Nifty क्या है? (What is Nifty) -जाने निफ़्टी और सेंसेक्स में क्या अंतर है?

 

दोस्तों Nifty क्या है? जब शेयर मार्किट की बात होती है तब Nifty और सेंसेक्स का नाम पहले आता है. क्योंकि सेंसेक्स और Nifty तो शेयर मार्किट के बहुत ही इम्पोर्टेन्ट पार्ट होते है इनके बिना शेयर मार्किट के अंदर कोई काम नहीं होता है और शेयर मार्किट में आप इन्वेस्टमेंट करना कहते है तो पहले आपको शेयर मार्केट की पूरी जानकारी लेनी चाइये .क्योंकि यदि आप शेयर मार्किट में बिना कोई इनफार्मेशन के इन्वेस्मेंट करेंगे तो आपको बहुत प्रॉब्लम होगी इसलिए आपको शेयर मार्केट के अंदर जाने से पहले अच्छी जानकारी ले लेनी चाहिए. और सेंसेक्स और निफ़्टी की इनफार्मेशन तोभी बहुत जरुरी . यदि आप न्यूज़ देखते हो तो आपने सुना होगा की आज सेंसेक्स या निफ्टी इतने अंक बढ़कर बंद हुए या इतने अंक गिरकर शेयर मार्केट बंद हुआ | सेंसेक्स और निफ्टी क्या होता है ?

तो आपके मन में भी ये सवाल आता होगा की ये Nifty और सेंसेक्स क्या है लेकिन आपने सुना तो है लेकिन आपको इनके बारे में पता होना जरुरी है और बहुत से इन्वेस्टर को तो इनके बारे अच्छी जानकारी होती है लेकिन कुछ नये नये इन्वेस्टर को इनके बारे में अच्छी जानकारी नहीं होती है तो आज हम आपको आज इस आर्टिकल में निफ्टी के बारे में कुछ बाते शेयर करेंगे और बताएंगे कि निफ़्टी क्या है और यह क्या काम करता है और सेंसेक्स के बारे में हमने हमारी पुरानी पोस्ट में बताया है आप वंहा से उसकी जानकारी ले सकते है और यदि आप शेयर मार्केट के अंदर इन्वेस्टमेंट करना चाहते है तो आपके लिए बहुत जरुरी जानकारी है What is Nifty in Hindi,

 

Nifty क्या है? (What is Nifty) -जाने निफ़्टी और सेंसेक्स में क्या अंतर है?
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Nifty क्या है? (What is Nifty)

 

NIFTY का Full Form है National Stock Exchange Fifty यह नेशनल और फिफ्टी दो शब्दों से मिलकर बना हुआ शब्द है. इसको NIFTY 50 भी कहा जाता है पर आमतौर पर ज्यादातर लोग इसको NIFTY के नाम से ही प्रयोग में लाते है.

NIFTY, National Stock Exchange of India का एक मत्वपूर्ण Benchmark होता है. यह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड 50 प्रमुख Shares का सूचकांक होता है. यह देश की 50 प्रमुख कंपनियों के शेयरों पर नजर रखता है . और इसमें सिर्फ वही 50 कंपनी के शेयरों को देखा जा सकता है जो की लिस्टेड है.

ये उन 50 शेयर्स जो की लिस्टेड है उनके भाव में होने वाली तेज़ी या मंदी का भी ध्यान रखता है और उनकी भी सूचना प्रदान करता है. NIFTY 50 भारत का सबसे प्रमुख और मत्वपूर्ण Stock Index है. यह देश में सबसे ज्यादा Trend होता है. दुसरे नंबर पर BSE सेंसेक्स है.

 

 

आसान शब्दों में कहें तो NIFTY एक तरह एक स्टॉक इंडेक्स (Stock Index) है जो की 50 प्रमुख (Main) कंपनियों के स्टॉक को इंडेक्स करे हुए होता है. NIFTY में 50 से ज्यादा कंपनियो के स्टॉक लिस्ट नहीं किये जा सकते.

NIFTY में 12 अलग अलग सेक्टरों की 50 कंपनियां indexed है.

