CSS क्या है?(What is CSS in hindi) CSS की पूरी जानकारी

What is CSS in Hindi? आज के इस लेख में आप जानेंगे के CSS क्या है और इसे क्यों इस्तिमाल किया जाता है. जैसे की हम सभी को इस बात का पता है की आज कल एक अच्छी नौकरी पाने के लिए कितना struggle करना पड़ रहा है। Struggle करने के बाद भी जब एक नौकरी मिलती है तो उसकी salary हमारे काबिलियत से कम मिलती है जिसके लिए हम बहुत निराश रहते हैं. ऐसे में बहुत लोग अपना खुद एक व्यापर शुरू कर लेते हैं जहाँ मेहनत भी उतनी ही लगती है जितना दूसरी जगह नौकरी करने में लगती है लेकिन वहां के मुकाबले यहाँ पैसे दुगने कमाने लगते हैं।

व्यापर भी सिर्फ वोही लोग कर सकते हैं जिनके पास invest करने के लिए ज्यादा पैसे रहते हैं मगर जिनके पास वो भी नहीं रहते फिर उनके पास नौकरी करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं रहता। लेकिन असल में एक और रास्ता है जिसमे हमें ज्यादा पैसे invest करने की जरुरत भी नहीं पड़ती और जिसके जरिये हम घर बैठे ही बहुत पैसे कमा सकते हैं, वो रास्ता है online व्यापर करने का जिसे हम blogging केहते हैं.

Blogging करने के लिए हमारे पास computer और internet के साथ साथ बहुत से ज्ञान की जरुरत है जो एक website बनाते वक़्त काम आती है, और जो सबसे जरुरी चीज है वो है HTML. HTML क्या है इसके ऊपर मैंने एक लेख लिखा है आप चाहे तो वहां से इसकी जानकारी हासील कर सकते हैं. HTML के साथ साथ और भी कई चीजों का इस्तेमाल हम webpage बनाने के लिए करते हैं जैसे CSS, Java Script, PHP, etc. आज इस लेख में मै आपको CSS क्या है इसके बारे में बताने वाली हूँ.

 

CSS क्या है?(What is CSS in hindi) CSS की पूरी जानकारी
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CSS क्या है?

 

CSS वेब डॉक्युमेंट्स को स्टाइल करने की भाषा है, जिसे W3C – World Wide Web Consortium द्वारा विकसित किया गया है. इसका पहला संस्करण 1996 में प्रकाशित किया गया था. CSS 3 इसका नवीनतम संस्करण है. इसका उपयोग एक वेबपेज को सजाने के लिए होता है. और HTML के साथ-साथ ही इस्तेमाल होती है. आप जानते है कि HTML द्वारा वेब डॉक्युमेंट्स का ढ़ाँचा (Structure) तैयार किया जाता है. उस ढ़ाँचे को जिस तकनीक से सजाया यानि फॉर्मेट किया जाता है. उस तकनीक को ही सीएसएस नाम दिया गया है. इस बात को हमने ऊपर CSS की परिभाषा से स्पष्ट कर दिया है.

CSS का उपयोग एक एचटीएमएल डॉक्युमेंट के ढ़ाँचे की दिखावट (Layout), उसकी पृष्ठभूमी (Background), टेक्स्ट का रंग एवं स्टाइल आदि को सजाने एवं नियंत्रित करने के लिए किया जाता है. इस भाषा को स्वतंत्र रुप से लिखा जाता है. इसके अपने Code-Words यानि स्टाइल रूल्स है, जो एक वेबपेज की अलग-अलग प्रकार से फॉर्मेटिंग करते है.

 

CSS क्या है ( What is CSS in hindi )

 

यह एक डिजाइनिंग लैंग्वेज है जिसका Full Form Cascading Style Sheets होता है जो ज्यादातर वेब पेज को डिज़ाइन करने के काम में आता है. इसके अलावा इसका इस्तेमाल Game व Application को भी अच्छा लुक देने के लिए किया जाता है. इसकी मदद से किसी भी html documents को काफी आकर्षक और सुंदर बनाया जा सकता है.

CSS एक independent language हैमतलब सिर्फ इसी लैंग्वेज का यूज़ करके कोई प्रोग्राम नहीं बन सकता है. इसका use अन्य प्रोग्रामिंग भाषाओं के साथ किसी प्रोग्राम को CSS डिज़ाइन करने के लिए किया जाता है. जब भी कोई वेबसाइट बनती है तो वो मुख्य रूप से html , css , JavaScript से बनी होती है जिसमें html उस वेबसाइट के कंटेंट और फ्रेम को तैयार करता है , css उसको डिज़ाइन देता है जैसे उसके Text के Colour को बदलना या कोई एनिमेशन लगाना आदि.

