Monitor क्या है? कंप्यूटर मॉनिटर के प्रकार की पूर्ण जानकारी हिंदी में

दोस्तों Monitor क्या है? :- आज हम इस आर्टिकल में Computer Monitor से सम्बंधित महत्वपूर्ण, ज्ञानवर्धक जानकारियाँ अर्जित करेंगे। जैसे की: हम जानेंगे, Monitor क्या है? Monitor का मुख्य कार्य क्या है? तथा यह काम कैसे करता है? Monitors कितने प्रकार का होते है? हम यह भी जानेंगे की Monitor में क्या-क्या फीचर्स दिए जाते है।

इसके साथ-साथ हम जानेंगे की LCD Monitor कैसे कार्य करता है? तथा इसके मुख्य कंपोनेंट्स क्या-क्या है? टीवी और Monitor में क्या अंतर है? और अंत में हम LCD और LED Monitor के बीच क्या अंतर है? इसके बारे में भी जानेंगे। Monitor आजकल लगभग सभी घरों में एक अहम हिस्सा बन गया है। यह एक हस्ता-खेलता परिवार में रोजमर्रा की जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। परिवार के अलग-अलग सदस्य अलग-अलग उदेश्य के लिए Monitor का इश्तेमाल करना चाहते है। जैसे:

किसी को एंटरटेनमेंट के लिए LCD या LED Monitor चाहिए जिसमे वे यूट्यूब वीडियो या टीवी चैनल के वीडियो को देख सके। तो किसी सदस्य को Computer पर फोटो या वीडियो एडिटिंग करने के लिए एक अच्छा Monitor चाहिए, तो किसी सदस्य को गेमिंग के लिए Monitor चाहिए इत्यादि। इस आधार पर देखा जाए तो Monitor किसी परिवार में या किसी आदमी के लिए जरूरत बन गया है, जो रोजमर्रा के कार्यों में अधिक तेजी से उपयोग किया जा रहा है। आखिर क्यों नहीं? Computer Monitor इंसान के कामों को और अधिक आसान बनाता है, यह दिन-प्रतिदिन के कार्यो को और अच्छे तरीके से मैनेज करने का साधन भी है।

1964 में, Uniscope 300 मशीन में एक अंतर्निर्मित CRT डिस्प्ले शामिल था, जो एक वास्तविक Computer मॉनीटर नहीं था लेकिन इसके लगभग 10 वर्ष के बाद 1 मार्च 1973 को ज़ेरॉक्स ऑल्टो Computer पेश किया गया, जिसमें पहला Computer Monitor था। इस मॉनीटर में एक मोनोक्रोम डिस्प्ले और सीआरटी तकनीक शामिल किया गया था। तो चलिए, अब हम सबसे पहले यह जानते हैं कि Monitor क्या है।

 

Monitor क्या है? कंप्यूटर मॉनिटर के प्रकार की पूर्ण जानकारी हिंदी में
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Monitor क्या है? (What is Monitor)

 

Computer monitor असल में एक आउट्पुट डिवाइस है जिसे की technically visual display unit कहा जाता है. यह एक output device होता है जो की CPU की सभी information में Monitor Screen में show करता है. यह एक interface के तरह होता है CPU और user के बीच।

एक cable को connect किया जाता है video adaptor के साथ या video card के साथ जिसे की computer के motherboard के साथ set up किया जाता है.

Monitors बहुत ही similar दिखते हैं televisions के साथ. इन दोनों में जो main difference होता है वो ये की monitor में television tuner नहीं होता है channels को बदलने के लिए, वहीँ television में होता है. Monitors में higher display resolution होता है television की तुलना में. एक high display resolution छोटे letters और fine graphics को देखने के लिए सुविधा प्रदान करती हैं.

एक monitor को screen, display, video display, video display terminal, video display unit, या video screen आदि नामों से जाना जाता है.

