SSD क्या है? (SSD Full Form) इसके प्रकार और उपयोग की जानकारी

क्या आपको पता है की ये HDD vs SSD में क्या अंतर है? इन दोनों में से कोन ज्यादा बेहतर है? SSD क्या है? यदि आपको इन सभी सवालों का जवाब नहीं पता तब चिंता की कोई बात नहीं क्यूंकि आज में आप लोगों को SSD vs HDD के बारे में detailed में समझाने वाला हूँ ताकि आपके मन में कोई शंका न रह जाये.

जब भी कोई नया computer system लेने की सोचता है तब, बहुतों के मन में ये चिंता हमेशा रहती है की उन्हें अपने कंप्यूटर की storage के लिए कोन सी storage drive लेना उचित रहेगा. और उनके पास चुनने के लिए केवल दो ही विकल्प होते हैं एक है Solid State Drive (SSD) और दूसरा है Hard Disk Drive (HDD). लेकिन सही जानकारी न होने के कारण वो ये फैसला नहीं पाते और यदि कोई लेता भी है तो जानकारी न होने के कारण नुकशान में पड़ता है.

यहाँ कोई आसान या सीधा सा जवाब नहीं है की इन दोनों में कोन बेहतर है और कोन सा आपके लिए सही रहेगा. क्यूंकि सभी लोगों की जरुरत अलग अलग होती है, इसलिए उन्हें ही ये फैसला लेना होगा की आखिर उनके लिए कोनसा सही होगा.

जरुरत के साथ साथ आपको अपनी preference पर भी नज़र डालनी होगी, और इसके साथ आपकी Budget पर भी. इन सभी चीज़ों को ध्यान में रखते हुए ही आप एक सही Hard Drive अपने Computer के लिए खरीद सकते हैं.

इसलिए आज मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को इन Hard Drives के बारे में पूरी जानकरी दे दूँ ताकि आप खुद ही ये फैसला ले सके की आपके जरूरत के अनुसार आपके लिए कोन सही रहेगा. तो फिर बिना देरी किये चलिए जानते हैं की HDD vs SSD in Hindi में कोन बेहतर है, इन सबकी पूरी जानकरी आज में जानेंगे इस article में.

 

SSD क्या है? (SSD Full Form) इसके प्रकार और उपयोग की जानकारी
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SSD क्या है? (SSD Meaning in Hindi)

 

SSD का मतलब “Solid State Drive” होता है। यह एक प्रकार की सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस है, जो HDD के समान ही बड़ी मात्रा में डेटा को स्थायी रूप से स्टोर करके रख सकती है। परन्तु SSD में HDD की तरह कोई भी मैकेनिकल पार्ट्स नही लगे होते जबकि इनमें डेटा को स्टोर करने के लिये अर्धचालक चिप (Semiconductor Chips) का उपयोग किया जाता है। कहने का तात्पर्य है कि इनमें HDDs की तरह डेटा को Read/Write करने के लिये कोई भी Spinning Disks और Mechanical Arm इत्यादि नही होते है।

चूंकि Solid-State Drive में डेटा को स्टोर और प्राप्त करने के लिये एक प्रकार की Flash Memory (NAND Chip) का उपयोग होता है। इसी कारण SSDs पारंपरिक हार्ड डिस्क ड्राइव की तुलना में अधिक फास्ट होती है साथ ही कम पावर का उपयोग करती है।

यदि HDD कंप्यूटर को Boot-Up करने में 40 Seconds का समय लेती है, तो यही काम SSD मात्र 10 Seconds में कर सकती है। हालांकि इसकी कीमत एक HDD की तुलना में बहुत अधिक होती है। यही कारण है कि आज भी अधिकांश कंप्यूटरों में स्टोरेज डिवाइस के रूप में हार्ड डिस्क का उपयोग होता है।

 

SSD Full Form 

In Computer SSD Full Form – Solid State Drive

 

SSD का इतिहास- History of SSD

 

