चम्मच तक बड़ों को सेवन कराने से, खांसी, श्वास, कुक्कुर खांसी और गले की खराश में लाभ होता है। तुलसी से होने वाले लाभ इस शर्बत में गर्म पानी मिलाकर लेने से जुकाम तथा दमा में बहुत लाभ होता है। इस शरबत को बनाने के लिए कास-श्वास-तुलसी-पत्र (मंजरी सहित) 50 ग्राम, अदरक 25 ग्राम तथा कालीमिर्च 15 ग्राम को 500 मिली जल में मिलाकर काढ़ा बनाएं, चौथाई शेष रहने पर छानकर तथा 10 ग्राम छोटी इलायची बीजों के महीन चूर्ण मिलाकर 200 ग्राम चीनी डालकर पकाएं, एक तार की चाशनी हो जाने पर छानकर रख लें और इसका सेवन करें।

 

सूखी खांसी और दमा में लाभकारी (Beneficial in dry cough and asthma)

 

तुलसी की पत्तियां अस्थमा के मरीजों और सूखी खांसी से पीड़ित लोगों के लिए भी बहुत गुणकारी हैं। इसके लिए तुलसी की मंजरी, सोंठ, प्याज का रस और शहद को मिला लें और इस मिश्रण को चाटकर खाएं, इसके सेवन से सूखी खांसी और दमे में लाभ होता है।

 

डायरिया और पेट की मरोड़ से आराम (Relief from diarrhea and abdominal cramps)

 

गलत खानपान या प्रदूषित पानी की वजह से अक्सर लोग डायरिया की चपेट में आ जाते हैं। खासतौर पर बच्चों को यह समस्या बहुत होती है। तुलसी की पत्तियां डायरिया, पेट में मरोड़ आदि समस्याओं से आराम दिलाने में कारगर हैं। इसके लिए तुलसी की 10 पत्तियां और 1 ग्राम जीरा दोनों को पीसकर शहद में मिलाकर उसका सेवन करें।

 

अपच से आराम फायदेमंद है तुलसी (Tulsi is beneficial for relief from indigestion)

 

अगर आपकी पाचन शक्ति कमजोर है या फिर आप अपच या अजीर्ण की समस्या से पीड़ित रहते हैं तो तुलसी का सेवन करें। तुलसी से होने वाले लाभ इसके लिए तुलसी की 2 ग्राम मंजरी को पीसकर काले नामक के साथ दिन में 3 से 4 बार लें।

 

पेशाब में जलन से आराम (relief from burning urination)

 

मूत्र में जलन होने पर भी तुलसी के बीज का उपयोग करने से आराम मिलता है। तुलसी के बीज (Tulsi seeds) और जीरे का चूर्ण 1 ग्राम लेकर उसमें 3 ग्राम मिश्री मिलाकर सुबह-शाम दूध के साथ लेने से मूत्र में जलन, मूत्रपूय तथा वस्तिशोथ (ब्लैडर इन्फ्लेमेशन) में लाभ होता है।

 

पीलिया में लाभकारी है तुलसी (Tulsi is beneficial in jaundice)

 

पीलिया या कामला एक ऐसी बीमारी है जिसका सही समय पर इलाज ना करवाने से यह आगे चलकर गंभीर बीमारी बन जाती है। 1-2 ग्राम तुलसी (Tulsi plant) के पत्तों को पीसकर छाछ (तक्र) के साथ मिलाकर पीने से पीलिया में लाभ होता है। इसके अलावा तुलसी के पत्तियों का काढ़ा बनाकर पीने से भी पीलिया में आराम मिलता है।

 

पथरी दूर करने में लाभकारी है तुलसी (Basil is beneficial in removing stones)

 

पथरी की समस्या होने पर भी तुलसी का सेवन करना फायदेमंद रहता है। इसके लिए तुलसी की 1-2 ग्राम पत्तियों को पीसकर शहद के साथ खाएं। यह पथरी को बाहर निकालने में मददगार होती है। हालांकि पथरी होने पर सिर्फ घरेलू उपायों पर निर्भर ना रहें बल्कि नजदीकी डॉक्टर से अपनी जांच करवायें।

