Biometric क्या होता है ? बायोमेट्रिक के कितने प्रकार है?

दोस्तों Biometric क्या होता है ? बदलती दुनिया के साथ तकनीकें भी बदल रही है। तकनीकों के बढ़ने से सुरक्षा के साधनों में भी बढ़ोतरी हुई है जिसमें से एक साधन है Biometric Machine जिसका प्रयोग आज हर क्षेत्र में उपस्थिति दर्ज करने के लिए किया जा रहा है। यदि आपको बायोमेट्रिक डिवाइस की पूरी जानकारी नहीं है तो आज हम इस पोस्ट में विस्तार में समझाएँगे की बायोमेट्रिक क्‍या होता है।

तकनीकें अब तेजी से बढ़ रही है, तथा Biometrics Technology के आ जाने से उपस्थिति दर्ज करने की प्रणाली में काफी सुधार हुआ है। विभागों में अब Biometrics Security से उपस्थिति दर्ज करने में मदद मिलती है, साथ ही ऐसे और भी कई कार्य है जिसमें Biometric Device का प्रयोग किया जा सकता है।तो आइये अब जानते है बायोमेट्रिक क्या है और इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है।

 

Biometric क्या होता है ? बायोमेट्रिक के कितने प्रकार है?
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Biometric क्या होता है ? (What is Biometrics)

 

Biometric से किसी भी व्यक्ति का जैविक माप किआ जाता हैं। फिजिकल विशेषताएं की माप जिनका उपयोग व्यक्तियों की पहचान के लिए किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, Biometric तकनीक की मदद से फ़िंगरप्रिंट मैपिंग, चेहरे की पहचान और रेटिना स्कैन जाता हैं।

बायोमेट्रिक से मानव विशेषताओं से संबंधित शरीर के माप और कैलकुलेशन किआ जाता हैं। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का कंप्यूटर साइंस में पहचान और एक्सेस कण्ट्रोल के रूप में उपयोग किया जाता है। इसका उन समूहों में व्यक्तियों की पहचान करने के लिए भी उपयोग किया जाता है जो निगरानी में रहते हैं। कई व्यक्तिगत और एन्टर्प्राइज़ सुरक्षा प्रणालियों के लिए बॉयोमीट्रिक एक उन्नत लेयर के रूप में बढ़ रहे हैं।

बायोमेट्रिक टर्म दो शब्दों से बना है – ‘Bio’ और ‘Metrics’ जहां Bio का मतलब जीवन और Metrics माप को दर्शाता है। सुरक्षा उद्देश्यों के लिए Biometric का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है क्योंकि यह किसी व्यक्ति को पहचानने के लिए उच्च स्तर की सटीकता प्रदान करता है।

 

 

biometrics
Time Office Touch-Less Biometrics Face Attendance
हमारी रोजमर्रा की सुरक्षा में बायोमेट्रिक पहचान की भूमिका आजकल बढ़ती जा रही है। जुड़वा बच्चों के मामले में भी शारीरिक विशेषताएं अपेक्षाकृत स्थिर और अलग व्यक्तिगत होती हैं। प्रत्येक व्यक्ति की एक विशिष्ट बायोमेट्रिक की पहचान का कंप्यूटर, फोन और निषिद्ध एक्सेस रूम और इमारतों के लिए पासवर्ड सिस्टम को बदलने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

 

एक बार बायोमेट्रिक डेटा प्राप्त करके और मैप किए जाने के बाद, इसे भविष्य में एक्सेस के प्रयासों के साथ मिलान करने के लिए संग्रहित किआ जाता है। अधिकांश समय, यह डेटा को एन्क्रिप्ट किया जाता है और डिवाइस के भीतर या रिमोट सर्वर में संग्रहीत करके रखा जाता है।

 

बायोमेट्रिक का इतिहास (History of Biometric)

 