 

निफ्टी की इतिहास (History of Nifty)

 

Nifty को स्टॉक मार्केट में 1995 के बाद पब्लिश किया गया है जैसा की Nifty के वर्ड से पता चलता है कि Nifty National and Fifty 2 वर्ड से मिलकर बना है इस कारण ही इसको NIFTY कहा जाता है जो की National Stock Exchange (NSE) पर registered 50 इम्पोर्टेन्ट कंपनी के शेयर का इंडेक्स (सूचकांक) होता है.शेयर मार्किट Nifty के ऊपर बहुत ज्यादा डिपेंड करता है में निफ्टी की चाल को देख कर हम स्टॉक मार्केट की चाल का पता लगा सकते है की स्टॉक मार्केट किस दिशा में जाने वाला है या किस दिशा में जा रहा है |Nifty Meaning in Hindi

जब Nifty 50 में तेजी होती है तब हम मान लेते है की मार्किट में भी तेजी हो रही है. और Nifty में मंदी आती है तब ये मान लेते है की मार्किट में भी मंदी है. बैसे Nifty 50 की प्राइस ओनली 50 शेयर की प्राइस पर ही निर्भर रहती है फिर भी निफ्टी की चाल को देख कर पूरे शेयर मार्केट की चाल का पता लगा लिया जाता है क्योंकि निफ़्टी के अंदर ऐसी कंपनी रजिस्टर्ड जो अच्छी पॉपुलर होती है और सहरे मार्किट उनके शेयर पर ज्यादा डिपेंड करता है

इसलिए तो शेयर मार्किट Nifty के ऊपर ज्यायदा डिपेंड करता है. और फ्री-फ्लोट मार्किट-वेटेड स्टॉक मार्किट इंडेक्स में इंडेक्स को कैलकुलेट किया जाता है और इसके बारे में हमने हमारी पिछली पोस्ट में अच्छे से बताया है और Nifty का base Year 1995 हैऔर Nifty का Base Year 1995 है और Base पॉइंट्स 1000 है इस इंडेक्स की कैलकुलेशन 3 Nov. 1995 से की जाती हैइस दिन इंडेक्स का Base 1000 माना गया है. और आज यदि Nifty का प्राइस 8000 है .तो इसका मतलब यह है कि निफ्टी के शेयर का प्राइस 1995 के मुकाबले अब तक 800% बढ़ चूका है. What is Nifty in Hindi,

 

NIFTY के कार्य क्या है? (What is the function of Nifty)

 

NIFTY का काम हमें उन 50 कंपनियों और बजार की चाल के बारे में जानकारी प्रदान करने का होता है. NIFTY से हमें पता चलता है जिन कंपनियों के शेयर लिस्टेड है वो कंपनी किस तरह काम कर रही है अगर कम्पनी अच्छा काम कर रही होती है तो उसका सीधा असर कंपनी के शेयरों के भाव में दिखता है और उस कंपनी के शेयर्स के भाव बढ़ जाते है. और जब किसी लिस्टेड कंपनी के शेयर्स के भाव ऊपर जाते है या बढ़ जाते है तो फिर इसकी वजह से निफ्टी में भी तेजी आ जाती है.

ठीक इसी तरह अगर इंडेक्स में लिस्टेड कंपनियों को लाभ कम हो रहा है या नहीं हो रहा होता है तो इसका असर भी सीधा उस कंपनी के शेयर्स के भाव पर पड़ता है और शेयर्स के भाव में कमी आने लगती है. और जब शेयर्स के भाव में कमी आती है तो NIFTY में गिरावट देखी जा सकती है.

 

NIFTY और अर्थव्यवस्था (NIFTY AND ECONOMY)

 

अब आप सोच रहे होंगे NIFTY और अर्थव्यवस्था का क्या सम्बन्ध हो सकता है. तो हम आपको बताना चाहेंगे की NIFTY और देश की अर्थव्यवस्था का गहरा समबन्ध है.

जैसे निफ्टी का ऊपर जाना हमें बताता है कि कोई कंपनी अच्छा लाभ कमा रही है और मुनाफा कर रही है. वेसे ही जब कंपनी अच्छा काम कर के अच्छा पैसा कमा रही होती है तो इसके पीछे देश की अर्थव्यवस्था भी अच्छा काम रही होती है. क्योंकि जितना ज्यादा भारतीय कंपनियां capital gain करेंगी उतना ही ज्यादा टैक्स आदि भारत की अर्थव्यवस्था में जोड़ा जायेगा जो की भारत की अर्थव्यवस्था को कहीं न कहीं मजबूत अवश्य बनाएगा.