 

प्रसव (Delivery) के बाद होने वाले दर्द से आराम (Relief from pain after delivery)

 

प्रसव के बाद महिलाओं को तेज दर्द होता है और इस दर्द को दूर करने में तुलसी (Tulsi plant) की पत्तियां काफी लाभदायक हैं। तुलसी-पत्र-स्वरस में पुराना गुड़ तथा खाँड़ मिलाकर प्रसव होने के बाद तुरन्त पिलाने से प्रसव के बाद होने वाले दर्द से आराम मिलता है।

 

नपुंसकता में फायदेमंद  (beneficial in impotence)

 

तुलसी बीज चूर्ण अथवा मूल चूर्ण में बराबर की मात्रा में गुड़ मिलाकर 1-3 ग्राम की मात्रा में, गाय के दूध के साथ लगातार एक माह या छह सप्ताह तक लेते रहने से नपुंसकता में लाभ होता है।

 

कुष्ठ रोग (त्वचा रोग) में लाभकारी तुलसी का रस (Basil juice beneficial in leprosy (skin disease))

अगर आप कुष्ठ रोग से पीड़ित हैं तो जान लें कि तुलसी का सेवन कुष्ठ रोग को कुछ हद तक दूर करने में सहायक है। पतंजलि आयुर्वेद के अनुसार 10-20 मिली तुलसी पत्र-स्वरस को प्रतिदिन सुबह पीने से कुष्ठ रोग में लाभ होता है।

 

सफ़ेद दाग दूर करने में लाभकारी  (Beneficial in removing white spots)

 

तुलसी पत्रस्वरस (1 भाग), नींबू रस (1 भाग), कंसौदी-पत्र-स्वरस-(1 भाग), तीनों को बराबर-बराबर लेकर एक तांबे के बर्तन में डालकर चौबीस घंटे के लिए धूप में रख दें। गाढ़ा हो जाने पर इसका लेप करने से ल्यूकोडर्मा (सफेद दाग या श्वित्र रोग) में लाभ होता है। इसको चेहरे पर लगाने से, चेहरे के दाग तथा अन्य चर्म विकार साफ होते हैं और चेहरा सुन्दर हो जाता है। इससे पता चलता है कि तुलसी के फायदे चेहरे के लिए कितने हैं।

 

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में फायदेमंद  (Beneficial in increasing immunity)

तुलसी (Tulsi plant) के नियमित सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे सर्दी-जुकाम और अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव होता है। 20 ग्राम तुलसी बीज चूर्ण (Tulsi seeds Powder) में 40 ग्राम मिश्री मिलाकर पीस कर रख लें। सर्दियों में इस मिश्रण की 1 ग्राम मात्रा का कुछ दिन सेवन करने से शारीरिक कमजोरी दूर होती है, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और वात एवं कफ से जुड़े रोगों से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा 5-10 मिली कृष्ण तुलसी-पत्र स्वरस में दोगुनी मात्रा में गाय का गुनगुना घी मिलाकर सेवन करने से भी वात और कफ से जुड़े रोगों से आराम मिलता है।

 

मलेरिया में लाभकारी (Beneficial in malaria)

 

तुलसी का पौधा (Tulsi Plant) मलेरिया प्रतिरोधी है। तुलसी के पौधों को छूकर वायु में कुछ ऐसा प्रभाव उत्पन्न हो जाता है कि मलेरिया के मच्छर वहां से भाग जाते हैं, इसके पास नहीं फटकते हैं। तुलसी-पत्रों का काढ़ा बनाकर सुबह, दोपहर और शाम को पीने से मलेरिया में लाभ होता है।

टाइफाइड में उपयोगी (Benefits of Tulsi in Typhoid in Hindi)
अगर आप टाइफाइड से पीड़ित हैं तो तुलसी-मूल-क्वाथ को 15 मिली की मात्रा में दिन में दो बार पियें। तुलसी अर्क के फायदे से टाइफाइड का बुखार जल्दी ठीक होता है। यही नहीं बल्कि 20 तुलसी दल और 10 काली मिर्च के दाने दोनों को मिलाकर काढ़ा बना लें और किसी भी तरह का बुखार होने पर सुबह, दोपहर शाम इस काढ़े का सेवन करें। यह काढ़ा सभी प्रकार के बुखार से आराम दिलाने में कारगर है।