जबकि JavaScript का use वेब पेज में User Interaction के लिए किया जाता है. कुल मिलाकर CSS एक ऐसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जिसके Syntax को किसी भी html web page में use करके उसके कंटेंट को रंग और फ़ॉन्ट स्टाइल आदि के द्वारा आकर्षक बनाया जाता है

 

CSS के प्रकार – Type of CSS in Hindi

CSS पर मुख्य तीन प्रकार से काम कर सकते हैं –

#1. Inline Style Sheet (इनलाइन स्टाइल शीट)

जब HTML Tag के अंदर ही CSS को Add किया जाता है तो इस प्रकार के CSS को Inline Style CSS कहते हैं. Inline Style CSS का उपयोग किसी Particular HTML Element को Configure करने के लिए किया जाता है.

इसमें CSS Style Attribute के अन्दर लिखी जाती है,

#2. Internal Style CSS (आंतरिक शैली सीएसएस)

इस प्रकार के CSS में जिस पेज में Style अप्लाई करना होता है उसी पेज के HTML में Head Section के अंदर CSS की Coding की जाती है. और इसका Effect भी केवल उसी पेज में पड़ता है.

Single Page वाली Website के लिए Internal Style CSS का प्रयोग किया जाता है. इसमें CSS कोड को < Head > < / Head > के बीच में रखा जाता है.

इसमें जब Style Element का प्रयोग करते हैं तो Type Attribute का भी इस्तेमाल होता है. Type Attribute Specify करता है कि Document में किस प्रकार की Style प्रयोग की जाये.

#3. External Style CSS (बाहरी शैली सीएसएस)

इस प्रकार की CSS तब इस्तेमाल की जाती है जब बहुत सारे Webpage को Same Style दी जाती है. इसके प्रयोग से एक File में बदलाव करने से पूरी वेबसाइट में बदलाव हो जाता है.

इसमें < Link > Tag की मदद से CSS को HTML में Apply किया जाता है और इसका Effect पुरे HTML Document पर पड़ता है.

Multiple Page वाली वेबसाइट के लिए External CSS का इस्तेमाल होता है.

 

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CSS क्यों सीखना चाहिए ?

 

अगर आप वेब डेवेलपमेंट सीख रहे हैं या कोई वेबसाइट बनाने के लिए प्लान कर रहें हैं तो आपको CSS ज़रूर सीखना चाहिए. आप तो जानते ही होंगे कि वेब डेवेलपमेंट में html का use तो होता ही है लेकिन उसको आकर्षक और यूजर के हिसाब से इंटरेक्टिव बनाने के लिए css और JavaScript का use होता है. इसके अलावा Gaming और अन्य प्रोग्रामिंग में भी इसकी काफी डिमांड है.

वैसे भी अगर आपने html सीख लिया है तो आपको css सीखना पड़ेगा क्योंकि बिना css सीखें आप html के बल पर कोई Job पाना मुश्किल है और एक अच्छी वेबसाइट को भी नहीं बना सकते. प्रोग्रामिंग की दुनिया में इस भाषा का काफी use है क्योंकि आज कल सभी चाहते हैं कि उनका सॉफ्टवेयर या एप्लीकेशन लोगो को देखने में आकर्षक लगे.

 

CSS के फायदे

 

दोस्तों यहाँ Css के फायदे की बात करि जाए तो सबसे बड़ा फायदा यह है की यह हमारे HTML Webpages को बहुत ही आकर्षित बना देता है इसके अलावा मेने कुछ और निचे आपको फायदे बताये है जो आप पढ़ सकते है।

1. समय की बचत होती है

Css का उपयोग करके आप बहुत ही कम समय में किसी भी वेबपेज को आसानी से डिजाइन कर सकते है जिससे की आपका समय बचता है मान लीजिए आपको 100 वेबपेज बनाने है तो एक जैसा डिजाइन ही रखना है तब आप एक वेबपेज को बना कर आप एक साथ सभी वेबपेज में अप्लाई कर सकते है जिससे की आपका समय बहुत ही बचता है और आपका पूरा काम Css की मदद से जल्दी हो जाता है