हालाँकि इसकी खोज तो सं 1976 में हुई थी पर यह ऐडा कामयाब नहीं हो पायी थी। साल 1991 में Sandisk ने होनी सबसे पहली Sandisk को market में लांच किया जिसकी क्षमता सिर्फ 45MB data स्टोर करने की थी। उसके बाद कई सारी कम्पनियाँ (Solid State Drive) इसे बनाने में लग गयी। साल 2019 आते आते market में 60 – 100TB तक की storage वाली सॉलिड स्टेट ड्राइव आ चुकी हैं।

आज भी इनको बेहतर बनाने के ऊपर रिसर्च चलती रहती है।

 

 

 

SSD के पार्ट्स

 

  • Device Driver : इसे एक विशेष ऑपरेटिंग सिस्टम और फाइल सिस्टम के तहत Processor को चलाने के लिए OEM द्वारा बनाया गया है।
  • SSD Controller : इसे Processor के रूप में भी जाना जाता है। इसमें ऐसे Electronics शामिल होते है जो Flash Memory Components को SSD इनपुट आउटपुट Interface से जोड़ते हैं।
  • Buffer/Cache Components : यह High Speed RAM है जिसका इस्तेमाल Speed Matching और Data Throughput बढ़ाने के लिए किया जाता है।

 

SSD कितने प्रकार की होती हैं? (What are the types of SSD)

 

SSD पूरी तरह से अलग प्रकार से काम करती है, यह एक सरल मेमोरी चिप लगी होती है | इसमें कई फ्लैश मेमोरी चिप्‍स लगी होती है, जिसमे डेटा स्‍टोर और ट्रान्सफर होता है, जिसे NAND फ्लैश मेमोरी भी कहा जाता है|

SSD ने ट्रेडिशनल रूप से SATA कनेक्‍शन का उपयोग किया है जिसकी maximum डेटा ट्रांसफर स्पीड 600 MB/सेकंड होती है| वर्तमान समय में न्‍यू जनरेशन के मदरबोर्ड आ गये है, जिनमे PCI कनेक्‍शन स्लॉट लगे होते है, जिनकी डाटा ट्रान्सफर स्पीड 1GB/सेकंड से उपर की है | जो कंपनिया SSD बनाती है उनमे मुख्‍य रूप से Intel, WD, crucial, Samsung, Micron, Sandisk, आदि शामिल है |

 

1. SATA SSD DRIVE ( SATA SSD DRIVE क्या है )

 

SATA SSD का Full Form होता है Serial Advanced Technology Attachment | SATA SSD पहली पीढ़ी की SSD हैं। SATA SSD की अधिकतम डाटा ट्रान्सफर स्पीड 600MB/s होती है | ये पहली पीढ़ी की ssd है जो पारंपरिक हार्डडिस्क की तुलना में 5 गुना तेज होती हैं। SATA ssd जो लैपटॉप में हार्डडिस्क लगती है, वही size, SATA ssd का होता है| 2.5-इंच SATA SSD का size होता है।

SATA का Interface मुख्‍य रूप से AHCI (Advance Host Controller Interface) प्रोटोकॉल पर काम करता है | जो यूजर SATA SSD का यूज़ करता है उसके पास हार्डडिस्क यूज़ करने बाले यूजर की तुलना में 5 गुना ज्‍यादा bandwith और स्पीड होती है | SATA SSD कम कोस्‍टली होती है और आसानी से किसी भी लैपटॉप और कंप्यूटर में फिट हो जाती है |

 

2. M.2 SATA SSD ( M.2 SATA SSD क्या है )

 

SATA SSD के बाद m.2 ssd का नाम आता जो की नेक्स्ट जनरेशन ssd है । M.2 ssd का size SATA ssd से छोटा होता है | यह देखने में RAM जैसे आकार की होती है | M.2 ssd को आप सीधे ही अपने कंप्यूटर या लैपटॉप के Mother-Board फिट कर सकते हो | उसके लिए आपको किसी भी केबल की जरुरत नहीं है | एक SATA-Based M.2 SSD की अधिकतम speed 600 MB/s (मेगाबाइट प्रति सेकंड) सीमा तक सीमित है। M.2 SATA SSD और SATA SSD में अंतर केवल size का होता है | दोनों की स्पीड एक जैसी ही होती है |

 

3. NVMe SSD ( NVMe SSD क्या है )

 

