CBSE क्या है? (CBSE Ka Full Form) सीबीएसई से जुडी पूर्ण जानकारी

दोस्तों क्या आपको पता है CBSE की full form क्या है, CBSE क्या है CBSE का क्या मतलब होता है, CBSE Hota Kya Hai, अगर आपका answer नहीं है तो आपको उदास होने की कोई जरुरत नहीं है क्योंकि आज हम इस post में आपको CBSE की पूरी जानकारी हिंदी भाषा में देने जा रहे है तो फ्रेंड्स CBSE Full Form in Hindi में और CBSE की पूरी history जानने के लिए इस post को लास्ट तक पढ़े.

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दोस्तों कहीं न कहीं CBSE का नाम तो आपने जरूर सुना होगा. CBSE के द्वारा आयोजित करवाई जाने वाली परीक्षायों में हर साल लाखों की संख्या में Student हिस्सा लेते है. इस कारण CBSE का नाम अखबारों और टीवी, आदि में देखने,सुनने को मिल ही जाता है. लेकिन यदि आप CBSE के बारे में नहीं जानते है और CBSE क्या है ? टॉपिक के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करना चाहते है,तो इस Post को पूरा जरूर पढे. इस Post में मैंने CBSE के बारे में पूरी जानकारी हिन्दी में शेयर की है.

 

CBSE क्या है? (CBSE Ka Full Form) सीबीएसई से जुडी पूर्ण जानकारी
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CBSE क्या है 

 

सीबीएसई (Central Board Of Secondary Education), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का एक संक्षिप्त नाम है। यह हमारे देश का प्रमुख शिक्षा बोर्ड है। सीबीएसई के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों का संचालन केंद्र सरकार करती है और इसकी स्थापना 03 नवंबर 1962 को हुई थी। इसके अंतर्गत आने वाले सभी निजी और पब्लिक स्कूल, राजधानी दिल्ली से संचालित होते है। सीबीएसई स्कूलों में शिक्षा के दो माध्यम है, हिंदी एवं अंग्रेजी और इनके पाठ्यक्रम में NCERT किताबें प्रयोग की जाती है।

CBSE फुल फॉर्म                            Central Board of Secondary Education
स्थापना                                           03 नवंबर 1962
आधिकारिक भाषा                           हिंदी और अंग्रेजी
मुख्य कार्यालय                                नई दिल्ली, भारत
आधिकारिक वेबसाइट                     http://cbse.nic.in/
वर्तमान अध्यक्ष                                 मनोज आहूजा

अब आप यह तो जान ही गए होंगे CBSE Ka Matlab Kya Hota Hai या सीबीएसई क्या है? चलिए अब हम आपको बताते है History Of CBSE in Hindi और साथ ही रूबरू कराते है इससे जुड़ी कुछ अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों से।

 

CBSE Ka Full Form

 

सीबीएसई का फुल फॉर्म – “Central Board Of Secondary Education”.है। सीबीएसई फुल फॉर्म इन हिंदी (CBSE Full Form In Hindi) – “केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड” है।

सीबीएसई का मतलब (CBSE Meaning in Hindi) या CBSE Ka Pura Nam Kya Hai (Full Form of CBSE) ये तो अब अच्छे से जान गए, चलिए अब आपको CBSE क्या है इस बारे में विस्तार से बताते है।

 

 

CBSE का इतिहास

 

भारत में स्थापित होने वाला पहला शिक्षण बोर्ड 1921 में Uttar Pradesh Board of High School and Intermediate Education (UP Board full form) बना, जो Rajasthan, Central India और Gwalior के क्षेत्राधिकार में था। सन 1929 में, भारत सरकार ने “Board of High School and Intermediate Education, Rajputana” नामक एक संयुक्त बोर्ड की स्थापना की। इसमें अजमेर, मेरवाड़ा, मध्य भारत और ग्वालियर शामिल हैं बाद में यह अजमेर, भोपाल और विंध्य प्रदेश में भी लाया गया था। सन् 1952 में, इसे “Central Board Of Secondary Education” (CBSE full form) नाम दिया गया ।

 

CBSE का प्रमुख उद्देश्य क्या है ?

 

Board की शुरुआत करने का प्रमुख का Objectives National Goals के अनुरूप स्कूलों में शिक्षा में सुधार करने की योजना का प्रस्ताव करने का है.

