Flowchart क्या है और इसे कैसे बनाएं पूरी जानकारी हिंदी में (2023)

आज हम आपको Flow Chart In Hindi अथवा Flowchart क्या है इसकी पूरी जानकारी विस्तार से बताने जा रहे हैं। Flowchart Meaning in Hindi की बात करें तो Flowchart Algorithm का एक Graphical यानि चित्रात्मक रूप होता है। अगर बहुत ही सरल शब्दों में आपको समझाएं तो जैसे हम किसी भी कार्य को करने के लिए कुछ क्रम निर्धारित करते हैं कि हम इस कार्य को इस तरीके से इस क्रम में Complete करेंगे। इन क्रमों यानि स्टेप्स की प्रक्रिया को Computer की भाषा में हम Algorithm कहते हैं, और एल्गोरिदम के चित्रात्मक रूप को Flowchart कहते हैं।

Flowchart को Symbols के जरिए प्रदर्शित किया जाता है। Computer में Programs लिखने में आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए Algorithm और Flowchart का इस्तेमाल किया जाता है। Programs के लिए Algorithm लिखने के बाद हमें Flowchart बनाना होता है। Flowchart से ही हम समझ पाते है की Program में क्या करना है, और किस तरह से Program Flow करेगा।

आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से Flow Chart Meaning in Hindi और Flowchart Kya Hai इसके बारे में पूरी जानकारी विस्तार से बताने जा रहे हैं। अगर आप भी Flowchart Kya Hota Hai इसकी सम्पूर्ण जानकारी चाहते हैं, तो आप बिल्कुल सही पोस्ट पढ़ रहे हैं। Flowchart Kise Kahate Hain और Flowchart Symbols क्या हैं, इसकी पूरी जानकारी के लिए हमारी इस पोस्ट को शुरू से अंत तक जरुर पढ़ें।

 

Flowchart क्या है और इसे कैसे बनाएं पूरी जानकारी हिंदी में (2022)
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फ्लोचार्ट क्या है? (What is Flowchart in Hindi)

 

lowchart, Program Industry द्वारा बनाया गया एक Tool है. एक Process या Problem को Solve करने में इस्तमाल किए गए Steps को Show करता है. आजकल हर किसी को programming के बारे मे थोड़ा बहुत जानकारी है. Programming के जरिए हम software बना सकते है और एक software हमारी जिंदगी के परेशानीयो को दूर करने मेमदद करता है.

किंतु programming लिखने में सभी को परेशानी होती है, इसलिए हम flowchart और Algorithm का प्रयोग करते है. Flowchart के जरिए हम किसी भी program को चिन्हो (Symbols) द्वारा लोगो को दिखा सकते है, जिसे समझने मे आसानी होगी.

Flowchart बनाने के लिए हमे कुछ चिन्हो का इस्तेमाल करना पड़ता है. जैसे Square, Rectangle, Dimond, Oval, Arrow.

 

 

सभी चिन्ह के अपने अलग अलग महत्व या मतलब हो ते है. हम अपने आप से किसी भी चिन्ह के मतलब को अपने अनुसार बदल नही सकते. सभी चिन्हो को एक arrow के साथ जोड़ा जाता है। इस arrow द्वारा हमे पता चलता है कि flowchart कौन से दिशा मे अथवा कौनसे क्रम मे जा रहा है. Flowchart क्या है अब हमें अलग चिन्हों का मतलब समझना और कहाँ इस्तमाल किया जाता है यह जान लेना चाहिए.

 

फ्लोचार्ट के संकेत कौन कौन से होते है (What are the indications of a flowchart)

 

एक सामान्य फ्लोचार्ट को बनाने के लिए विभिन्न संकेता ( symbols ) का प्रयोग किया जाता है । हर संकेत का अपना अलग कार्य व अर्थ होता है तथा वे अन्य संदर्भो में प्रयुक्त नहीं किये जाते हैं । कुछ महत्वपूर्ण संकेत निम्नलिखित हैं –

( 1 ) प्रारंभ व समाप्त ( Start and Stop ) –

इस संकेत को टर्मिनल कहते हैं । यह प्रोग्राम के लॉजिक का प्रारम्भ ( start ) व अन्त ( end ) को दर्शाता है ।

( ii ) प्रोसेसिंग बॉक्स ( Processing Box )

यह एक आयताकार ( rectangle ) बॉक्स होता है । इसके द्वारा प्रोग्राम के लॉजिक में विभिन्न अंकगणितीय और लॉजीकल एक्सप्रेशन्स ( arithmetic and logical expressions ) क्रियाओं को व्यक्त किया जाता है ।