2. डिजाइन करने में आसानी

यहाँ अगर डिजाइन की बात करि जाए तो डिजाइन करने में भी आसानी होती है मान लीजिए आपको एक Website में 5o पेज को बनाना है और CSS क्या है सभी पेजेज में एक ही जैसा डिजाइन करना है तब आप सिर्फ केवल एक ही पेज बना कर सभी पेजेज में Css file को लिंक करके सभी वेबपेजेस का डिजाइन एक जैसा कर सकते है जिससे की आपका समय भी बचता है और डिजाइन भी आसानी से हो जाता है।

3. Website की Speed बढ़ जाती है

यहाँ आप अगर कोड की मदद से वेबसाइट को बनाते है तो आपकी Website की स्पीड काफी फ़ास्ट होती है वही आप डिजाइन के लिए Css Style का उपयोग करते है तो आपके Webpages की Size बहुत छोटी होती है जिससे काम से काम स्पीड के इंटरनेट में भी आपका वेबपेज ओपन हो सकता है। तो यह भी Css का एक अच्छा फायदा हैं।

4. Page को Responsive बनाता है

आपने बहुत बार देखा होगा की कोई कोई वेबपेज कम्प्यूटर में सही तरीके से ओपन होता है और मोबाइल में उतने अच्छे तरीके से ओपन नहीं हो पता है इसका समाधान भी Css Style के द्वारा किया जा सकता है जिससे की आपकी साइट पर आने वाले यूजर को आपके सभी वेबपेज को एक्सेस करने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।

5. उपयोग करने में फ्री

यहाँ आपको बता दू की Css का उपयोग करने के लिए आपको किसी भी तरह की Paid Service का उपयोग नहीं करना पड़ता है क्युकी यह एक तरह की Style है तो आप इसे जैसे चाहे वैसे उपयोग कर सकते है और अपने वेबपेज को डिजाइन कर सकते है।

 

CSS का  इतिहास – Brief History of CSS in Hindi

 

CSS को आप HTML की छोटी बहन मान सकते हैं. क्योंकि HTML के बाद ही CSS का भी जन्म होने लगा था. वैसे तो HTML और CSS के जन्म में कई सालों का अंतर हैं. लेकिन, उसी दशक में ही CSS का जन्म हो गया था.

CSS का जनक श्री Hakon Wium Lie हैं. इन्होने ही सबसे पहले 1994 में CSS Rules को बनाया था. और इसके बाद W3C – World Wide Web Consortium द्वारा CSS Level 1 को दिसबंर 1996 में प्रकाशित किया गया. यह CSS का पहला Version कहलाया.

CSS Version 1 से अब तक CSS के तीन और Versions को प्रकाशित किया जा चुका हैं. जो क्रमश: CSS Level 2, CSS Level 2.1 और CSS Level 3 हैं. CSS3 इसका नवीनतम (Latest Version) संस्करण हैं.

 

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CSS की कुछ सामान्य प्रोपर्टी (Basic Properties of CSS )

 

  • Height – इस प्रोपर्टी के द्वारा Element की उचाई फिक्स करते हैं.
  • Width – Element को चौड़ाई देने के लिए इस प्रोपर्टी का उपयोग करते हैं.
  • Color – Element में Color देने के लिए इसका प्रयोग होता है.
  • Broder – Element में Border बनाने के लिए इस प्रोपर्टी का प्रयोग किया जाता है.
  • Background Color – इसकी मदद से Element के Background में Color कर सकते हैं.
  • Margin – Element के चारों तरफ Space देने के लिए इसका प्रयोग होता है.
  • Padding – Element में Padding को निर्धारित करने के लिए इस प्रोपर्टी को इस्तेमाल में लाया जाता है.

 

CSS कैसे सीखें  (How to Learn CSS in Hindi)

 

अगर आपने HTML Training ली हुई है या लें रहे है. तब आपको CSS अलग से सीखने की कोई जरुरत नहीं रहती है. क्योंकि HTML के साथ-साथ सीएसएस भी सिखाया जाता है. CSS क्या है वेब डिजाइनिंग कोर्स खासकर इसी उद्देश्य के लिए तैयार किया गया है. जिसमें HTML, CSS के साथ जावा स्क्रिप्ट की ट्रैनिंग भी दी जाती है.

