Gorilla Glass क्या है? Gorilla Glass की खाशियत

दोस्तों Gorilla Glass क्या है? Gorilla Glass की खाशियत मोबाइल स्क्रीन पर एक तरह का प्रोटेक्टिंग गिलास आप सभी ने देखा होगा. यह ग्लास स्क्रीन के उपर लगा रहता है, जिससे मोबाइल स्क्रीन की रक्षा होती है. यह गिलास मोबाइल या कोई इलेक्ट्रॉनिक आइटम जैसे लैपटॉप, टैब पर लगा होता है. यह ग्लास एक रक्षक का काम करता है, जो सभी तरह के डैमेज, स्क्रेच से रक्षा करता है. गोरिल्ला ग्लास 7 Victus अब नए फीचर के साथ दुनिया में जुलाई 2020 में लांच हो चूका है, अभी तक के गोरिल्ला ग्लास को सबने बहुत पसंद किया था, अब इस नए वर्शन के साथ और एडवांस फीचर भी आ रहे है.

 

Gorilla Glass क्या है? Gorilla Glass की खाशियत
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Gorilla Glass क्या है? (What is Gorilla Glass)

 

ये Gorilla Glass एक environment friendly glass हैं. जिसे की Alkali- Aluminosilicate के पतले Sheets से बनाया जाता है. इन्हें specially electronic device जैसे की phones, television, notebook के protective cover के तोर पे design किया गया होता है. ये मुख्य रूप से Scratch resistant होता है माने की ये आसानी से Scratch नहीं होता.

ये सामान्य Glass के मुकाबले काफी strong होता है और ये ज्यादा costly भी होता है अपने इन्ही खुबियों के कारण.

 

 

गोरिल्ला ग्लास मोबाइल इतना शक्तिशाली क्यूँ है

 

ये इतना शक्तिशाली इसलिए है क्यूंकि इसे एक chemical process से गुजारा जाता है जिसे Ion Exchange भी कहा जाता है. इस process के दौरान glass को molten potassium salt में कुछ समय के लिए रखा जाता है जिस समय उसका temperature होता है 400 degree celcius (750 F).

 

इसमें छोटे ion glass को छोड़ देते हैं और बड़े potassium ion उनकी जगह ले लेते हैं. ये बड़े ion जगह लेने के बाद आपस में जुड जाते हैं. तो जब Glass ठंडा होता है तब उस glass के उपरी layer में compress stress पाया जाता है.

इसे special composition के कारण potassium ion अच्छी तरह से घुल मिल जाता है और जिससे एक high compressive stress glass के अंदरूनी जगहों में होता है. और इससे glass का surface ज्यादा resistant होता है दिनबदिन के इस्तमाल के लिए.

 

Gorilla Glass का इतिहास (History of Gorilla Glass)

 

Gorilla Glass की उत्पत्ति की कहानी भी काफी रोचक है. इसे में एक science experiment के गलती से ही बनाया गया है. सन 1952 की बात है जब Corning के लैब में जब एक वेज्ञानिक ने एक photosensitive glass को furnace में किसी test के लिए रख दिया.

और किसी समय में उस furnace की temperature लगभग 900 degree Celsius तक पहुँच गयी. जिसके कारण सभी ये सोच रहे थे की वह sample बर्बाद हो गयी होगी लेकिन जब furnace को खोला गया तो पाया गया की उसमें से तरल glass के जगह एक glass की sheet निकली.

 

और जब वो अचानक से जमीन पे गिर गयी तब टूटने के बजाय वह bounce हुई. तब किसे पता था की उन वैज्ञानिकों में गलती में ही सही एक अद्भुत चीज़ की खोज कर ली है.