NVMe ssd की full form Non-volatile Memory Express है | इसे हम m.2 NVMe ssd भी कहते है | NVMe एक नया प्रोटोकॉल है जो आपको SATA SSD की तुलना में अधिक स्पीड देता है। अगर NVMe SSD की स्पीड की बात करे तो एक NVMe SSD 2600MB प्रति सेकंड की Read and write Speed तक पहुंच सकती है। यह SATA ssd की तुलना में लगभग 5 गुना तेज है | NVMe ( Non-Volatile Memory Express ) एक नया कंट्रोलर है जो AHCI ( Advance Host Controller Interface ) की जगह इस्तेमाल होता है | AHCI वह कंट्रोलर है जो पारंपरिक hard drive में उपयोग होता है | इसलिए हार्डडिस्क की स्पीड कम होती है

 

Computer में SSD होने के फायदे व नुकसान

 

SSD  के फायदे- 

अब तक एक बात तो आप जान चुके होंगे कि परफॉरमेंस के मामले में SSD बेहतर है। तो आइए जाने कंप्यूटर में Hard Disk के बजाए Solid-State Drive होने के क्या फायदे (Advantages) और नुकसान (Disadvantages) है।

गति (Speed)

चूंकि SSDs में मैकेनिकल पार्ट्स के बजाए इलेक्ट्रीकल सर्किट का उपयोग होता है, जिसके कारण इनकी डेटा एक्सेस स्पीड माइक्रोसैकेण्ड में होती है। जो इन्हें HDDs के मुकाबले कई गुना अधिक तेज (Faster) मेमोरी बनाती है। अर्थात अगर आपके कंप्यूटर में सेकेंडरी स्टोरेज के रूप में SSD मौजूद है, तो जब भी आप कंपूटर स्टार्ट करेंगे या कोई सॉफ्टवेयर ओपन करेंगे तो ऐसा करने में बिल्कुल भी समय नही लगेगा।

बिजली की खपत (Power Consumption)

किसी भी तरह का मेकैनिकल मूविंग पार्ट्स न होने के कारण SSDs बहुत कम बिजली की खपत करती है। जिससे आपके इलेक्ट्रिसिटी बिल में थोड़ी कटौती हो सकती है। इसके अलावा आप देखेंगे जिनमें Solid State Drive होती है, वो लैपटॉप काफी अच्छी Battery Life प्रदान करते है।

 

विश्वसनीय और टिकाऊ (Reliable & Durable)

आमतौर पर SSDs अधिक मजबूत और टिकाऊ होती है, HDDs से। अगर कभी आपसे अचानक लैपटॉप गिर जाए ऐसी स्थिति में SSDs को उतनी क्षति नही होती और आपका डेटा सुरक्षित (Safe) रहता है। जबकि हार्ड डिस्क में मैकेनिकल पार्ट्स लगे होने की वजह से उनके टूटने या खराब होने की संभावना अधिक रहती है।

भंडारण क्षमता (Storage Capacity)

यदि आपको डेटा स्टोर करने के लिये अधिक स्टोरेज की आवश्यकता होती है तो अभी के समय उच्च स्टोरेज क्षमता वाली Solid-State Drive आपको देखने को नही मिलेगी। आज बाजार में जो SSDs है, उनकी स्टोरेज कैपेसिटी – 128 GB और 256 GB है। लेकिन अगर आपको अपनी फाइलों और अन्य प्रकार के डेटा को स्टोर करने के लिये अधिक स्टोरेज की आवश्यकता पड़ती है, तो फिर आपको Hard Drive या किसी External Storage का उपयोग करना चाहिए।

कीमत (Price)

अधिकांश डेस्कटॉप और लैपटॉप में अभी भी Hard Disk को उपयोग में इसलिए लिया जाता है, क्योंकि वे सस्ती होती है। जबकि Solid State Drive की कीमत इसके मुकाबले बहुत अधिक (Expensive) होती है, जो इसका एक बड़ा नुकसान है। आमतौर पर एक 512 GB SSD की प्राइज लगभग ₹ 6,000 तक हो सकती है। इसके विपरीत एक 1TB HDD आपको ₹ 3,500 में आसानी से मिल जाएगी।

