Bounce Rate क्या होता है? Bounce Rate को कम कैसे करें?

दोस्तों Bounce Rate क्या होता है? :- अगर आपका blog या फिर website नई है तो bounce Rate ज्यादा होना आम बात है. लेकिन अगर पुराना है तब ओ Bounce Rate ज्यादा होने में कही ना कहीं आपकी ही गलती होती है.

लेकिन परेशान होने की कोई बात नहीं क्यूंकि आज का ये मेरा लेख पढने के बाद आपके site का bounce Rate जरुर कम हो जायेगा.

मेरा कहने का तात्पर्य यह है की आज हम इसके विषय में कुछ ऐसी जानकारी प्राप्त करेंगे जिससे आपको इसे और भी बेहतर रूप से समझने में आसानी होगी, साथ ही आपको पूरा article जरुर पढना चाहिए क्यूंकि अंतिम में आज मैं आप लोगों को कुछ ऐसे tips देने वाला हूँ जो की आगे चलकर आपकी site में बहुत काम आने वाले हैं.

तो सुभ काम में देरी किस बात की चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं की ये Bounce Rate क्या होता है.

 

Bounce Rate क्या होता है? Bounce Rate को कम कैसे करें?
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Contents

Bounce Rate क्या होता है? (What is bounce rate)

 

Bounce Rate दो शब्दों से मिलकर बना है जिसमें बाउंस का मतलब होता है उछलना या कूदना, और रेट का मतलब होता है प्रतिशत या दर. एक ब्लॉग या वेबसाइट के लिए बाउंस रेट का मतलब होता है उछल – कूद की दर या औसत.

जब भी कोई विजिटर हमारी वेबसाइट पर आता है और वह सिर्फ एक पेज को पढने के बाद, बिना दूसरा पेज को पढ़े हमारी वेबसाइट से तुरंत वापस चला जाता है या कहें तो हमारी साईट से Exit कर लेता है तो इसे बाउंस कहते हैं. और इसी प्रकार हुए बाउंस की औसत माप को ही बाउंस रेट कहते हैं.

 

 

बाउंस रेट की परिभाषा क्या है ? (What is the definition of bounce rate)

 

हम बाउंस रेट को इस प्रकार परिभाषित कर सकते हैं.

“किसी भी वेबसाइट में वे visitor जो किसी एक वेबपेज को देखने के बाद वेबसाइट से एग्जिट कर लेते हैं उन visitor की संख्या के औसत माप को बाउंस रेट कहते हैं.”

माना जैसे किसी वेबसाइट का बाउंस रेट 60 प्रतिशत है तो इसका मतलब है कि 60 प्रतिशत visitor ऐसे हैं जो एक webpage को देखने के बाद साईट से चले जाते हैं.

 

बाउंस रेट का SEO पर प्रभाव (Impact of bounce rate on SEO)

 

अभी तक हम समझ गए हैं कि What is Bounce Rate in Hindi, अब जानते हैं कि बाउंस रेट अधिक होने से वेबसाइट की रैंकिंग में क्या प्रभाव पड़ता है. जब भी किसी वेबसाइट का बाउंस रेट अधिक होता है तो सर्च इंजन को यह संकेत जाता है कि यह वेबसाइट अच्छी नहीं है, और इस पर अच्छा कंटेंट नहीं है.

जब सर्च इंजन को नकारात्मक चीजे देखने को मिलेंगी तो उससे वेबसाइट की रैंकिंग गिरने लगेगी. और वेबसाइट पर ट्रैफिक भी बहुत कम होगा, ट्रैफिक कम होने का मतलब है कि ब्लॉग से कमाई भी नहीं हो पायेगी. इसलिए बाउंस रेट को मैनेज करना बहुत जरुरी है.

बाउंस रेट का अधिक होना हर समय वेबसाइट के लिए ख़राब Signal नहीं होता है, क्योंकि कई यूजर वेबपेज पर आते हैं और अपने मतलब कि जानकारी को पढ़कर Exit कर लेते हैं. यहाँ पर यूजर को अपनी Query का संतोषपूर्ण जवाब मिल गया है. लेकिन वेबसाइट का बाउंस रेट बढ़ गया है.