लोगों के इस्तमाल में सबसे पहला version कोर्निंग गोरिल्ला ग्लास 1 को फरवरी, 2008 में launch किया गया था। जिसके बाद कंपनी इसे मजबूत और scratch resistant बनाती गई और एक के बाद एक नए वर्जन version करती गई। सबसे नया version गोरिल्ला ग्लास 5 पिछले ही वर्ष जुलाई में version हुआ था।

इसका सबसे पहले इस्तेमाल सैमसंग ने अपने गैलेक्सी नोट 7 स्मार्टफोन में किया था। आपको बता दे कि गोरिल्ला ग्लास को ना केवल स्मार्टफोन बल्कि टीवी, पर्सनल कम्यूटर, नोटबुक, Smartwatch आदि के डिस्प्ले में भी प्रयोग किया जाता है।

गोरिल्ला ग्लास को बनाने वाली कंपनी कोर्निंग प्रत्येक version के साथ इसे ज्यादा से ज्यादा मजबूत करती जा रही है। आज इस ग्लास को अमेरिका, कोरिया और ताइवान आदि देशों में बनाया जाता है.

 

Gorilla Glass से लाभ और हानि 

 

दुनिए में मेह्जुद सारे वस्तुओं के फायदे और नुकसान हैं. इसमें Gorilla Glass भी सामिल है. तो चलिए जानते हैं की आकिर क्या है Gorilla Glass के फायदे और नुकसान.

Gorilla Glass से लाभ

ये तो हमें पहले से पता है की Gorilla Glass सामान्य glass के मुकाबले काफी अलग और बेहतर है. तो चलिए जानते हैं इसके दुसरे फायेदों के बारे में.

  • ये सामान्य glass के मुकाबले ज्यादा शक्तिशाली होता है.
  • ये Scratch resistant भी होता है.
  • दिखने में भी ये बहुत ही ज्यादा सुन्दर होता हैं.
  • ये सामान्य के मुकाबले ज्यादा पतला होता है.
  • ये ज्यादा heat संभाल सकने की ताकत रखता है.

Gorilla Glass से हानि

यदि में नुकसान के बारे में बात करूँ तो इसके इतने ज्यादा नुकसान तो नहीं है लेकिन ऐसे कुछ चीज़ें है जिसे अनदेखा भी नहीं किया जा सकता तो चलिए फिर जानते हैं.

  • इन्हें बनाने में बहुत समय और पैसे दोनों लगते हैं, इसके साथ साथ इन्हें बनाना इतना आसान नहीं हैं.
  • इनके manufacturing में ज्यादा chemicals का इस्तमाल होता है.
  • इनके इस्तमाल से electronic device जैसे mobile, notebook की कीमतें ज्यादी हो जाती है.
  • ये Scratch resistant होती हैं लेकिन ये Scratch proof नहीं होती.

 

Gorilla Glass कितने प्रकार के होते है ? (How many types of Gorilla Glass are there)

 

समय के साथ साथ Gorilla Glass में भी काफी development देखने को मिली हैं. ये और भी ज्यादा बेहतर बन गया है इस्तमाल के लिए.

1. Corning Gorilla Glass 2

सन 2012 की शुरुवात में Corning ने इस version को launch किया. ये इससे पहले के मुकाबले 20% ज्यादा पतला था. जितनी ज्यादा glass पतला होगी उतनी ही ज्यादा ये responsive और sensitive होगी touch करने के लिए. इससे इनकी demand market में और भी ज्यादा बढ़ गयी.

2. Corning Gorilla Glass 3

ये गोरिल्ला ग्लास की type भी काफी unique है. इसमें एक नया technology Native Damage Resistant (NDR) का इस्तमाल किया गया है जिससे ये और भी ज्यादा damage resistant, durable, tougher और thinner बन गया है पहले के मुकाबले. ये इसके पहले के comparison में तिन गुना ज्यादा मजबूत है.