 

 

कोई शोर नही (Less Noise)

चूंकि यह नॉन-मैकेनिकल स्टोरेज डिवाइस होती है, इसलिए Solid-State Drive किसी भी तरह का शोर उतपन्न नही करती है। अक्सर आपने देखा होगा कंप्यूटर चलने के दौरान काफी आवाज उत्पन्न करते है, वो इसलिए क्योंकि उनमें हार्ड डिस्क मौजूद होती है। इसके मैकेनिकल पार्ट्स डेटा को स्टोर और प्राप्त करने के दौरान काफी शोर उत्पन्न करते है। वही SSD में इसके विपरीत सिर्फ मेमोरी चिप का उपयोग होता है। इसी कारण वह बिना आवाज किये कार्य करती है।

 

SSD के नुकसान

 

  • SSD का उपयोग करने का पहला नुकसान यह है कि इसका अधिक दाम है। HDD की तुलना में SSD की कीमत दोगुने से अधिक है।
  • Solid State Drive में स्टोरेज क्षमत सीमित होती है। इसकी बेस स्टोरेज क्षमता 128GB है। जैसे-जैसे SSD इस की स्टोरेज क्षमता बढ़ती जाती है, इस डिवाइस का मूल्य भी बढ़ता जाता है।
  • SSD बाजार में कम मात्रा में मिलते हैं। HDD की तुलना में SSD को खोजने में मुश्किल होती है। 
  • Solid State Drive में उपयोग की जाने वाली Flash Memory कुछ निश्चित संख्या में लिखने तक सीमित होती है। SSD डाटा को लिखने के लिए एक प्रक्रिया का उपयोग करता है जिसे राइट साइकिल कहा जाता है।
  • SSD पर डाटा हटाने के बाद इसे पुनः प्राप्त करना लगभग असंभव है। भले ही यह डाटा सुरक्षा के मामले में फायदेमंद हो सकता है लेकिन अगर उचित बैकअप नहीं बनाया गया तो इससे गंभीर समस्या हो सकती है।

 

SSD कैसे कार्य  करती है? (How SSD Works in Hindi)

 

जैसा की आप जानते ही हैं की Hard Disk में एक मैग्नेटिक disk होती है जिसके घुमने की बजह से Hard Disk में data ट्रान्सफर और एक्‍सेस हो पता है। लेकिन SSD में ऐसा नहीं होता इसमें सारा काम सेमीकंडक्टर के द्वारा होता है SSD क्या है? इसमें कई सारी cheaps लगी होती हैं बिलकुल RAM की तरह और क्यूंकि सेमीकंडक्टर मैगनेट से ज्यादा अच्छे से आपस में कम्यूनिकेट कर लेते हैं इसीलिए यह इतनी फ़ास्ट होती है।

 

SSD का उपयोग क्यों किया जाता है ?

 

यदि आप किसी भी उद्देश्य के लिए एक पीसी का निर्माण कर रहे हैं, तो आप गति चाहते हैं. यदि आपके पास केवल आपके मशीन में HDD स्टोरेज है, तो गति आपके रास्ते में आने वाली चीज नहीं है. विंडोज को बूट होने में अधिक समय लगेगा, एप्लिकेशन लोड होने में अधिक समय लेंगे, और फाइल को खोलने और सहेजने में अधिक समय लगेगा. एक SSD की सुंदरता यह है कि HDD की तुलना में यह प्रतीक्षा समय नाटकीय रूप से कम हो जाता है, यहां तक ​​कि सस्ती ड्राइव पर भी. आप जिस पर भी लोड करेंगे, वह बहुत तेज़ी से कार्रवाई करेगा.