यहाँ पर Concept आता है Pogo sticking का. इस Case में गूगल यह देखता है कि यूजर कितनी देर तक वेबसाइट पर रुका और क्या वह Same Query के लिए वह किसी दुसरे वेबसाइट पर गया. Pogo sticking वेबसाइट की रैंकिंग के लिए हमेशा एक ख़राब Signal होता है लेकिन बाउंस रेट हर बार नहीं.

 

Bounce Rate बाउंस रेट क्यों बढ़ता है, बढ़ने का कारण क्या है ? (Bounce Rate Why does the bounce rate increase, what is the reason for it)

 

बाउंस रेट बढने के बहुत से कारण होते है इनमे से कुछ मुख्य कारण हम आपको बताने वाले है. जिनको आपको ध्यान में रखना है जिससे आपके ब्लॉग वेबसाईट की बाउंस रेट सामान्य रख सकते है.

 

01. Web Page का Slow होना

 

किसी वेबसाइट के पेज की Speed लोडिंग होते समय धीमी है तो बाउंस रेट बढ़ने का ज्यादा Chance रहता है. वेबसाइट की Loading Speed सबसे बढ़ा रैंकिंग Factor होता है.

यदि कोई विसिटर आपके ब्लॉग पर आता है और आपका ब्लॉग बहुत धीरे – धीरे लोड हो रहा है तो विसिटर बिना पढ़े ही आपके ब्लॉग से निकल जाता है. इस लिए आप वेबसाइट को जल्दी लोड करने के लिए Best Web Hosting का ही इस्तेमाल कीजियेगा.

 

02. User का ध्यान न क्रेंद्रित करना

 

यदि आप यूजर का ध्यान केन्द्रित नही करेंगे तो आपका बाउंस रेट कभी कम नही होगा.

जब भी आप कोई कंटेंट लिखते हैं तो वह छोटा और फालतू कंटेंट न लिखे. ब्लॉग को लिखने पर Internal Linking और Video, जरूरी Tips और Image आदि का यूज़ न करने से ही आपका बाउंस रेट बढ़ता है.

 

03. Blank Page और Technical Error का होना

 

यह भी एक बढ़ा कारण है Bounce Rate के बढने का जैसे –

  • किसी वेब पेज का Open नहीं होना.
  • वेब पेज का Blank होना या क्रेश होना.
  • किसी Webpage में Broken Links का होना.
  • Image का सही से लोड नहीं होना.
  • वेब पेज पर ज्यादा Ads का होना.
  • AMP Setup सही से नहीं होना.
  • Popup या Banner का पुरे पेज पर आने के बाद न हटना इत्यादि.

 

4. Low Quality Content का होना

 

जी हाँ यह भी के बहुत ही बड़ा कारण है बाउंस रेट बढने का – यदि आप Quality Article लिखते है जिसमे यूजर के सवाल का जवाब तो होता है पर यूजर को उसी सवाल से रिलेटेड दुसरे वेब पेज पर विजिट करने के लिए प्रेरित नही करते है तो यह एक आपके ब्लॉग के सही नही होगा. इससे आपके वेब पेज पर बाउंस रेट बढेगा और गूगल रैंकिंग भी इफ़ेक्ट होगी.

इसलिए एक High Quality पोस्ट लिखनी चाहिए जो यूजर के सभी सवाल के जवाब तो दे ही साथ में दुसरे लेख पर जाने के लिए विवश हो जाये.

 

5. Internal Linking और आउटबाउंड links को गलत तरीके से करना

 

Internal Linking और आउटबाउंड Links को गलत तरीके से यूज़ क्र्नेगे तो आपके ब्लॉग या वेबसाइट का बाउंस रेट ज्यादा हो जायेगा.

आउटबाउंड लिंकिंग करने पर सावधानी नहीं रखी तो आपके विसिटर दूसरी वेबसाइट पर जा सकते है.

यदि आप इन गलतियों को नही करना चाहते है तो लेख को पूरा पढ़े.

अब हम जानते है की Bounce Rate कम करने का तरीका.

 

Bounce Rate को कम कैसे करें? (How to reduce Bounce Rate)

 

तो अब हम आपको बताएँगे की किन किन तरीकों से आप Bounce Rate को कम करें.