 

 

किसने मॉनिटर का आविष्कार कौन किया? (Who Invented the Monitor)

 

सबसे पहले cathode ray monitor का आविष्कार Karl Ferdinand Braun ने किया था सन 1897 में जब उन्होंने पहला cathode ray tube invent किया था.

 

Monitor क्या कार्य करता है? (What does the Monitor do)

 

एक computer monitor एक प्रकार का display adapter होता है जो की computer के video card से processed किया गया information को display करता है. जब एक video card या graphics card convert करता है binary information को 1s और 0s से images में, तब images को आसानी से और directly ही connected monitor में display किया जा सकता है.

इसलिए Computer Monitor का main function होता है display करना video और graphical information को जो की computer के graphics adapter से generate होता है. इससे ये user को computer के साथ interact करने के लिए सुविधा प्रदान करता है. इसे एक output device के हिसाब से categorized किया जाता है. एक monitor बहुत ही महत्वपूर्ण अंग होता है पुरे computer system का. इसे कभी कभी video display unit (VDU) भी कहा जाता है.

 

कंप्यूटर मॉनिटर के प्रकार (Types of computer monitors)

 

Computer Monitors के बहुत सारे types मेह्जुद हैं इस्तमाल करने के लिए. यहाँ मैंने कुछ ऐसे types के Monitors के विषय में बताने वाला हूँ जिन्हें की पहले इस्तमाल किया जाता था, कुछ तो अभी भी इस्तमाल किये जा रहे हैं. तो फिर चलिए इनके विषय में और अधिक जानते हैं.

CRT Monitors

ये monitors एक cathode ray tube का इस्तमाल करता है images display करने के लिए. इस cathode ray tube को construct करने के लिए एक vacuum tube, heaters, electron guns, deflection circuits और एक glass screen का इस्तमाल होता है।

जब electrons produce होते हैं cathode ray tube के अन्दर, तब screen को इन electrons के द्वारा bombard किया जाता है, जिससे वो glow करती हैं और images produce होती है. CRT monitors older television sets को resemble करते हैं. वो bulky होते हैं और साथ में बहुत सारा energy consume भी करते हैं.

 

LCD Monitors

ये LCD screens monochrome pixels का इस्तमाल करते हैं images को project करने के लिए. ये pixels को systematically arrange किया जाता है are transparent electrodes और polarizing filters के बीच. जब pixels polarized होते हैं तब Images form होते हैं.

LCD monitors बहुत ही कम energy का consumption करते हैं और बहुत ही ज्यादा बेहतर graphics quality प्रदान करते हैं. ज्यादातर computer monitors जिन्हें अभी हम इस्तमाल करते हैं उनमें Liquid Crystal Display का इस्तमाल होता है. इसमें screen sizes की range 17 inches से 60 inches की होती है.

 

LED Monitors

LED monitors अभी के समय के बहुत ही latest types के monitors हैं जो की अब market में उपलब्ध हैं. ये flat panel, या slightly curved displays होते हैं जो की light-emitting diodes का इस्तमाल करते हैं back-lighting के लिए, वहीँ cold cathode fluorescent (CCFL) back-lighting का इस्तमाल LCDs में होता है.

LED monitors में बहुत ही कम power का इस्तमाल होता है CRT या LCD की तुलना में. इसके अलावा ये ज्यादा environmentally friendly भी होते हैं.

इसकी जो advantages हैं वो ये की ये ऐसे images produce करते हैं जिसमें की higher contrast होती है, और साथ में ये negative environmental impact भी ज्यादा नहीं डालती है जब इसे dispose किया जाता है, और ये ज्यादा durable भी होती हैं CRT और LCD monitors के तुलना में.

इनकी design भी बहुत पतली होती है. ये ज्यादा heat पैदा नहीं करती हैं. इसकी जो downside होती है वो ये की ये ज्यादा expensive होती हैं.

 

Plasma Monitors

Plasma technology एक दूसरी latest technology होती है display devices की. इसके पीछे की जो basic idea होती है वो ये की ये illuminate करती हैं tiny colored fluorescent lights को जिससे image pixels create होती हैं.