लेकिन, काम करने के दौरान चीजे अपडेट होती रहती है. और वेब पर तो चीजे सैकण्डों में पुरानी हो जाती है. इसलिए खुद को नई और एडवांस तकनिक से अपडेट रखने के लिए लगातार सीखना जरूरी होता है. इसलिए ही हम यहाँ फ्री में सीएसएस सिखने के तरीके बता रहे है. यदि आप नीचे बताए गए तरिकों का उपयोग करेंगे तो आप जॉब करते हुए भी CSS Advance Training ले पाएंगे.

  • ऑनलाइन सीखें
  • ऑनलाइन कोर्स जॉइन करें
  • किताबें खरिदें
  • यूट्यूब से सीखें
  • दूसरी वेबसाइट्स से सीखें

 

#1 ऑनलाइन सीखें

इंटरनेट पर आपके हर सवाल से संबंधित कुछ ना कुछ इंफो उपलब्ध है. यदि आप “how to learn css online in hindi” इस टर्म को गूगल करेंग़े. तो आपके सामने लाखों परिणाम आ जाएंगे.

लेकिन, वेब से फायदें मंद जानकारी ढूँढना सागर से मोती ढूँढ़ने के बराबर है.

इसलिए, हम आपको इस समय खपा देने वाले काम में नहीं झोकेंगे. क्योंकि आपके लिए इंटरनेट पर मौजूद बेस्ट वेबसाइट्स की लिस्ट नीचे दी जा रही है. जहाँ से आप Free CSS Training लें सकते है.

  • W3Schools.com
  • Codecademy.com
  • Tutorialspoint.com
  • TutorialPandit.com
  • Css-tricks.com
  • Javatpoint.com
  • Csstutorial.net
  • Htmldog.com
  • Cssbasics.com
  • Tutorialrepublic.com

 

#2 ऑनलाइन कोर्स जॉइन करें

आजकल ऑनलाइन कोर्स का क्रेज बहुत बढ़ रहा है. और ई-लर्निंग सिखने के ढ़ंग को बदल रही है. इसलिए, आप भी समय के साथ चलें और ऑनलाइन लर्निंग पोर्टल्स पर उपलब्ध मुफ्त तथा पैड कोर्सेस को जॉइन करके सीएसएस सीखना शुरू कर सकते है.

कुछ लोकप्रिय ऑनलाइन पोर्टल्स के नाम नीचे दिए जा रहे है.

  • Edx.org
  • Udacity
  • Udemy
  • Coursera
  • Khanacademy

 

#3 किताबें खरिदें

किताबें इंसान का सच्चा साथी होती है. जो उसका साथ हमेशा निभाती है. यदि आप देखकर सीखना नहीं चाहते है. और आपको पढ़ना पसंद है. तब आप CSS Books खरीद सकते है.

आप ऑनलाइन Best CSS Books ढूँढ़कर अपना ज्ञान बढ़ाने की शुरूआत कर सकते है. या फिर बाजार में जाकर किसी अच्छे से बुक स्टोर से सीएसएस की किताबें लें सकते है.

 

#4 यूट्यूब से सीखें

यूट्यूब एक पब्लिक स्कूल की तरह है. जहाँ पर गूगल अकाउंट रखने वाला हर इंसान टीचर बन सकता है.

आपको दर्जनों यूट्यूब चैनल मिल जाएंगे. जो मुफ्त सीएसएस सिखाते हैं. इन चैनल्स को सबस्क्राइब करके आप हर नए वीडियो की नोटिफिकेशन प्राप्त कर पाएंगे.

यदि, आपको वीडियो ढूँढ़ने में दिक्कत आती है तो आप वीडियो प्लेलिस्ट से CSS Tutorial Videos की सूची प्राप्त कर सकते है.

 

#5 दूसरी वेबसाइट्स से सीखें

यह तरिका केवल वेब डिजाइनिंग का कोर्स करने वाले स्टुडेंट्स तथा वेब डिजाइनर्स के लिए ही उपयोगी होगा. इसलिए, नए स्टुडेंट्स इस तरिके को ना अपनाए तो उनके लिए बेहतर रहेगा. बाकि, आप निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है. खैर, मुद्दे की बात पर आते है.

अब आप सोच रहे होंगे कि हम दूसरी साइट्स से कैसे सीख सकते है? चलिए, बताते है. आपने HTML सीखने के दौरान वेबपेज का सॉर्स-कोड देखने का तरीका जरूर सीखा होगा.

अब आपको कुछ समझ आ गया होगा.

आप दूसरी वेबसाइट्स के सोर्स-कोड देखकर खुद की नॉलेज में इजाफा कर सकते है. और जिस साइट में आपको कोई नया फीचर नजर आ रहा है उसे भी हाथो-हाथ सीखकर खुद को अप-टू-डेट रखने में कामयाब हो सकते है.