पहचान की सबसे पुराने और सबसे बुनियादी उदाहरणों में से एक जिसका मनुष्यों द्वारा चेहरा की पहचान के लिए उपयोग किया जाता है। सभ्यता की शुरुआत के बाद से, मनुष्यों ने ज्ञात व्यक्ति (परिचित) और अज्ञात (अपरिचित) व्यक्तियों की पहचान करने के लिए शरीर के अंगो में चेहरों का उपयोग किया है। जैसे-जैसे मनुष्यों की आबादी बढ़ती गई और यात्रा के अधिक सुविधाजनक तरीकों ने कई नए व्यक्तियों को छोटे छोटे समुदायों में पेश किया।

यह पहचान करने वाला सरल कार्य तेजी से अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया। मनुष्य -से-मनुष्य मान्यता की अवधारणा को व्यवहार-प्रमुख बायोमेट्रिक्स जैसे बातचीत से आवाज और चाल की पहचान में भी देखा जाता है। इंसान के इन प्राकृतिक विशेषताओं का उपयोग, कुछ अनजाने में, दिन-प्रतिदिन के आधार पर परिचित व्यक्तियों को पहचानने के लिए करते हैं।

1800 के दशक के मध्य तक, औद्योगिक क्रांति और अधिक से अधिक प्रोडक्टिव फार्मिंग के कारण शहरों के तेजी से विकास के साथ, लोगों की पहचान करने की औपचारिक रूप से मान्यता प्राप्त आवश्यकता होगयी थी। व्यापारियों और अधिकारियों को तेजी से बड़ी और अधिक गतिशील आबादी का सामना करना पड़ रहा था और अब वे केवल पहचान के लिए अपने स्वयं के अनुभवों और स्थानीय ज्ञान पर भरोसा नहीं कर सकते थे।

उंगलियों के निशान को इंडेक्सिंग करने के लिए सबसे पहली ऐसी मजबूत प्रणाली Azizul Haque द्वारा Edward Henry, पुलिस महानिरीक्षक, बंगाल, भारत के लिए भारत में विकसित की गई थी। यह प्रणाली, जिसे Henry System कहा जाता है, और इस पर भिन्नताएं अभी भी उंगलियों के निशान को वर्गीकृत करने के लिए उपयोग में आता हैं।

1858 – पहचान उद्देश्यों के लिए हाथ की छवियों का सबसे पहला व्यवस्थित हिसाब हाथों का निसान को दर्ज किया गया। भारत की सिविल सेवा में काम कर रहे Sir William Herschel ने कर्मचारियों को अन्य लोगों से अलग करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट के पीछे एक हाथ की छाप को दर्ज की, जो वेतन-दिन आने पर कर्मचारी होने का दावा कर सकते थे । यह हाथ और उंगली की छाप का पहला रिकॉर्ड किया गया व्यवस्थित अभिग्रहण था जिसे समान रूप से पहचान के उद्देश्यों के लिए लिया गया था।

1870 के दसक में Alphonse Bertillon ने व्यक्तियों की पहचान करने के लिए एंथ्रोपोमेट्री सिस्टम को विकसित की। इनके सिस्टम में व्यक्तियों को उनके शरीर के माप, फिजिकल उल्लेख और तस्वीरों के विस्तृत रिकॉर्ड के आधार पर पहचानने की एक विधि को तैयार किआ । बार-बार आपराधिक अपराधी गिरफ्तार होने पर अक्सर अलग-अलग उपनाम प्रदान करते थे तो इस सिस्टम से अपराधी अपना नाम तो बदल लेंगे लेकिन उनके शरीर के यह सारे तत्व के रिकॉर्ड को चेंज नहीं कर पाएंगे।