3. Corning Gorilla Glass 4

ये गोरिल्ला ग्लास भी इसके पहले के मुकाबले और ज्याद मजबूत और Scratch Resistant है. इसकी नयी विशेषता यह है की ये कई Drop Test pass कर चूका है. अगर इसके एक decent height से भी फेका गया तब भी ये break नहीं होगा. ये इसके पूर्व type के मुकाबले ज्यादा durable, tougher और thinner बन गया है. और ये 80% time Drop में नहीं टूटता है.

4. Corning Gorilla Glass 5

ये के दोर का latest गोरिल्ला ग्लास है जो की Gorilla Glass 4 का successor है. ये 4 गुना तक ज्यादा ज्यादा damage resistant, durable, tougher और thinner बन गया है. और सबसे अच्छी बात ये बहुत ही आकर्षक है जिससे की Smart Phone की सुन्दरता और भी बढ़ जाती है.

5. Corning Gorilla Glass 6

Corning scientists की Team ने इस Gorilla Glass के ऊपर और भी Research किया और आख़िरकार उन्होंने इसका और एक बेहतर version जो की है Gorilla Glass 6 को launch किया. इसे ख़ास तोर से engineered किया गया है tougher और ज्यादा durable बनाने के लिए. इस नए Glass को बहुत से नए और rigorous test methodology से गुजरना पड़ा labs में, कहीं तभी जाकर इसे commercial इस्तमाल के लिए लाया गया है.

Average की बात करूँ तो Gorilla Glass 6 लगातार 15 consecutive drops को आसानी से सह लिया जब उसे 1 meter के ऊपर से किसी rough surface पर गिराया गया और ये Gorilla®Glass 5 की तुलना में 2x times बेहतर है.

अगर यही same test conditions, दुसरे competitive glass compositions पर test किया जाये तब वो पहला drop भी सम्भाल नहीं सकते हैं. Gorilla Glass 6 ने ज्यादा ऊँची heights को बेहतर तरीके से झेला है अगर हम इसकी तुलना Gorilla Glass 5 से करें तब.

इन्ही सभी खूबियों के लिए Gorilla Glass 6 एक बहुत ही बेहतर choice है आपके नए Smartphone के लिए.

Tip: जो Smart Phone users के phone में Gorilla Glass या Dragontrail Glass नहीं है वो Tempered Glass Screen Protector का इस्तमाल कर सकते हैं अपने Screen को बचाने के लिए.

 

क्या Gorilla Glass and Dragontrail Glass को भी Scratch किया जा सकता है?

 

ये तो हम सभी को पहले से पता ही है की Gorilla और Dragontrail Glass Scratch resistant glass हैं न की Scratch Proof Glass. इन दोनों शब्दों में काफी अंतर है. Resistant का मतलब है की ये कुछ हद तक Scratch को रोक सकता है लेकिन Proof मतलब है कि इसे बिलकुल भी Scratch का असर नहीं होगा.

इसका मतलब है की ये कुछ हद तक ये सभी Scratches को सहन कर सकते हैं लेकिन वो भी कुछ limit तक ही जिसके बाद इनमें भी Scratch हो सकती है. तो आप इस गलत्फैमी में मत रहिये ही की पूरी तरह से स्क्रैच प्रूफ है.

 

 

FAQ :–Gorilla Glass के बारे में पूछे जाने वाले सवाल jawab:-

 

Q: गोरिल्ला ग्लास Victus किस कंपनी के मोबाइल में सबसे पहले आएगा?

Ans: Samsung

 

Q: गोरिल्ला ग्लास Victus किस मोबाइल में उपयोग होगा?

Ans: Samsung galaxy note 20

 

Q: गोरिल्ला ग्लास कंपनी का सबसे पहला गिलास कब आया था?

Ans: 2008

 

Q: गोरिल्ला ग्लास के अब तक कितने variants आ चुके है?

Ans: 7

Q: गोरिल्ला ग्लास को बनाने वाली कंपनी का क्या नाम है?

Ans: Corning

 

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Conclusion

 

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख Gorilla Glass क्या है? Gorilla Glass की खाशियत  जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे.
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