 

बुखार से आराम मिलता  (relieve fever)

 

परमपूज्य स्वामी रामदेव जी का स्वानुभूत प्रयोग के अनुसार, तुलसी का पौधा से 7 तुलसी के पत्र तथा 5 लौंग लेकर एक गिलास पानी में पकाएं। तुलसी पत्र व लौंग को पानी में डालने से पहले टुकड़े कर लें। पानी पकाकर जब आधा शेष रह जाय, तब थोड़ा सा सेंधानमक डालकर गर्म-गर्म पी जाय। यह काढ़ा पीकर कुछ समय के लिए वत्र ओढ़कर पसीना ले लें।

इससे बुखार तुरन्त उतर जाता है तथा सर्दी, जुकाम व खांसी भी ठीक हो जाती है। इस काढ़े को दिन में दो बार दो तीन दिन तक ले सकते हैं। छोटे बच्चों को सर्दी जुकाम होने पर तुलसी व 5-7 बूंद अदरक रस में शहद मिलाकर चटाने से बच्चों का कफ, सर्दी, जुकाम, ठीक हो जाता है। नवजात शिशु को यह अल्प मात्रा में दें।

 

दाद और खुजली में तुलसी के अर्क के लाभ  (Benefits of Tulsi extract in ringworm and itching)

 

दाद और खुजली में तुलसी का अर्क अपने रोपण गुण के कारण लाभदायक होता है | यह दाद में होने वाली खुजली को कम करता है, और साथ ही उसके घाव को जल्दी भरने में मदद करता है | यदि तुलसी के अर्क का सेवन किया जाए तो यह रक्त शोधक (रक्त को शुद्ध करने वाला) होने के कारण अशुद्ध रक्त का शोधन अर्थात रक्त को साफ़ करता है और त्वचा संबंधित परेशानियों को दूर करने में सहायक होता है|

 

मासिक धर्म की अनियमितता में तुलसी के बीज के फायदे (Benefit of Tulsi Seed to Regularize Menstruation in Hindi)

 

शरीर में वात दोष के बढ़ जाने के कारण मासिक धर्म की अनियमितता हो जाती है | तुलसी के बीज में वात को नियंत्रित करने का गुण होता है इसलिए इसका प्रयोग मासिक धर्म की अनियमितता में किया जा सकता है | तुलसी का बीज कमजोरी दूर करने में सहायक होता है, जिसके कारण मासिक धर्म होने के दौरान जो कमजोरी महसूस होती है उसको दूर करने में मदद करता है।

 

साँसों की दुर्गंध दूर करे तुलसी लाभकारी (Tulsi is beneficial to remove bad breath)

 

साँसों की दुर्गन्ध ज्यादातर पाचन शक्ति कमजोर हो जाने के कारण होती है | तुलसी अपने दीपन और पाचन गुण के कारण साँसों की दुर्गन्ध को दूर करने में सहायक होती है | इसमें अपनी स्वाभाविक सुगंध होने के करण भी यह सांसों की दुर्गन्ध का नाश करती है।

 

चोट लगने पर तुलसी लाभदायक (Tulsi is beneficial for injury)

 

चोट लगने पर भी तुलसी का उपयोग किया जाता है क्योंकि इसमें रोपण और सूजन को कम करने वाला गुण होता है। तुलसी का यही गुण चोट के घाव एवं उसकी सूजन को भी ठीक करने में सहायक होता है |

 

तुलसी का उपयोग चेहरे लाभकारी  (Tulsi Beneficial to Enhance Glow in Hindi)

 