1892 में Sir Francis Galton ने उंगलियों के निशान का एक विस्तृत अध्ययन लिखा जिसमें उन्होंने सभी दस उंगलियों के प्रिंट का उपयोग करके एक नई वर्गीकरण प्रणाली प्रस्तुत की। 1896 में बंगाल पुलिस के Sir Edward Henry महानिरीक्षक ने एक फिंगरप्रिंट वर्गीकरण प्रणाली विकसित की। 1960 के दशक में पहली सेमि आटोमेटिक चेहरा पहचान प्रणाली को अमेरिकी सरकार के अनुबंध के तहत Woodrow W. Bledsoe द्वारा विकसित की गई थी। पहली कमर्शियल हाथ ज्योमेट्री पहचान प्रणाली 1970 के दशक की शुरुआत में उपलब्ध हो गई, यकीनन यह 1960 के दशक के अंत में फ़िंगरप्रिंटिंग की प्रारंभिक तैनाती के बाद कमर्शियल रूप से उपलब्ध होने वाला पहला बायोमेट्रिक उपकरण था ।

वर्ष 1988 – पहला सेमी-ऑटोमेटेड फेशियल रिकग्निशन सिस्टम को तैनात किया गया था। 1994 में – पहले IRIS रिकग्निशन एल्गोरिथम का पेटेंट कराया गया। Dr. John Daugman को उनके IRIS मान्यता एल्गोरिदम के लिए पेटेंट से सम्मानित किया गया था। 2011 में – ओसामा बिन लादेन के शव की पहचान के लिए बायोमेट्रिक पहचान का इस्तेमाल किया गया था। 2013 – Apple ने कंस्यूमर -टारगेट स्मार्टफ़ोन में फ़िंगरप्रिंट स्कैनर को शामिल किया। टच आईडी एक फिंगरप्रिंट पहचान करने सुविधा है, जिसे Apple Inc . द्वारा डिज़ाइन और जारी किया गया था।

 

Biometric का उपयोग कहाँ किया जाता है? (Where is Biometric used)

  
हाल के वर्षों में बायोमेट्रिक तकनीक बहोत तेजी से विकसित हुई है। अब, ऐसा को दिननहीं है जब हम किसी प्रकार की बायोमेट्रिक तकनीक से इंटरैक्ट नहीं करते हैं। अपने फ़ोन को अनलॉक करने से लेकर दिन के मौसम का पता लगाने के लिए और सुरक्षित रूप से फ़्लाइट में चढ़ने तक हर जगह बायोमेट्रिक का उपयो हो रहा है। बॉयोमीट्रिक तकनीक हमारे चारों तरफ है। जैसे-जैसे बायोमेट्रिक तकनीक आगे विकसित हो रही है, हम रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बायोमेट्रिक्स के सबसे आम उपयोगों में आने लगा है। बायोमेट्रिक प्रमुख उपयोग इन सभी जगह पर किआ जाता है :

  • Home Assistant Biometric
  • Schools Biometric
  • Biometric use in Banking
  • Airport Security
  • Building Access
  • Law Enforcement
  • Mobile Access and Authentication
  • Public Transport
  • Government
  • Blood Banks

 

Home Assistant Biometric

 

जो कोई भी Google Home, Alexa और Siri जैसे होम असिस्टन्ट से परिचित है, इन सभी उपकरण में पहले से ही बायोमेट्रिक पहचानकर्ता के रूप में आवाज पहचान का उपयोग करने का फीचर्स होती हैं । Google Assistant जो Google होम के साथ-साथ Android उपकरणों पर Assistant है, IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) उपकरणों की एक विस्तृत श्रृंखला के साथ उपयुक्त होते है, जिसमें लाइट बल्ब, दरवाजे के ताले, सुरक्षा कैमरे, सिक्योरिटी लाइट और बहुत कुछ सुबिधा शामिल होते हैं।

 

Schools Biometric

 