एक पीसी में एक SSD के लिए सबसे अच्छा उपयोग बूट ड्राइव के रूप में है. इसका मतलब है कि एक छोटी-ईश क्षमता ड्राइव स्थापित करना, जिस पर आपका विंडोज 10 ऑपरेटिंग सिस्टम लाइव होगा और हर दिन से बूट होगा. ऐसा करने से आपका पीसी बूट हो जाएगा और फ्लैश में जाने के लिए तैयार हो जाएगा. तुम भी एक समान प्रभाव के लिए वहाँ पर अपने सबसे अक्सर इस्तेमाल किया सॉफ्टवेयर डाल सकते हैं.एक SSD का जीवनकाल HDD जितना लंबा नहीं होता है,

लेकिन आप निश्चित रूप से SSD का उपयोग केवल PC में ही कर सकते हैं. कई लैपटॉप में केवल एसएसडी स्टोरेज होता है, उदाहरण के लिए. आप एक अल्पकालिक जीवन नहीं देख रहे हैं, लेकिन एचडीडी भंडारण की तुलना में, यह कम हो गया है. SSD समय के साथ-साथ लिखे जा रहे हैंडल को संभालते नहीं हैं, लेकिन एक बूट ड्राइव को यह नुकसान नहीं होगा. एसएसडी की कीमतें हाल के दिनों में बहुत कम हो गई हैं, वह भी, प्रति गीगाबाइट की कीमत के साथ एक बार की तुलना में बहुत कम. बड़ी क्षमता वाले ड्राइव अभी भी महंगे हैं, जैसा कि सबसे अधिक प्रदर्शन करने वाले हैं, लेकिन आम तौर पर बोल रहे हैं, वे पहले से कहीं अधिक सस्ती हैं.

 

Best SSDs in India

 

यहाँ पर हम कुछ सबसे बेहतरीन external hard drives के बारे में जानेंगे जिन्हें कि आप अभी ख़रीद सकते हैं।

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PC पर हमें  कौन सी Disk प्रयोग करनी चाहिए

 

दोस्तों, इस सवाल का जवाब पूरी तरह से हमारी जरूरत पर निर्भर करता है कि हम अपने PC को किस काम के लिए उपयोग करेंगे. SSD क्या है? यदि आप बहुत अच्छे प्रदर्शन के साथ एक PC बनाना चाहते हैं. तो आप SSD की ओर जा सकते हैं लेकिन यदि आप एक साधारण PC बनाना चाहते हैं जिसे आप अपने व्यक्तिगत उपयोग में लाना चाहते हैं

तो आप हार्ड डिस्क का उपयोग बहुत आसानी से कर सकते हैं और यदि आप चाहें तो आप एक सीमित आकार का SSD खरीद सकते हैं और इसमें ऑपरेटिंग सिस्टम लोड कर सकते हैं

 

SSD किसे लेनी चाहिए?

 

  • ऐसे लोग जिनके लिए कंप्यूटर की स्पीड ही सबकुछ है और वे अपने pc को जल्दी boot करना चाहते हैं जिससे fast app लांच कर वे अपना कार्य कर सके, ऐसे में एक SSD का होना अति आवश्यक है.
  • Graphic designer और content creator कुछ ऐसे लोग हैं जिन्हें अधिक speed से data चाहिए होता है और designing और rendering के लिए अधिक speed की आवश्यकता होती है जिससे की data Realtime में सिस्टम को प्राप्त होती रहे ऐसे में SSD होना आवश्यक है.
  • Musician जो ऑडियो वर्क करते हैं जिन्हें ऑडियो रिकॉर्डिंग और मिक्सिंग करनी होती है, तो उनके लिए SSD बेस्ट हैं HDD के noise से music creation में समस्या आती है.

 

HDD और SSD कौन सी ले?

 

अब आप HDD और SSD के बारे में जान गए होंगे तो अब आप को यही लग रहा होगा हमे तो SSD ही लेनी चाहिए। लेकिन SSD उन लोगो के लिए ज़रूरी है जिन्ह Gaming, Video Editing, या Photography से लेना देना हो SSD क्या है? अगर आप को कोई हाई लेवल का काम नहीं है कई लोग होते है जो सिर्फ video रखते है सिर्फ देखने के लिए इन चीजों के लिए SSD की ज्यादा ज़रुरत नहीं पड़ती Fast डाटा transfer की ज़रुरत नहीं है यहाँ पर स्टोरेज सबसे ज्यादा मह्त्वपूर्ण करता है ज्यादा पैसे आपको को खर्च करने की ज़रुरत नहीं है|