 

CSSS का उपयोग क्यों किया जाता है?

 

अब तक तो आप जान ही चुके होंगे कि सीएसएस क्या है, व इसका उपयोग किसी web page को design देंने जैसे – उसका page layout, text color, font and text style की formatting के लिए किया जाता है। CSS एक बेहद powerful style sheet language है, जिससे हम लिखे गए content के look व feel को control कर सकते है। मान लीजिये आपके पास कोई website element (title) है।

अब अगर हम इस title element के size, color को बदलना व इसके चारों ओर padding करना चाहे तो हम यहा अपने इस element का रूप बदलने के लिए सीएसएस का उपयोग करेंगे। Web designing के लिए सीएसएस क्यों महत्वपूर्ण है इसका अंदाजा आप CSS के फायदे जानकर आसानी लगा सकते है।

 

CSS से वेबसाइट की स्पीड इंप्रूव होती हैं

 

CSS का सबसे फायदा हैं कि जब किसी वेबसाइट या किसी पार्टिकुलर वेब पेज में सीएसएस को इस्तेमाल किया जाता हैं तो उस व्यक्ति को जब इंटरनेट पर सर्च करके उसको लोड किया जाता हैं उसको ओपन किया जाता हैं उसी से बहुत ही जल्दी लोड हो जाता हैं जिससे वेबसाइट का स्पीड बढ़ जाता हैं।

सीएसएस का इस्तेमाल करने से उस ब्राउज़र में उस वेबसाइट का डाटा कैचे के माध्यम से स्टोर हो जाता हैं जिससे अगली बार यदि उसी वेबसाइट को उसके ब्राउज़र पर ओपन किया जाता हैं तो वह बहुत जल्द लोड हो जाता हैं जिससे वेबसाइट काय स्पीड इंप्रूव होता हैं।

 

एक वेब डेवलपर के लिए CSS क्यों जरूरी होता है ?

एक हिसाब से आजकल हर जगह कॉम्पटीशन है चाहे वो कोई Job हो या स्टार्टअप. जैसे अगर कोई Restaurant चलाता है CSS क्या है तो वो सोचेगा की मैं अपने Restaurant को अच्छे से CSS डिज़ाइन करूं और नए नए Products बनाऊं ताकि ज्यादा से ज्यादा Customer आएं और उनकी Sales ज्यादा हो. ठीक यही Concept Web Development में भी Apply होता है.

जब तक आपके द्वारा बनाई गई वेबसाइट अच्छा और आकर्षक नहीं दिखेगी तब तक लोग उसे पसंद नहीं करेंगे. और उस वेबसाइट कि उतनी अच्छी Authority Build नहीं पायेगी. इसीलिए Web Development में CSS काफी मायने रखता है जिससे कि किसी वेबसाइट को अच्छा look दिया जा सके.

 

HTML व CSS के बीच क्या difference (अंतर) है।

 

1) HTML व CSS के बीच पहला अंतर html किसी web page के content और Structure को चित्रित करता है। बल्कि css html element के design and display को modify करता है।

2) इनके बीच दूसरा अंतर सीएसएस का उपयोग html files में किया जा सकता है। परंतु css style sheets में html का उपयोग नही किया जा सकता है।

3) HTML व CSS के बीच तीसरा अंतर html elements को इस्तेमाल करने की कोई method नही होती है। बल्कि css के codes को implement करने के लिए Inline CSS code, Internal and external stylesheet किसी भी method का use किया जा सकता है।

4) इनके बीच चौथा अंतर html में tags उपयोग में आते है। html tag मौलिक रूप से keyword (tag name) हैं जो angular brackets में संलग्न होते हैं और आमतौर पर एक जोड़े में आते हैं। जैसे – opening tag

<tagname> closing tag </ tagname>
जबकि सीएसएस में selectors होते है जो code block को represent करते है। css codes को curly brackets { } के भीतर लिखा जाता हैं। सीएसएसCaCM code को styel देने के लिए हम इन्हें properties और value से define करते है। properties और value के बीच हम कोलन : बिंदु लगाते है।

 

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Conclusion

 

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख  CSS क्या है?(What is CSS in hindi) CSS की पूरी जानकारी  जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे.

यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए, तब इसके लिए आप नीचे comments लिख सकते हैं.यदि आपको यह लेख पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter इत्यादि पर share कीजिये.


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