आज के अधिकांश सभी देश स्कूल परिसर में पहले से ही बायोमेट्रिक तकनीक को लागू कर रहे हैं। यह शिक्षा के क्षेत्र में भी एक बढ़ती हुई नयी तकनीक है। बायोमेट्रिक्स सुरक्षा को बढ़ने से और नामांकन प्रक्रिया को और अधिक कुशल बनाते हैं जिससे स्कूल प्रशासन को इससे मदद मिलती है। यह सुनिश्चित करने के साथ-साथ कि केवल विद्यार्थियों और अधिकृत माता पिता को ही स्कूल भवनों में प्रवेश मिलता है, बायोमेट्रिक डेटा का उपयोग स्टूडेंट की उपस्थिति दर्ज करने, पुस्तकालय की पुस्तकों की जाँच करने या यहाँ तक कि भोजन के लिए भुगतान करने जैसी कई सारे गतिविधियों के लिए भी उपयोग किया जाता है।

 

Biometric use in Banking

 

ग्राहकों के लिए अधिक सुबिधा अनुभव प्रदान करने के लिए बैंकिंग क्षेत्र सेवाओं की एक श्रृंखला में बायोमेट्रिक्स उपयोग में बृद्धि हो रहा है। आजकल अधिकांश बैंक एटीएम में चेहरे की पहचान करने का परीक्षण शुरू कर रहे हैं। चेहरे की पहचान का उपयोग यह प्रमाणित करने के लिए अब यह अतिरिक्त स्तर की सुरक्षा के रूप में किया जाएगा जिस से बैंक के ग्राहक अधिक सुबिधा मिलेगी जिससे कि कार्ड का मालिक अपने कार्ड का उपयोग करने वाला सही व्यक्ति है।

 

Airport Security

आज के समय में हवाई अड्डों पर बायोमेट्रिक तकनीक को सही तरीके से मौजूद किआ गया है। हवाई अड्डों के माध्यम से यात्रा को और अधिक सुविधा जनक बनाने के लिए दुनिया भर के को हवाई अड्डों द्वारा साझा किया गया एक ही लक्ष्य है। यात्रियों की पहचान को प्रमाणित करने के लिए बायोमेट्रिक तकनीक का उपयोग दुनिया भर के कुछ बड़े और प्रमुख हवाई अड्डों में कई वर्षों से किया जा रहा है और टेक्नोलॉजी का उपयोग सुरक्षा के नजर से अब अधिक व्यापक होता जा रहा है।

 

Building Access

 

चाहे वह आपका अपना घर हो या ऑफिस, काम करने की जगह बायोमेट्रिक तकनीक अब आमतौर पर बिल्डिंग, या किसी भी भवन के भीतर विशिष्ट क्षेत्रों तक अंदर जाने की अनुमति देने के साधन के रूप में बायोमेट्रिक का उपयोग किआ जाता है। जब पहचान नियंत्रण की बात आती है तो बॉयोमीट्रिक्स कई फायदे लेकर आता है। एक बिल्डिंग के भीतर सुरक्षित क्षेत्रों तक पहुंच को नियंत्रित करने के लिए चेहरे या आईरिस पहचान तकनीक का उपयोग करते समय सुरक्षा का एक लेयर का अनुभव प्रदान कर सकता है।

 

Law Enforcement

 

आपराधिक जांच में बायोमेट्रिक का उपयोग करने वाली पुलिस और इंटरपोल जैसी एजेंसियों के साथ कानून प्रवर्तन में Biometric का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इससे अपराधी की पहचान करने के लिए उनके द्वारा उपयोग की जाने वाली सबसे आम बायोमेट्रिक तकनीक से उंगलियों के निशान, आईरिस और चेहरे की पहचान, उनकी चाल और आवाज की पहचान किए जाते हैं।

 

Mobile Access and Authentication

आधुनिक युग में शायद बॉयोमीट्रिक तकनीक के सबसे आम उपयोगों में से एक स्मार्टफोन पर सुरक्षा का है। Apple Inc. ने पहली बार टच आईडी सलूशन को पेश किया जिस से फिंगरप्रिंट पहचान तकनीक का उपयोग करके मोबाइल को एक्सेस किआ जा सके और तब से मोबाइल फोन सुरक्षा कई बायोमेट्रिक तकनीकों का उपयोग करने के लिए आज विकसित हुई है जिसमें चेहरे की पहचान, आईरिस पहचान और आवाज पहचान जैसे फीचर्स शामिल है।