इसमें प्रत्येक pixel तिन fluorescent lights से बनी हुई होती हैं – जो की हैं red, green और blue lights. जिससे बहुत से variety की color पैदा करती हैं, साथ में इसमें intensity of these lights भी vary करती हैं accordingly.

 

OLED Monitors

OLED का full form होता है Organic Light Emitting Diode. ये भी एक latest technology है display devices की. जैसे की नाम से पता चलता है की ये organic material (जैसे की carbon, wood, plastic या polymers) से बनी हुई होती है, और जिनका इस्तमाल electric current को light में convert करने के लिए होता है.

चूँकि ये LEDs इतने capable होते हैं की ये different colored light पैदा कर सकें, इसलिए इनका इस्तमाल directly किया जा सकता है correct color को produce करने के लिए और इसमें कोई backlight की जरुरत भी नहीं होती है जिससे ये दोनों power और space को बचाता है.

इसकी fast response time, wide viewing angles, outstanding contrast levels और perfect brightness के होने से, ये OLED displays अभी तक की सबसे बेहतरीन display technologies मानी जाती हैं.

 

 

Latest Display Technology की Advantages conventional display technologies के ऊपर :

 

Conventional Display Technologies की बहुत से कामियां होती है, जिन्हें की Latest Display Technologies के इस्तमाल से पूर्ण किया जा सकता है. चलिए ऐसे ही कुछ advantages के विषय में जानेंगे.

  • इनकी fabrication process बहुत आसान होती है और display devices बहुत ही पतली होती है conventional display devices की तुलना में.
  • LCD devices के comparison में, OLED displays को अलग अलग angles से देख सकते हैं क्यूंकि वो “emissive” devices होते हैं मतलब की वो light को emit करती हैं न की उन्हें transmitted या reflected light करती हैं modulate कर.
  • वो backlight का इस्तमाल नहीं करती हैं.
  • इनकी driving voltage और total power consumption बहुत ही low होती हैं दुसरे display technologies की तुलना में.
  • जो material का इस्तमाल होता है वो eco-friendly होते हैं और lead या ऐसी कुछ harmful materials का इस्तमाल नहीं करती हैं.

 

FAQ- Monitor से सम्बंधित आपके सवाल और हमारे जवाब:

 

1. सबसे पहले Monitor कब बना था?

Uniscope 300 मशीन के लगभग 10 वर्ष के बाद 1 मार्च 1973 को ज़ेरॉक्स ऑल्टो Computer पेश किया गया, जिसमें पहला Computer Monitor था। इस मॉनीटर में एक मोनोक्रोम डिस्प्ले और सीआरटी तकनीक शामिल किया गया था। 

2. Monitors कितने प्रकार का होते है?

मॉनीटर्स अनेकों प्रकार  है, सभी के नाम बताना तो संभव नहीं है, कुछ प्रसिद्ध मॉनीटर्स के नाम निचे दिए गए है। 
CRT Monitor (Colour & Monochrom)
LCD Monitor (Liquid Crystal Display)
TFT (Thin Film Transistor) LCD Monitor 
IPS Panels (in-plane switching)
TN Panels (ट्विस्टेड नेमाटिक पैनल)
LED Monitor (Light Emitting Diode)
OLED (Organic LED)
AMOLED (Active Matrix Organic Light Emitting Diodes)
Quantum Dot or QLED
Touch Screen Monitors
DLP Monitors (Digital Light Projecting) तथा
Plasma Screen Monitors इत्यादि। 

3. Monitor के कुछ कॉमन फीचर के नाम बताएं 

Monitor में कॉमन फीचर के नाम निचे दिए गए है। 
Display Size
Aspect Ratio:
Screen Type/ Panel
Resolution
Resolution
Refresh Rate
Dot Pitch
Pixels No.
Connection Port इत्यादि कॉमन फीचर है। जितना अधिक फीचर्स होते है, उतना ही अधिक दाम होते है। 