 

1. Site Design और Look अच्छा होना चाहिए

 

देखिये दोस्तों आपको जो चीज़ दिखने में अच्छी लगे तब उसकी और आप attract हो ही जाते हैं. वैसे ही अगर आपकी website और blog दिखने में अछि लगे तो visitors आपकी website की और अपने आप आएंगे और उनको Content पढने में भी अच्छा लगेगा.

जब भी आप अपने blog को design कर रहे हों तो आपको Color Combination का knowledge होना बोहत ही जरुरी है. आपको अपने visitors को समझना होगा की कोनसा Color site में अच्छा लगेगा.

Font Color और Text Size का चयन सही से करे, जैसे अगर आप पूरा text का font लाल कर देंगे तो पढने वाले को चस्मा लग जाये गा और text size भी सही रखे जिसे visitor को पढने में कोई परेशानी झेलनी ना पड़े.

क्यूंकि एक कहावत है ग्राहक भगवान होता है और भगवान को दुःख करना मतलब अपने पेट में लात मरना. अगर अपनी site में भर भर के animation दे दिए हो तो वो भी कुछ खास नहीं लगता. Site का design simple और Readers friendly बनायें.

 

2. Page Load Time पे ध्यान दें

 

अगर आपके site का page load time ज्यादा है. इसका मतलब ये हुआ, आते हुए visitors को blog तक पहुँचने से पहले माना कर देना. अगर आप blogger हो तो इसके उपर जरुर गोर फरमाइए और SEO के लिए भी बहुत जरुरी है.

अगर आपके site का page लोड time

1 second से कम मतलब- Perfect है.
1 second से 3 Second मत्लत- Above average है
3 second से 7 second मतलब- Average
7 से ज्यादा मतलब- Very poor
आपको अगर visitors को खुश करना है तो Perfect या फिर Above Average रखें. Page में limited image और कम size का image इस्तेमाल करे इससे page लोड time कम होगा.

 

3. Content Quality वाला लिखे

 

अगर आपके site में Quality वाले Content हैं तो आपके site को Brand बनाने में काफी मददगार होगी और Brand मतलब आप समझते ही होंगे. अगर आप site के Branded और valuable Content पे ज्यादा ध्यान देंगे तो आपको थोडा वक्त लगेगा लेकिन आपके goal तक आप जल्दी पहुँच जाओगे.

आपका Content अगर Quality वाला नहीं होगा तो visitor अपने आप वापस चले जाएंगे आपके site से, क्यूंकि ऐसे बहुत से websites हैं जो की आप website की तुलना में बेहतर content प्रदान कर रहे होंगे.

जैसे अगर आप Content लिख रहे हैं और वहां पर सही information नहीं दे रहे हैं, जो मन में आए वही लिख रहे हैं. इससे आपका Site का rank कम हो जाएगा इसलिए जो सही है वही लिखे.

अगर आप गलत information दे रहे हैं अपनी Site में तो User मतलब Visitor उसके हिसाब से गलत Decision लेगा जो कि गलत Result लेकर आएगा. यह बात जरूर याद रखें. Content का size 500 से 1000 Word रखें और Simple भाषा का इस्तेमाल करें जिस्से Visitor को जल्दी से समझ में आये आप क्या लिखे हो और site के उपर भोरोसा बढेगा. दोस्तों अगर आप Quality Content देंगे थोड़ा वक्त लगेगा लेकिन Visitor अच्छे आएंगे और आपके site का Bounce rate भी थोड़ा कम हो जाएगा.

 

4. Visitors Friendly Heading डालें

 

बाहर से कुछ और अंदर से कुछ ऐसा होना किसी को भी बुरा लगेगा. अक्सर bloggers ये गलती करते हैं और clickbait headings का इस्तमाल करते हैं जो की बिलकुल भी सही नहीं है.

तो यही बात हम Blog के साथ Link करें तो बात यह है, अगर आप अपना Heading अच्छा दिए हो अपने हिसाब से लेकिन वह Visitor को समझ में नहीं आ रहा है .