 

 

NIFTY एक तरह से हमें कंपनी के शेयर्स के भाव में होने वाली तेजी और मंदी की तो जानकारी देता ही है इसके साथ साथ हमें पूरे बाजार की चाल क्या है यह भी समझाता है. अगर कोई बाजार की चाल को समझना चाहता है तो उसे NIFTY को समझना चाहिए.

 

NIFTY किस प्रकार बनता है? (How is NIFTY formed)

 

NIFTY किस तरह बनता है या इस की गणना किस तरह की जाती है इससे तात्पर्य है उन 50 लिस्टेड कंपनियों के शेयर्स की गणना करना . निफ्टी में जहां सिर्फ 50 कंपनियां लिस्टेड होती है वहीँ NSE में लगभग 6000 के आसपास Comapanies listed होती है. अब उन 6000 कंपनियों में से 50 सबसे बड़ी कंपनियों को निफ्टी में रखा जाता है जिससे बाजार की चाल का अनुमान लगाया जा सके.

NIFTY में लिस्टेड 50 कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा खरीदे अथवा बेचे जाते है. निफ्टी में लिस्टेड ये 50 कंपनियां अलग अलग सेक्टरों से चुनी हुयी होती है. ये अपने क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनियां होती है. इनका Market Capitalization पूरे बाजार का लगभग 60% होता है।

जब भी इन कंपनियों के शेयर्स ज्यादा खरीदे जाने लगते है तो NIFTY ऊपर जाने लगता है और जब मंदी आती है तो निफ्टी वहीँ रुक जाता है या फिर नीचे आने लगता है. निफ्टी में Listed 50 Companies को चुनने का index committee का होता है इस committee में बड़े बड़े अर्थशास्त्री आदि शामिल होते है.

 

NIFTY की गणना किस तरह से की जाती है? (How is NIFTY calculated)

 

Nifty कि गणना के लिए कुछ मापदंड तैयार किए गए हैं। जिसके आधार पर ही निफ्टी की गणना की जाती है। जैसे कि

  • निफ़्टी की गणना के लिए आधार वर्ष 1995 है।
  • इसका आधार अंक 1000 होता है।
  • निफ्टी की गणना NSE में सूचीबद्ध सबसे सक्रिय कारोबार करने वाले 50 कंपनियों का share के आधार पर की जाती है।
  • 24 शीर्ष क्षेत्रों में से 50 शीर्ष स्टॉक चुने जाते हैं।
  • निफ़्टी में 50 शेयरों का चयन इस मापदंड पर किया जाता है जिस तरह से मुंबई स्टॉक एक्सचेंज द्वारा अपनाई गई पद्धति के ठीक समान होती है।

 

NIFTY और सेंसेक्स में क्या अंतर है (What is the difference between NIFTY and Sensex)

 

निफ्टी और सेंसेक्स वेसे तो दोनों ही स्टॉक इंडेक्स यानी की संवेदी सूचकांक हैं. पर दोनों में कुछ अंतर है जो इन्हें एक दुसरे से अलग और एक को दुसरे से बेहतर बनाते है आइये जानते है क्या अंतर है सेंसेक्स और NIFTY में- निफ्टी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का हिस्सा है जबकि सेंसेक्स बॉंबे स्टॉक एक्सचेंज का हिस्सा है.

जहाँ एक और BSE यानी की Bombay Stock Exchange के अंदर मात्र 30 कंपनियां ही listed (सूचीबद्ध) होती हैं वहीं NIFTY के अंतर्गत 50 कंपनियां listed होती है. इसलिए निफ्टी को शेयर बाजार के लिए ज्यादा विश्वासरुपी माना जाता रहा है. 50 कंपनियां 30 कंपनियों के मुक़ाबले में market capitalization का आंकलन बाजार की ज्यादा वास्तविक स्थिति दिखाने में कर पाएंगी.

दोनों का काम वेसे एक ही है. दोनों ही सूचकांक है और दोनों का ही वास्तविक मकसद शेयर बाजार की स्थिति बताना होता है.