तुलसी का उपयोग चेहरे का खोया हुआ निखार वापस लाने के लिए भी किया जाता है, क्योंकि इसमें रूक्ष और रोपण गुण होता है | रूक्ष गुण के कारण यह चेहरे से की त्वचा को अत्यधिक तैलीय होने से रोकती है, जिससे कील मुंहासों को दूर करने मदद मिलती है तुलसी से होने वाले लाभ इसके अलावा रोपण गुण से त्वचा पर पड़े निशानों और घावों को हटाने में भी सहायता मिलती है | यदि तुलसी का सेवन किया जाये तो इसके रक्त शोधक गुण के कारण अशुद्ध रक्त को शुद्ध कर चेहरे की त्वचा को निखारा जा सकता है |

 

सांप काटने पर तुलसी का उपयोग लाभकारी  (Use of Tulsi is beneficial on snake bite)

 

5-10 मिली तुलसी-पत्र-स्वरस को पिलाने से तथा इसकी मंजरी और जड़ों को पीसकर सांप के काटने वाली जगह पर लेप करने से सर्पदंश की पीड़ा में लाभ मिलता है। अगर रोगी बेहोश हो गया हो तो इसके रस को नाक में टपकाते रहना चाहिए।

 

तुलसी की सामान्य खुराक (Common Dosage for Tulsi)

 

आमतौर पर तुलसी का सेवन नीचे लिखी हुई मात्रा के अनुसार ही करना चाहिए। अगर आप किसी ख़ास बीमारी के इलाज के लिए तुलसी का उपयोग कर रहें हैं तो आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें।

  • चूर्ण : 1-3 ग्राम
  • स्वरस : 5-10 मिली
  • सान्द्र सत् : 0.5-1 ग्राम
  • अर्क : 0.5-1 ग्राम
  • क्वाथ चूर्ण : 2 ग्राम या चिकित्सक के परामर्शानुसार।

 

तुलसी कहां उगाई जाती है? (Where is basil grown)

 

तुलसी को आप अपने घर के आंगन में भी उगा सकते हैं। सामान्य तौर पर तुलसी के पौधे के लिए किसी ख़ास तरह के जलवायु की आवश्यकता नहीं होती है। इसे कहीं भी उगाया जा सकता है। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि तुलसी के पौधे का रखरखाव ठीक ढंग से ना करने पर या पौधे के आसपास गंदगी होने पर यह पौधा (Tulsi Plant) सूख जाता है।

 

तुलसी से संबंधित पतंजलि उत्पाद एवं कीमत (Patanjali products and price related to Tulsi)

 

पतंजलि आयुर्वेद तुलसी से जुड़े तमाम तरह के उत्पाद बनाती है। उनमें से कुछ प्रमुख उत्पादों की सूची निम्न है।

  • तुलसी घनवटी : 90 rs
  • तुलसी पंचांग जूस : 90 rs

 

 

तुलसी से जुड़े पतंजलि उत्पाद कहां से खरीदें? (Where to buy Patanjali products related to Tulsi)

 

आप तुलसी से जुड़े पतंजलि उत्पादों को अब घर बैठे 1MG से ऑनलाइन आर्डर करके मंगवा सकते हैं।

 

सुबह खाली पेट तुलसी खाने से लाभ (Benefits of eating basil empty stomach in the morning)

 

तुलसी स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है। सुबह के वक़्त खाली पेट तुलसी का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। तुलसी बहुत से नुट्रिएंट्स से भरपूर छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी बीमारियों को ठीक करने में सक्षम होती है। तो आइये जानते हैं सुबह नहार मुँह तुलसी का सेवन करने के कुछ फायदे।

 

1. कैंसर को रोकने में समर्थ

2. सर्दी-खांसी के लिए उपयोगी

3. दिल के लिए लाभकारी

4. त्वचा में निखार लाये

5. डाईजेशन में फायदेमंद

6. तनाव को कम करें

7. सर्दी दूर करती है

8. सांस की बदबू से छुटकारा

9. इम्यूनिटी बढ़ाने में कारगर

 

 

FAQ- तुलसी से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल जवाब :-

 

1- क्या तुलसी के सेवन से इम्यूनिटी बढ़ती है?