आपके पास एक लेपटॉप है या एक नया PC बनवाने की सोच रहे तो में कहूंगा एक मिलता जुलता काम करे आप एक SSD ले और एक HDD ले मतलब स्टोरेज ज्यादा करने के लिए एक HDD लो और application Run करने या install लिए Windows वो आपको install करनी हो तो 250 या 500 GB की SSD लो और स्टोरेज के लिए 500 GB की HDD लो इससे आपको दोनों चीजों में फायदा होगा।

 

आपके लिए SSD ठीक रहेगा यदि  –

 

• यदि आप computer की faster performance के लिए ज्यादा खर्च करना चाहते है
• आपको Storage Capacity को लेकर ज्यादा चिंता नही है और आप कम में भी काम चला सकते हैं. तो यहाँ आपके लिए SSD ही सबसे अच्छा option है.

अगर हम भारत की बात करें तो यहाँ आज भी HDD ही सबसे ज्यादा पसंद लोगों की है क्यूंकि यहाँ Speed को कम कराकर भी ज्यादा space की चाहत सबको है. उन्हें अपने budget में सारी सुविधाएँ चाहिए जिसके चलते उन्हें SSD की तुलना में HDD को अपनाने में कोई तकलीफ नहीं है.

आज कल लोगों में SSHD (Solid State Hard Drive) जिसके अंतर्गत आप दोनों की चीज़ों का फ़ायदा उठा सकते हैं. या यूँ कहे तो ये दोनों ही technology का मिश्रण है. जिसमें की Operating System के लिए कुछ space allocate कर दी जाती हैं और बाकि आपके personal storage के लिए.

इसमें एक फ़ायदा ये भी है की इसमें आपकी बहुत ही अच्छी operating speed मिलती है जिससे आप बड़ी आसानी से आपके सारे काम कर सकते हो.

 

SSD और HDD में अंतर ?(Difference Between SSD and HDD in Hindi)

 

SSD और HDD में अंतर

  • SSD की स्पीड Hard Disk से फ़ास्ट होती है जबकि Hard Disk SSD से बहुत ज्यादा स्लो होती है।
  • अगर पॉवर की बात करें तो Hard Disk के मुकावले काफी कम पॉवर लेती है।
  • SSD एक नार्मल Hard Disk के मुकाबले साइज़ में भी छोटी होती है और क्यूंकि Hard Disk एक mechenical ड्राइव होती है जो disk के घुमने से चलती है इसलिए यह थोडा नॉइज़ भी करती है जबकि SSD एक Flash Storage deivce होता है जिसमे चिप्स लगे होते हैं इसलिए यह बिलकुल भी नॉइज़ नहीं करती।
  • SSD, Hard Disk के मुकाबले काफी मेहेंगी होती है अगर आप 120 GB SSD ड्राइव लेते हैं तो यह आपको लगभग 4,000 रुपये तक पड़ सकती है जबकि इसी प्राइस की अगर आप Hard Disk खरीदते हैं तो आप 1TB तक की storage वाली Hard Disk खरीद सकते हैं।

 

Computer में SSD है या HDD कैसे जाने?

 

Solid-State Drive का मतलब जानने के बाद अगर आप ये देखना चाहते है कि आपके कंप्यूटर में इनस्टॉल सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस, SSD है या HDD तो उसके लिये नीचे बताये तरीके को देखे।

कंप्यूटर या लैपटॉप में मौजूद ड्राइव के टाइप को जाने:-

1. कीबोर्ड में Window + R Key को साथ मे दबाए। स्क्रीन पर Run बॉक्स की विंडो ओपन हो जाएगी।

2. यहां सर्च बार पर “dfrgui” टाइप करके एंटर दबाए।

Run command window type dfrgui
3. अब स्क्रीन पर Disk Defragmenter की विंडो ओपन होगी। आपकी ड्राइव Solid-State Drive है या Hard Disk इसके लिये Media Type के कॉलम में देखें।

 

 

Conclusion

 

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख SSD क्या है? (SSD Full Form) इसके प्रकार और उपयोग की जानकारी जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे.

यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए, तब इसके लिए आप नीचे comments लिख सकते हैं.यदि आपको यह लेख पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter इत्यादि पर share कीजिये.


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