प्रमुख रूप से शिक्षकों के कौशल और Professional क्षमता को अद्यतन करने के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करना चाहते है.

के प्रारूप और शर्तों को निर्धारित करने और 10 वीं और 12 वीं कक्षा की final exam held करना का सीबीएसई का प्रमुख उद्देश्य था.

 

CBSE परीक्षा में भाग लेने के लिए पात्रता मापदंड –

 

सीबीएसई दसवीं कक्षा के छात्रों के लिए जो परीक्षा करता है उसे एआईएसएसई के रूप में जाना जाता है, जबकि परीक्षा को 12 वीं कक्षा के छात्रों के लिए एआईएसएससीई कहा जाता है. हर साल सीबीएसई शिक्षक भर्ती के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) भी आयोजित करता है.

केवल सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में नामांकित छात्र ही 10 वीं कक्षा के एआईएसएसई और 12 वीं कक्षा के एआईएसएससीई परीक्षा में भाग ले सकते हैं. इन परीक्षाओं के लिए, हर पंथ, जाति, धर्म, संप्रदाय, आर्थिक स्थिति, लिंग, जाति या जनजाति के छात्र उपस्थित हो सकते हैं.

नेट परीक्षा के लिए, जो छात्र यूजीसी द्वारा सामाजिक विज्ञान, मानविकी आदि में मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से कुल 55 प्रतिशत से अधिक के माध्यम से मास्टर डिग्री पूरी करते हैं, वे सीबीएसई नियमों के तहत उपस्थित हो सकते हैं.

 

भारत में CBSE का पूर्ण रूप क्या है

 

भारत में केंद्रीय शिक्षा बोर्ड जो कि सीबीएसई का पूर्ण रूप है, आप या तो एक छात्र के रूप में या एक शिक्षक के रूप में नामांकन कर सकते हैं. दोनों पदों की पात्रता मानदंड जानने के लिए नीचे पढ़ें. छात्र: सीबीएसई कक्षा 10 बोर्ड के लिए नामांकन कक्षा 1 के अंत तक शुरू होता है. एक बार किसी विशेष स्कूल के लिए सभी छात्रों का नामांकन पूरा हो जाने के बाद, आपको कक्षा 10 में प्रवेश लेने की अनुमति नहीं है.

ऐसे में आपको उसी बोर्ड से आगे बढ़ना होगा जिसमें आप पहले नामांकित थे. हालाँकि आप अपने कक्षा 10 वीं के परिणाम के बाद सीबीएसई बोर्ड में शामिल हो सकते हैं. शिक्षकों के लिए: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में नामांकन के लिए नेट परीक्षा आयोजित की जाती है. आपको अनिवार्य रूप से कम से कम 55% योग के साथ अपने मास्टर्स को पूरा करना होगा.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) भारत में सार्वजनिक और निजी स्कूलों के लिए एक राष्ट्रीय स्तर का शिक्षा बोर्ड है, जिसे भारत सरकार द्वारा नियंत्रित और प्रबंधित किया जाता है. भारत में लगभग 21,271 स्कूल हैं और 28 विदेशी देशों में 220 स्कूल सीबीएसई से संबद्ध हैं. वर्ष 1962 में 309 स्कूलों से, वर्ष 2019 तक, सीबीएसई के 25 विदेशी देशों में 21,271 स्कूल और 228 स्कूल हैं. सीबीएसई से संबद्ध सभी स्कूल एनसीईआरटी पाठ्यक्रम का पालन करते हैं.

 

 

सीबीएसई का फुल फॉर्म सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन है. सीबीएसई सार्वजनिक और निजी स्कूलों के लिए एक राष्ट्रीय स्तर का शैक्षिक निकाय है जो भारत सरकार के सीधे नियंत्रण में है. सीबीएसई हर साल राष्ट्रीय स्तर पर कक्षा 10 वीं और कक्षा 12 वीं के छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षा आयोजित करता है.

यह 1962 में भारत की स्वतंत्रता के दो दशक से भी कम समय में स्थापित किया गया था. यह इसे अन्य प्रमुख भारत शैक्षिक बोर्डों की तुलना में पुराना बनाता है. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है और इसके क्षेत्रीय कार्यालय दिल्ली, चेन्नई, अजमेर आदि शहरों में हैं.