( iii ) इनपुट / आउटपुट बॉक्स ( Input / Output Box ) –

इस संकेत द्वारा इनपुट / आउटपुट क्रियाओं को व्यक्त किया जाता है ।

( iv ) निर्णय बॉक्स ( Decision Box ) –

यदि किसी क्रिया में ऐसे प्रश्नों के उत्तर देने हो जो ” हाँ ” या ” नहीं ” से सम्बन्धित हों , तो ऐसे निर्णय डिसीजन बॉक्स द्वारा प्रदर्शित किये जाते हैं ।

( v ) सबरुटीन ( Subroutine ) –

निम्नलिखित संकेत सबरूटीन्स को दिखाने के लिए प्रयुक्त किया जाता है । कई बार प्रोग्राम के किसी भाग का कार्य प्रोग्राम में कई बार दोहराया जाता है , अतः ऐसे भाग को अलग मॉड्यूल ( module ) में लिख लेते हैं , जिसे सबरुटीन कहा जाता है । अतः सबरुटीन को प्रोग्राम में कई जगह प्रयुक्त कर सकते हैं ।

( vi ) कनेक्टर्स ( Connectors ) –

निम्न संकेत फ्लोचार्ट के एक भाग को सुविधापूर्वक दूसरे भाग से जोड़ने के लिए प्रयुक्त होते हैं , ये कनेक्टर कहलाते हैं । इनकी मदद से बड़े फ्लोचार्ट अधिक सरलता व स्पष्टता के साथ बनाये जा सकते हैं ।

( vii ) फ्लो लाइन ( Flow Line ) –

इनका प्रयोग प्रोग्राम में लॉजिक ( logic ) का प्रवाह ( flow ) दिखाने के लिए किया जाता ये तीर ( arrows ) के रूप में सरल रेखाएँ होती हैं जो प्रोग्राम में विभिन्न चरणों का क्रम भी बताती हैं ।

 

फ्लो चार्ट का इतिहास (History of flow Chart in Hindi)

 

फ्लो चार्ट का इस्तेमाल बहुत पहले से ही किया जाता रहा है. बहुत कम लोग होंगे जिन्होंने फ्लो चार्ट का उपयोग रूप में न इस्तेमाल किया हो. पहले फ्लो चार्ट को हाथ से बनाया जाता था. जिस में बाद में बदलाव करना मुश्किलों भरा काम होता है. चार्ट को सुधरने में उसमे गड़बड़ी हो जाती है. वो इंसान Frank Gilberth थे जिन्होंने 1921 में ASME के सदस्यों के सामने सबसे पहला फ्लो चार्ट बनाकर दिखाया. 1930 के आते आते Flow charts का उपयोग industrial engineering में भी होने लगा. शुरूआती दौर में ही Allan H. Mongensen जो की एक industrial engineer थे जिन्होंने New York में काम को और और आसान बनाने के लिए industrial tools का प्रयोग करने के लिए लोगों को ट्रेनिंग ट्रेनिंग दी.

Art Spinanger नाम के ग्रेजुएट ने delibrate method डेवेलोप किया वहीँ Ben S. Graham ने फ्लो चार्ट का इस्तेमाल इनफार्मेशन को प्रोसेस करने लिए किया. इसके लिए उसने multi-process फ्लो चार्ट का इस्तेमाल किया. जिससे उन्होंने बहुत सारे डॉक्युमनेट्स का काम उससे जुड़े सभी तथ्यों के साथ किया.

जब कंप्यूटर का विकास हुआ और ग्राफ़िक्स का इस्तेमाल होने लगा तो सबसे पहला फ्लो चार्ट सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर्स के लिए डेवेलोप किया गया. Flowchart क्या है जब माउस और दूसरे menu का इज़ाद हुआ तो फ्लो चार्ट में कुछ भी बदलाव करना बिलकुल आसान हो गया. Flow चार्ट का प्रोग्राम इस्तेमाल करना बहुत आसान हो गया और साथ ही इसमें काम भी बहुत जल्दी होने लगा. इस चार्ट की मदद से एक काम करने के तरीके को फोटो में बदल दिया गया जिसे समझना काफी आसान हो गया और इसके लिए बस कुछ सेंड्स लगते हैं.