और जो Heading दिए हो उस प्रकार अंदर कुछ और Topic के बारे में लिखा गया है. इससे Visitors का भरोसा कम हो जाएगा आपके Site के ऊपर से. मेरा बोलने का मतलब यह था कि आपके Post का Heading समझ में आने वाला होना चाहिए. जैसे एक उदाहरण दे रहा हूँ.

अगर एक Visitor आपके Site पर आया और वह एक Article को अच्छे से पढ़ा और उसके बाद उसने दूसरे Article के Heading को पढ़ने के बाद, वह वापस चला गया.

तो इससे क्या होगा आपको पता ही होगा आपके Site का Bounce Rate ज्यादा हो जाएगा. आपका Content जितना हो सके Updated रखें. जिस्से कि सही information मिले और Visitor आपके साइड में बने रहें। अच्छे Content की वजह से Google में rank भी बहुत जल्दी हो जाएगा.

 

5. Content Formating पर Focus करें

 

सीधी सीधी बात है जितना भी अच्छे से लिख लो अगर इधर का उधर और उधर का इधर लिखोगे मतलब आपके Page का या फिर आपके Post का Formating थोड़ा ढंग से नहीं करोगे तो Visitor को कैसे अच्छा लगेगा.

जब Post को edit करते हो तब जो tag डालना रहता है उन पर थोड़ा जोर डालें. और Paragraph formating पर थोड़ा Focus करें. ज्यादा लंबा चौड़ा Paragraph मत लिखें जिस्से Visitor अगर पढ़े तो उसको पढ़ने में Boring ना हो.

जिस word को bold करना है उसे bold करे, जिस्से visitors का Focus बढेगा. साथ ही Formatted Contents पढने में सभी को अच्छा लगता है.

 

6. Internal Link पे Focus डालें

 

अगर आपके में Post के बिच बिच में अगर आप सही internal link नहीं दोलोगे तो bounce Rate बढ़ जायेगा. ऐसा इसलिए क्यूंकि अक्सर कुछ समय में readers आपके contents को पढ़ लेंगे और उसके बाद उसे बंद कर चले जायेंगे.

और अगर आप related internal link डालें तब उन्हें उस content को भी पढने की इच्छा होगी. जैसे की Internal link आपके Post के Related डालें और कुछ ऐसे internal link भी दे जिसको visitor पढना जरुरी समझे.

ये आपके उपर निर्भर करता है आप के site में कैसे Content है और कोनसा internal link डालना सही रहेगा. ये tips भी bounce Rate को कम करने में मददगार साबित होगा.

 

7. Internal Link दुसरे Page में खुलना चाहिए.

 

अगर आपके Internal link अपने site में डाल रहे हो तो इसमें जरुर Focus करें. जब भी visitor आपके Post के internal link पे click करे तो नए page में खुलना चाहिए.

जिससे visitor जिस article पढ़ रहा था वो भी एक tab में open रहे और दूसरा और एक tab में खुल जाये. ये भी bounce Rate को कम करता है.

 

8. Mobile Friendly Blog

 

जैसे की हम सभी जानते हैं की आजकल Mobile users सबसे ज्यादा हैं. इसलिए हमें अपने Blog को mobile friendly बनाने में ज्यादा ध्यान देना चाहिए.

आपका Blog जितना ज्यादा Mobile friendly होगा उतना ही ज्यादा आपके visitors को आपका blog पसंद आयेगा. 50% visitors मेरे हिसाब से Mobile user होते हैं. तो आपके site का template mobile friendly वाला इस्तेमाल करें.

 

 

किसी Website का Bounce Rate कितना होना चाहिए? (What should be the Bounce Rate of a website)

 

दोस्तों अगर आप यह जान गए हैं कि Bounce Rate क्या होता है। तो अब प्रश्न यह उठता है कि किसी Website के लिए Bounce Rate कितना होना चाहिए। यदि आप नहीं जानते तो चलिए मैं आपको बताता हूँ। मैंने Bounce Rate को कुछ भागों में बाँट दिया है जिससे आप आसानी से समझ सको।

 

  • 1% से 15% (Excellent)
  • 16% से 40% (Good)
  • 41% से 55% (Average)
  • 56% से 70% (Normal)
  • 70% + (Worst)