 

Public Transport

पब्लिक ट्रांसपोर्ट में बॉयोमीट्रिक तकनीक को अपनाना अभी भी अपने प्रारंभिक चरण में है, चाहे सार्वजनिक परिवहन के अंदर संभावित फ्यूचर में उपयोग व्यापक हैं और इसमें सुरक्षा और ग्राहक अच्छा अनुभव को बढ़ाना शामिल है। बायोमेट्रिक तकनीक में चेहरे की पहचान का उपयोग करने वाले व्यक्ति से मिलान करने के लिए जारी किए गए स्मार्ट आईडी कार्ड और स्मार्ट टिकटिंग का उपयोग भी शामिल होते है। सुरक्षित यात्रा की अनुमति देने और टिकटिंग और यात्री का मैनेजमेंट की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ट्रांजिट सिस्टम तक पहुंचने के लिए बायोमेट्रिक फीचर्स ट्रांसपोर्ट पर काम आ रहे हैं।

 

Government

 

अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर पहचान और व्यक्ति को प्रमाणित करने के लिए सरकारी एजेंसियां ​​बायोमेट्रिक्स का भी उपयोग करती हैं। कुछ देशों में, वीजा आवेदकों को आपराधिक डेटाबेस और प्रवास रिकॉर्ड के खिलाफ खोजे जाने के लिए बायोमेट्रिक नमूने प्रदान करने होते हैं । पहचान को सत्यापन में कागज आधारित डॉक्यूमेंट में बायोमेट्रिक डेटा की तुलना में सरकारी एजेंसी के लिए बायोमेट्रिक अधिक विश्वसनीय होती हैं।

 

Blood Banks

जब रक्तदान करने की बात आती है, तो व्यक्ति की पहचान अत्यंत महत्वपूर्ण होजाती है। अतीत में, ब्लड दाताओं को सभी आवश्यक जानकारी वाले कार्ड को जारी किए जाते थे। हालांकि, यह डेटा अब अक्सर डिजिटल रूप से स्टोर किया जाता है – ब्लड दाताओं के साथ अपने महत्वपूर्ण विवरणों तक पहुंचने के लिए फिंगरप्रिंट या आईरिस पहचान का उपयोग करने से सही व्यक्ति विवरण मिल जाती है। बायोमेट्रिक पहचानकर्ताओं के उपयोग से डुप्लीकेट, डेटा एंट्री के जैसे मुद्दों का जोखिम समाप्त हो जाता है।

 

बायोमेट्रिक कौन सा डिवाइस है ? (Which device is biometric)

 

बायोमेट्रिक एक इनपुट डिवाइस होता है। Biometric is an input device. जैसे की Biometric से जैविक माप लिए जाते हैं जिसमे फिंगर प्रिंट, फेस रिकग्निशन, रेटिना स्कैन जैसे काम यह सब डेटा कंप्यूटर के अंदर इनपुट होता है। Biometric क्या होता है ? कोई भी डिवाइस कंप्यूटर से कनेक्ट होकर हमें इनपुट डेटा कंप्यूटर को प्रदान करता है,तो उसे इनपुट डिवाइस कहा जाता है,उसी तरह Biometric एक इनपुट डिवाइस है।

 

बायोमेट्रिक की परिभाषा (Definition of biometric)

 

Definition in English: “Biometrics : the measurement and analysis of unique physical or behavioral characteristics (such as fingerprint or voice patterns) especially as a means of verifying personal identity.”