 

फ्लोचार्ट (Flowchart) में upyog  होने वाले Symbols 

  1. टर्मिनल (Terminal) – फ्लोचार्ट (Flowchart) शुरू और बंद करने के लिये 
  2. इनपुट/आउअपुट (Input/Output) -फ्लोचार्ट (Flowchart)  में इनपुट/आउअपुट (Input/Output) या रिजल्‍ट शो करने के लिये 
  3. प्रक्रिया (Processing) – किसी प्रकार की कैल्‍यूलेशन (Calculation) को दिखाने के लिये
  4. निर्णय (Decision) – फ्लोचार्ट (Flowchart) में कंडीशन, क्वेश्चन और डिसीजन दर्शाने के लिये 
  5. फ्लोलाइन (Flow line) – फ्लोचार्ट (Flowchart) की दिशा बताने के लिये
  6. कनेक्टर (Connector) – 2 फ्लोचार्ट (Flowchart) को जोडने के लिये

 

फ्लो चार्ट कैसे बनाते हैं (How to make flow chart)

 

  • Flow Chart को बनाने के लिए Symbols का इस्तेमाल किया जाता है, और इन Symbols को Arrow के द्वारा जोड़ा अथवा कनेक्ट किया जाता है, जिससे पता चलता है कि Flowchart किस दिशा में जा रहा है।
  • Flowchart का एक Starting और एक Ending Point होता है।
  • जब हम Flowchart में कंडीशन अप्लाई करते हैं, तो इसके दो Exit Point होते हैं, एक ऊपर की ओर, नीचे की ओर या फिर Side की ओर, जिसके दो output निकलते हैं , पहला सही और दूसरा गलत।
  • हर फ्लोचार्ट का End Symbol होना चाहिए।

 

 

Flowchart बनाने के नियम (Rules for creating a flowchart)

 

Flowchart बनाने के लिए भी कुछ नियम होते है, जिन्हे प्रयोग कर के हम आसानी से flowchart बना सकते है एवं समझ ने मे भी हमे आसानी होगी. कुछ नियम हैं-

  • Flowchart बनाते समय जितने भी चिन्ह का प्रयोग करते है, सभी चिन्हो को arrow के द्वारा जोड़ा जाता है जिस से हमे पता चलता है कि flowchart कौन से दिशा मे जा रहा है.
  • सभी flowchart एक starting एवं ending point होता है.
  • जब हम flowchart मे कुछ condition का प्रयोग करते है, तो उसका 2 exit point होता है। ऊपर की ओर, नीचे की ओर या फिर side की ओर होता है, जिसका 2 output होता है- पहला सही ओर दूसरा गलत.
  • Subroutines के अपने खुद के Flowchart होते हैं.
  • हर एक Flowchart का End Symbol हना चाहिए.

 

फ्लोचार्ट की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं (Following are the salient features of flowchart)

 

( i ) फ्लोचार्ट कार्य के विभिन्न चरणों का क्रम बताता है

( ii ) फ्लोचार्ट प्रोग्राम तर्क ( program logic ) का चित्रीय वर्णन है ।

( iii ) यह प्रोग्राम के विभिन्न हिस्सों के बीच सम्बन्ध व लॉजिक का प्रवाह ( flow of logic ) प्रदर्शित करता है ।

( iv ) यह प्रोग्राम के विभिन्न चरणों को चित्रीय रूप में रेखांकित करता है अत : समझने में आसान होता है ।

( v ) फ्लोचार्ट प्रोग्राम की गलतियों को सुधारने व बदलने में सहायता करता है ।

( vi ) यह किसी भाषा विशेष के आधार पर निर्भर नहीं होता

( vii ) यह प्रोग्राम प्रलेखन ( documentation ) का एक हिस्सा है

 

Flowchart से लाभ  

 

  • इसकी मदद से हम किसी Error को जल्दी से जान सकते है। और उसे सुधार भी सकते है।
  • Flowchart की मदद से हम Programming को आसानी से समझ सकते है। क्योंकि इसमें Symbols का प्रयोग किया जाता है।
  • यह Communication के लिए बहुत आसान होता है।
  • Flowchart किसी New System को Design करने के लिए एक अच्छा Tool है।

 

Flow Chart से हानि  

 

  • इसका इस्तेमाल करने में समय ज्यादा लगता है।
  • कुछ Flowchart ऐसे होते है जिसको बनाने में हमें बहुत सारे Arrows का इस्तेमाल करना पड़ता है। जिसे समझना थोड़ा मुश्किल होता है।
  • अगर हमें Flowchart में कुछ Changes करना होते है तो हमें फिर से पूरा Flowchart बनाना पड़ता है।

 

 

दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख Flowchart क्या है और इसे कैसे बनाएं पूरी जानकारी हिंदी में (2023) जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे.

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