4. Monitor में Aspect Ratio का मतलब क्या है?

किसी Monitor की डिस्प्ले या इमेज के हॉरिजॉन्टल तथा वर्टिकल साइज के अनुपात को Aspect Ratio कहा जाता है। उदहारण के लिए, यदि किसी इमेज या Monitor की डिस्प्ले साइज हॉरिजॉन्टल में 1920 Px तथा वर्टिकल में 1080 Px (पिक्सेल्स) है, तो इसका मान 1.77 होता है, जोकि 16:9 का अनुपात में होता है।

5. Monitor में Resolution का मतलब क्या है?

किसी Monitor का Resolution उसके Horizontal और Vertical Pixel की सख्‍या के गुणनफल के बराबर होता है। किसी Monitor में जितना अधिक रेसोलुशन होता है, उस Monitor का पिक्चर क्वालिटी उतना ही बढ़िया होता है।

6. Monitor में Refresh Rate का मतलब क्या है?

इसका मतलब यह है की आपके Monitor पर दिख रही इमेज एक सेकंड में कितने बार रिफ्रेश हुई है। रिफ्रेश करने की यूनिट को हर्ट्ज़ में मापा जाता है। ध्यान दीजिए, हर्ट्ज़  फ्रीक्वेंसी का भी मात्रक है। 

7. Pixels क्या होता है?

यह किसी Monitor या इमेज की सबसे छोटी इकाई है। किसी इमेज में जितने अधिक पिक्सेल्स संख्या होते है, वह इमेज उतना ही अधिक क्वालिटी वाला होता है। पिक्सेल्स Monitor में लगे ग्राफ़िक्स कार्ड या ग्राफिकल प्रोसेसिंग यूनिट पर निर्भर करता है। 

8. LCD तथा LED Monitor में क्या अंतर है?

LED तथा LCD Monitor के बीच में ज्यादा अंतर नहीं है बनावट में लगभग यह दोनों समान होते हैं। फर्क यह है की, LED Monitor में Backlight के लिए LED  (Light Emitting Diode) का इश्तेमाल किया जाता है, जबकि LCD Monitor में Backlight के लिए CFL/ CCFL () का इश्तेमाल किया जाता है। 

9. Monitor और TV (टेलीविज़न) में क्या अंतर है?

टीवी और Monitor में ओवरऑल बनावट के बेसिस पर ज्यादा अंतर नहीं होता है लेकिन हम इनमें दिए गए फीचर के आधार पर दोनों में अंतर कर सकते हैं किसी-किसी फीचर के मामले में टीवी हमारे लिए सबसे अच्छा ऑप्शन होता है जबकि किसी-किसी के मामले में Monitor खरीदने का ऑप्शन सही होता है। इनमे डिटेल अंतर आप ऊपर जान सकते है।

10. OLED मॉनिटर क्या है? और यह LED से कैसे बेहतर है?

OLED मॉनिटर का पूरा नाम Organic Light Emitting Diode होता है। यह LED मॉनिटर से इसलिए बेहतर है क्यूंकि इसमें आर्गेनिक मटेरियल का इश्तेमाल किया जाता है। जिससे ब्लैक कलर के लिए बिना ब्लैक कलर को उप्तन्न किये हुए यह सीधे पिक्सेल्स को ऑफ कर देता है। जिससे जंहा हमें ब्लैक कलर की जरूरत पड़ती है, तो वह पर वास्तविक ब्लैक कलर मिल जाता है। जिसके फलसवरूप हमें काफी वास्तविक तथा उच्च कंट्रास्ट इमेज देखने को मिलता है।

 

 

Conclusion

  

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख Monitor क्या है? कंप्यूटर मॉनिटर के प्रकार की पूर्ण जानकारी हिंदी में जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे.

यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए, तब इसके लिए आप नीचे comments लिख सकते हैं.यदि आपको यह लेख पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter इत्यादि पर share कीजिये.


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