 

NIFTY का हमारे अर्थव्यवस्था पर प्रभाव (Impact of NIFTY on our Economy)

 

आप में से बहुत सारे लोग यह सोच रहे होंगे भला Nifty का हमारे अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव होगा।लेकिन मैं आपको यह साफ-साफ बता देना चाहता हूं कि निफ्टी का हमारे अर्थव्यवस्था पर एक गहरा प्रभाव होता है। जैसे कि हमने अपने ऊपर के लेख पर यह बताया है। NIFTY, 50 कंपनियों के ऐसे सूचकांक को दर्शाता है जो भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में गिनी जाती है। जो कि पूरे NSE (National Stock Exchange) पर मौजूद कुल लिस्टेड कंपनियों का 60% मार्केट शेयर होता है। What is NIFTY in Hindi

NSE में मौजूदा समय में 6000 से भी ज्यादा कंपनियां मौजूद एवं लिस्टेड है। अगर मान लिया जाए कि इनमें से कोई कंपनी का सूचकांक बढ़ता है, तो जाहिर है कि वह कंपनी बेहतर एवं अच्छा प्रदर्शन कर रही होती है। जिसके चलते उसका मुनाफा भी बढ़ता है। इससे साफ झलकता है कि देश में मौजूद अर्थव्यवस्था भी अच्छी तरह से काम कर रही होती है। क्योंकि जितना ज्यादा भारतीय कंपनियां लाभ कम आएगी। इतना ज्यादा ही टैक्स आदि भारत की अर्थव्यवस्था पर जोड़ा जाएगा जो कि भारत की अर्थव्यवस्था को कहीं ना कहीं मजबूत करने की दिशा में कार्य करती है।

इसके अलावा nifty शेयर बाजार में होने वाली हलचल यानी कि तेजी और मंदी की जानकारी भी उपलब्ध कराता है। इससे हमें एक दृष्टांत में यह समझने में आसानी होती है कि भारत में मौजूद कंपनियां किस तरह से काम कर रही है। और साथ ही में शेयर बाजार का हाल क्या है? यह जानने में भी काफी मददगार साबित होती है। What is NIFTY in Hindi

 

NIFTY से लाभ क्या है ? (What is the benefit of)

 

वेसे तो NIFTY के कई सारे फायदे है पर इनमे से कुछ प्रमुख फायदे जो आपकी जानकारी में होना आवश्यक है वो कुछ इस प्रकार है-

1. NSE किस प्रकार का काम कर रहा है NSE की performance के बारे में एक नजर में ही पता चल जाना.

2. बाजार में चल रही या फिर बाजार में होने वाली तेजी और मंदी की सूचना आसानी से मिल जाना. अगर NIFTY नीचे जाता है तो बाजार में मंदी आने वाली है. बाजार की चाल का सटीक अनुमान निफ्टी के माध्यम से लगाया जा सकता है.

3. NIFTY के माध्यम से हमें देश की अर्थव्यवस्था की जानकारी आसानी से मिल जाती है. हमें पता लग जाता है अगर बाजार में तेज़ी बानी हुयी है और निफ्ट ऊपर की तरफ जा रहा है तो इसका मतलब है की देश की अर्थव्यवस्था भी ऊपर की और जा रही है.

 

FAQ- पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल जवाब :-

 

शेयर बाजार में निफ्टी क्या है?

निफ्टी भारत के सबसे बड़े शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक या बेंचमार्क इंडेक्स है.

निफ्टी में कितनी कंपनी है?

निफ्टी में NSE की शीर्ष 50 कंपनियों को शामिल किया जाता है.

निफ्टी का फुल फॉर्म क्या है?

निफ्टी का फुल फॉर्म National Stock Exchange Fifty है.

निफ्टी की स्थापना कब हुई?

NSE के द्वारा सन 1996 में निफ्टी की शुरुवात की गयी.

निफ्टी का मुख्य काम क्या है?

निफ्टी NSE में सूचीबद्ध कंपनियों के प्रदर्शन के बारे में जानकारी प्रदान करवाता है.

बैंक निफ्टी क्या है?

बैंक निफ्टी भारत के बैंकिंग सेक्टर के 12 सबसे बड़े बैंकों का इंडेक्स है, जो कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हैं. बैंक निफ्टी के द्वारा भारत के बैंकिंग सेक्टर के परफॉरमेंस का पता चलता है.

 

  

Conclusion

  

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख Nifty क्या है? (What is Nifty) -जाने निफ़्टी और सेंसेक्स में क्या अंतर है?  जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे.

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