 

बायोमेट्रिक की परिभाषा को हम हिंदी में अनुबाद करे तो : “बॉयोमीट्रिक्स : विशेष रूप से व्यक्तिगत पहचान को सत्यापित करने के साधन के रूप में अद्वितीय भौतिक या व्यवहारिक विशेषताओं (जैसे फिंगरप्रिंट या आवाज पैटर्न) का माप और विश्लेषण।”

 

 

बायोमेट्रिक के कितने प्रकार है? (How many types of biometrics are there)

 

कंप्यूटर और सुरक्षा के नजर से , बायोमेट्रिक्स किसी व्यक्ति की जैविक विशेषताओं के माप से उसकी पहचान करता है। डिजिटल पासवर्ड की तुलना में, इस प्रकार की सिस्टम जाल-साजी करने के लिए अधिक कठिन होता है क्योंकि यह हर व्यक्ति के लिए यूनिक होता है। बायोमेट्रिक स्कैनर के स्कैन अन्य सामान्य तरीके एक व्यक्ति का चेहरा, आईरिस, और रेटिना का किआ जाता हैं। कंप्यूटर में बायोमेट्रिक के डेटा इनपुट करने के लिए उपयोग किए जाने वाले सभी जाने माने बायोमेट्रिक उपकरणों की प्रकार की सूची नीचे दी गई है। इस इनपुट डेटा को बायोमेट्रिक आइडेंटिफ़ायर के रूप में जाना जाता है, जो एक फिजिकल, केमिकल या व्यवहार संबंधी विशेषता होते है। बायोमेट्रिक के प्रकार हैं :

 

  • Face scanner
  • Hand scanner
  • Finger scanner
  • Retina scanner or iris scanner
  • Signature verification system
  • Vein recognition
  • Voice scanner

 

Face scanner

बायोमेट्रिक फेस स्कैनर से किसी भी व्यक्ति के चेहरे का माप को स्कैन लेकर उसी व्यक्ति की पहचान करने सुबिधा होता हैं। उदाहरण के लिए, व्यक्ति की ठुड्डी, आंखों, नाक और मुंह के बीच की दूरी जैसे मैट्रिक्स को स्कैन किआ जाता है। ये स्कैनर बहुत सुरक्षित होते हैं, यह मानते हुए कि वे एक व्यक्ति और एक रियल व्यक्ति की तस्वीर के बीच अंतर करने के लिए पर्याप्त और स्मार्ट होते हैं।

 

Hand scanner

 

बायोमेट्रिक हैंड स्कैनर से हाथों का स्कैन किआ जाता है, यह किसी भी व्यक्ति के फिंगरप्रिंट की तरह, उसके हाथ की हथेली भी एक यूनिक शरीर का अंग होता है। बायोमेट्रिक हैंड स्कैनर या हैंड ज्योमेट्री सिस्टम उपकरण से किसी व्यक्ति की पहचान उसके हाथ की हथेली से किआ जाता है।

 

Finger scanner

 

फ़िंगरप्रिंट से पहचान करना सबसे पुरानी और एक प्रभावी बायोमेट्रिक्स पद्धति में से एक है क्योंकि फ़िंगरप्रिंट को एक लंबे समय से एक सटीक और प्राथमिक पहचान पद्धति के रूप में माना जाता है। क्योकि सभी व्यक्तियों के फ़िंगरप्रिंट एक समान नहीं होते हैं। एक बायोमेट्रिक फिंगर स्कैनर व्यक्ति की पहचान उसके फिंगरप्रिंट से किआ जाता है। ये किसी व्यक्ति की पहचान करने का एक बहोत ही सुरक्षित तरीका है। हालांकि, सस्ते और कम प्रभावशाली फिंगरप्रिंट स्कैनर को कई तरह से ठगा जा सकता है। लेकिन उच्च गुणवत्ता वाले स्कैनर सटीकता से काम करता है।

 

Retina scanner or iris scanner

 