अब आप इसे अच्छे से समझ सकते हो इसमें 1% से 15% Bounce Rate उन Websites का होता है जो बहुत ज्यादा Famous होती हैं इस प्रकार की Websites पूरे Internet पर 5% ही होती हैं।

इसके बाद 15% Websites ही ऐसी हैं जिनका Bounce Rate 16% से 40% होता है ये Bounce Rate अच्छा माना जाता है।

इसके बाद 25% Websites ऐसी होती हैं जो ठीक – ठाक काम करती हैं जिनका Bounce Rate 41% से 55% तक होता है।

Internet पर 45% Websites ऐसी हैं जिनका Bounce Rate 56% से 70% तक होता है इनमें New Blogger भी होते हैं जिन्हें ज्यादा जानकारी नहीं होती है।

फिर आती हैं 70% से ज्यादा Bounce Rate वाली Websites पूरे Internet पर 10% Websites ही ऐसी होती हैं इनका Bounce Rate बहुत ज्यादा ख़राब होता है। ऐसा तब होता है जब Website Owner सही से SEO नहीं करता या कोई New Blogger है या फिर इसके बहुत से कारण हो सकते हैं।

यदि आपकी Website का Bounce Rate बहुत ज्यादा है तो आप उसके कारणों का पता लगाकर उसमें सुधार करके कम कर सकते हो और Search Engine में अपनी Website की Ranking को बढ़ा सकते हो।

क्या आप जानते हो अलग अलग प्रकार की Websites के Bounce Rates भी अलग अलग होते हैं। मैं आपको कुछ Websites बताता हूँ। जो इस प्रकार हैं ;

  • Page Landing Websites (70% से 90%)
  • Business Websites (20% से 40%)
  • Services Provide Websites (10% से 30%)
  • Content Websites (30% से 60%)

 

अपनी वेबसाइट बाउंस रेट कैसे check करें ? (How to check your website bounce rate)

 

अपनी वेबसाइट को बाउंस रेट check करने के लिए आप Simply अपनी वेबसाइट को Google Analytic से Connect कर सकते हैं , मेरे हिसाब से अगर आप Blogging कर रहे हैं तो इस टूल के बारे में जरुर जानते होंगे.

अगर आप किसी अन्य वेबसाइट का बाउंस रेट check करना चाहते हैं तो आप Google में Bounce rate checker सर्च कर सकते हैं, आपको बहुत सारे टूल मिल जायेंगे जो आपको सभी वेबसाइट का बाउंस रेट आसानी से बता देंगे.

 

Bounce Rate And Exit Rate में क्या अंतर है? (What is the difference between Bounce Rate and Exit Rate)

 

दोस्तों आप सब ये तो समझ गए होंगे कि Bounce Rate क्या होता है और Exit Rate क्या है। अगर समझ गए तो अब बात करते हैं कि इन दोनों में Difference क्या है। चलिए मैं आपको इन दोनों में Difference बताता हूँ।

जब Visitors किसी Website के एक Page पर Visit करते हैं और उस Landing Page से ही Bounce हो जाते हैं तो Bounce Rate बढ़ जाता है और यदि उस Page से उस Website के अन्य Pages पर Visit करने के बाद Second, Third, Fourth आदि Pages से Exit होते हैं तो इसे Exit Rate में शामिल करते हैं।

Landing Page पर Visitors कहीं से भी आ सकते हैं या किसी दूसरी Website में दिए गए Link के जरिये या कहीं और से लेकिन यदि वो Page Visitors के According था तो ही Visitors को उस Page से Website के Second, Third, Fourth आदि Pages में जाने के बाद Exit करते हैं।

Bounce Rate Calculate करने का Formula (Bounce Rate = One Page Visits /Total Visits) है तथा Exit Rate Calculate करने का Formula (Exit Rate = Total Exits From Page/Total Visits To Page) है।

 

Conclusion

 

 

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख दोस्तों Bounce Rate क्या होता है? Bounce Rate को कम कैसे करें? जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे.
यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए, तब इसके लिए आप नीचे comments लिख सकते हैं.यदि आपको यह लेख पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

 

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