 

आयुर्वेद के अनुसार तुलसी में ऐसे औषधीय गुण होते हैं जो शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाने में मदद करते हैं। यही कारण हैं कि आयुर्वेदिक चिकित्सक सर्दियों के मौसम या मौसम में बदलाव (ऋतु परिवर्तन) के दौरान तुलसी के सेवन की सलाह देते हैं। तुलसी के नियमित सेवन से शरीर जल्दी बीमार नहीं पड़ता है और कई मौसमी बीमारियों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ती है।

 

2- सर्दी-खांसी से आराम पाने के लिए तुलसी का इस्तेमाल कैसे करें?

 

अगर आप सर्दियों के मौसम में अक्सर सर्दी-जुकाम से परेशान रहते हैं तो तुलसी वाली चाय (Tulsi tea) का सेवन करें। तुलसी की चाय सर्दी-जुकाम दूर करने का रामबाण इलाज है। आप चाहें तो बाज़ार से सीधे तुलसी वाली चाय खरीद कर उसका सेवन कर सकते हैं या फिर घर पर बनने वाली चाय में तुलसी की 3-4 पत्तियां डालकर उसका सेवन करें। इसके सेवन से सर्दी-खांसी के लक्षणों से जल्दी आराम मिलता है।

 

3- क्या तुलसी का काढ़ा COVID-19 से बचाव में कारगर है?

 

जैसा कि ऊपर बताया गया है कि तुलसी इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करती है, यही कारण है कि इम्यूनिटी बढ़ाने और कोरोना वायरस से बचाव के लिए तुलसी का काढ़ा पीने की सलाह अधिकांश विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही है। आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों में भी कोविड-19 से बचाव के लिए हर्बल काढ़ा पीने की बात कही गई है। इस हर्बल काढ़े में तुलसी एक मुख्य घटक के रूप में शामिल है। तुलसी से होने वाले लाभ तुलसी काढ़े का सेवन अन्य कई वायरल इन्फेक्शन के इलाज में भी सहायक है।

 

4- सर्दियों में तुलसी ड्रॉप्स का उपयोग कैसे करें?

 

अधिकांश लोगों खासतौर पर शहरों में लोगों के घर में तुलसी का पौधा नहीं होता है यही वजह है कि पिछले कुछ सालों में तुलसी ड्रॉप्स का उपयोग अधिक होने लगा है। तुलसी के औषधीय गुणों को प्राप्त करने करने का यह सबसे आसान तरीका है। एक कप पानी में तुलसी ड्रॉप्स की एक-दो बूँदें डालकर पीना सेहत के लिए बहुत लाभकारी है। यह सर्दी-जुकाम समेत कई रोगों के इलाज में सहायक है।

 

5- घर पर तुलसी का काढ़ा कैसे बनाएं?

 

तुलसी का काढ़ा घर पर बनाना बहुत ही आसान है। इसके लिए दो कप पानी में तुलसी की कुछ पत्तियां डालकर 10-15 मिनट तक पानी उबालें या फिर इसे तब तक उबालें जब तक पानी एक चौथाई ना बच जाए। इसके बाद इसे छानकर हल्का गुनगुना होने पर पिएं। यह काढ़ा इम्यूनिटी बढ़ाने, सर्दी-जुकाम दूर करने और कोविड-19 जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव में मददगार है।

 

6- सुबह तुलसी के पत्तियां खाने से क्या फायदे होते हैं?

 

तुलसी की पत्तियों का सेवन शरीर को कई रोगों से बचाता है। आयुर्वेद के अनुसार रोजाना सुबह-सुबह तुलसी की 4-5 ताज़ी पत्तियां तोड़कर चबाकर खाना सेहत के लिए बहुत लाभकारी है। नियमित रूप से पत्तियां खाने से कफ संबंधी समस्याओं जैसे कि अस्थमा, जुकाम आदि में आराम मिलता है साथ ही यह डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने में भी मदद करता है।

 

 

 

Conclusion

 

 

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख दोस्तों तुलसी से होने वाले लाभ एवं उपयोग संपूर्ण जानकारी हिंदी में जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे.
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