बायोमेट्रिक Retina या IRIS (आँख की पुतली) स्कैनर किसी व्यक्ति की आंखों के IRIS या Retina को स्कैन करके उसकी पहचान करता है। रेटिना स्कैनर अधिक सुरक्षित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण योजनाएं में से एक हैं Biometric क्या होता है ? क्योंकि रेटिना या आईरिस को डुप्लिकेट करने का कोई जाना माना तरीका अभी तक उपलब्ध नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति के आखों में IRIS पैटर्न और रंग अलग-अलग होते हैं।

 

Signature verification system

 

सिग्नेचर वेरिफिकेशन सिस्टम जो व्यक्ति के हस्तलिखित हस्ताक्षर के आकार को पहचान के रूप में पहचानती है। हस्तलिखित हस्ताक्षर का मूल लक्ष्य होता है Biometric क्या होता है ? किसी व्यक्ति की पहचान को सत्यापित करने के लिए एक सटीक तरीका प्रदान करना होता है और जिस तरह से वे अपने नाम पर हस्ताक्षर करते हैं। हस्तलिखित बायोमेट्रिक पहचान हस्तलेखन सिग्नेचर शैली से किसी दिए गए साइन से लेखक की पहचान करने की प्रक्रिया होते है।

 

Vein recognition

 

Vein recognition बायोमेट्रिक्स का एक प्रकार में से एक है, यह लोगों को वर्गीकृत करने और उनकी पहचान सत्यापित करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह एक मान्यता तकनीक है जो मनुष्य के रक्त वाहिकाओं के अनूठे पैटर्न पर काम करती है। यह पैटर्न मानव उंगली की त्वचा के आवरण के नीचे पाई जाती है। यह विधि फ़िंगरप्रिंट पहचान की तुलना में अधिक ज्यादा सुरक्षित हो सकती है, क्योंकि नसें, जो त्वचा के नीचे होती हैं उसे बदला नहीं जा सकता यह विधि फ़िंगरप्रिंट की तुलना में जालसाजी के लिए बहुत कठिन होती हैं।

 

Voice scanner

 

वौइस् स्कैनर का बायोमेट्रिक एक आवाज विश्लेषण करने का स्कैनर या आवाज को सत्यापन प्रणाली है Biometric क्या होता है ? जो गणितीय रूप से किसी व्यक्ति की आवाज को पहचानने के लिए उपयोग की जाती है। ये स्कैनर सुरक्षा को और बेहतर बनाने में मदद करते हैं, लेकिन इसमें डिमेरिट यह है की टेप रिकॉर्डिंग का उपयोग करके कुछ कम परिष्कृत स्कैनर को बायपास करके दुरूपयोग किआ जा सकता है।

 

Biometric डिवाइस से क्या लाभ है ? (What are the benefits of a Biometric device)

 

Biometric सिस्टम की लोकप्रियता और इसका उपयोग दोनों ही दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इसके उपयोग के अनेकों फायदे हैं जिनमे से कुछ नीचे बताए गए हैं।

  • बायोमेट्रिक के उपयोग से सुरक्षा को बढ़ाया जा सकता है, चाहे फिर वह आपके डाटा की सुरक्षा हो या फिर संवेदनशील विभागों की सुरक्षा।
  • इसके उपयोग से कार्यों को ऑटोमेट किया जा सकता है, जैसे Attendence सिस्टम।
  • इसके उपयोग से कार्यों में तेजी लाई जा सकती है। 
  • यह काफी सुविधाजनक साबित होता है। 
  • बायोमेट्रिक डाटा को ERP सिस्टम के साथ Merg किया जा सकता है।
  • संवेदनशील स्थानों में अनचाहे प्रवेश को रोका जा सकता है।  

 

Conclusion

 

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख Biometric क्या होता है ? बायोमेट्रिक के कितने प्रकार है? जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. 
यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए, तब इसके लिए आप नीचे comments लिख सकते हैं.यदि आपको यह लेख पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

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