अंग्रेजी और हिंदी दोनों को बोर्ड की आधिकारिक भाषा माना जाता है. सीबीएसई 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए जो परीक्षा आयोजित करता है उसे एआईएसएसई कहा जाता है, जबकि कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए परीक्षा को एआईएसएससीई कहा जाता है. सीबीएसई हर साल शिक्षकों की भर्ती के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) भी आयोजित करता है.

 

CBSE Ki Jankari Hindi Me

 

1921 में भारत के पहले शिक्षा बोर्ड की स्थापना उत्तरप्रदेश में हुई थी, जिसका नाम था “उत्तर प्रदेश बोर्ड आफ हाई स्कूल एंड इंटरमीडिएट एजूकेशन”। सीबीएसई ने शिक्षा के क्षेत्र में तेज गति से विकास किया, और यही कारण है कि बीते वर्षों में इसका बहुत तेजी से विस्तार हुआ है।

वर्तमान में ‘मनोज आहूजा’ माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सीबीएसई के अध्यक्ष 2021 है।

सीबीएसई दूसरे बोर्ड से अलग इसलिए है क्यूंकि इसके पाठ्यक्रम में NCERT किताबें प्रयोग होती है। भारत में हायर एजुकेशन के लिए कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं जैसे NEET, JEE आदि का पाठ्यक्रम सीबीएसई से जुड़ा होता है। जो बच्चे इन क्षेत्रों में अपना कैरियर बनाना चाहते है, उनके लिए सीबीएसई पाठ्यक्रम बहुत ही उपयोगी साबित होता है।

 

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के प्रमुख कार्य Main Functions of Central Board of Secondary Education, CBSE

 

बोर्ड़ अपने से संबंधित सभी विद्यालयों के निर्माण में,उत्थान में एवं उनकी प्रगति एव स्तर में एकरूपता लाने का कार्य करता है और साथ ही उनके लिए नीति-नियमों का निर्माण करने का भी कार्य करता हैं।

1. राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर में इससे संबंधित विद्यालयों के निर्माण हेतु अनुमति प्रदान करना औऱ साथ ही मान्यता भी प्रदान करना।

2. यह समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण कर उनमें सुधार करने हेतु नीति-नियमों का निर्धारण करती हैं।

3. अपने से संबंधित समस्त विद्यालयों के शिक्षण व्यवस्था हेतु पाठ्यक्रम का निर्माण करती हैं।

4. अपने द्वारा निर्मित पाठ्यक्रम के अनुसार पाठ्यपुस्तकों का निर्धारण एवं निर्माण इसी बोर्ड के अंतर्गत किया जाता हैं।

5. इस बोर्ड के द्वारा छात्रों के मूल्यांकन एवं परीक्षा संबंधित नीति-नियमों का निर्धारण भी किया जाता हैं।

6. सफल छात्रों को प्रमाण-पत्र एवं अंकतालिका देने का कार्य भी यही करता हैं।

 

CBSE के फायदे –

 

  • अन्य भारतीय बोर्डों की तुलना में सरल और हल्का पाठ्यक्रम.
  • सीबीएसई स्कूलों की संख्या किसी भी अन्य बोर्ड की तुलना में बहुत अधिक है, जो स्कूलों को स्विच करना बहुत आसान बनाता है, खासकर जब छात्र को दूसरे राज्य में जाना पड़ता है.
  • सीबीएसई के छात्र आमतौर पर अपने आईसीएसई, आईएससी या राज्य-बोर्ड समकक्षों की तुलना में अधिक अंक प्राप्त करते हैं.
  • भारत में अधिकांश स्नातक प्रतियोगी परीक्षाएं सीबीएसई द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पर आधारित होती हैं.
  • सीबीएसई छात्रों को पाठ्येतर गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता है
  • अधिकांश राज्य बोर्डों के छात्रों की तुलना में सीबीएसई के छात्र आमतौर पर अंग्रेजी में अधिक धाराप्रवाह पाए जाते हैं.
  • जबकि छात्रों को मिलने वाली शिक्षा की गुणवत्ता बोर्ड के बजाय उनके अपने विशेष स्कूल पर अधिक निर्भर करती है, सीबीएसई ने जो मानक निर्धारित किए हैं, वे यह आश्वासन देते हैं कि अधिकांश सीबीएसई स्कूल अपने छात्रों को अच्छी और उचित शिक्षा प्रदान करते हैं.

 

 

Conclusion

 

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