सिस्टम डिज़ाइन क्या है? What is System Design in हिंदी की जानकारी

दोस्तों सिस्टम डिज़ाइन क्या है? सिस्टम वे components हैं। जो किसी संरचना के निर्माण का कार्य करते हैं। system विभिन्न इकाइयों का एक संगठित रूप होता हैं। यह अनेक तत्वों से मिलकर बना होता हैं। परंतु इनका उद्देश्य एक ही कार्य की पूर्ति के लिए होता हैं।

अगर हम System Analysis की बात करें तो यह एक प्रकार का डेटा फॉर्मेट हैं। जो हमें क्यों, क्या और कैसे जैसे प्रश्नों का उत्तर प्रदान करता हैं। यह किसी वस्तु की संरचना को समझने में हमारी सहायता करता हैं। System Analysis और Design पूर्ण रूप से एक-दूसरे से जुड़े होते हैं।

 

सिस्टम डिज़ाइन क्या है? What is System Design in हिंदी की जानकारी
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सिस्टम डिज़ाइन क्या है? (What is System Design in Hindi)

 

System Design अपना कार्य तभी अच्छे से कर पाता हैं। जब System Analysis का कार्य पूर्ण और उचित रूप से हो गया हो। बिना analysis के design करना हमें असफलता की ओर ले जाने का कार्य करता हैं। 

यह modules और components में उनकी आवश्यकता अनुसार बदलाव करने का कार्य करता हैं। यह समय की requirement के अनुसार कार्य करता हैं। 

उदाहरण स्वरूप RAM जिसको हम अपनी आवश्यकता अनुसार घटा या बड़ा सकते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य प्रोग्रामिंग उद्देश्यों को पूरा करना होता हैं। यह हमें अपने प्रोग्राम का विकास करने में सहायता प्रदान करता हैं। 

 

 

System Analysis और Design की आवश्यकता (System Analysis and Design Requirement)

 

System Development: इसकी सहायता से हम किसी software या hardware में उचित बदलाव कर सकते हैं। यह उसकी संरचना में बदलाव करने और उचित दिशा में बदलाव करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। यह हमें वह सभी tools प्रदान करता हैं। जिसकी सहायता से हम उसमें उचित बदलाव कर सकें।

Planning: यह किसी programming का विकास करने में सहायक तत्वों को systematic तरीके से लागू करने की योजना का निर्माण करता हैं। इसके अनुसार आप अपने कार्य को उत्तम तरीके से पूर्ण कर पाते हैं। किसी भी कार्य की सफलता उसकी योजना पर निर्भर करती हैं और इस योजना को पूर्ण करने का कार्य या उचित योजना निर्माण का कार्य System Analysis और Design पर निर्भर करता हैं। आपका analysis जितना प्रभवशाली तरीके से होगा, आपका उद्देश्य उतनी तीव्रता से पूर्ण होगा। 

Direction: जिसकी सहायता से हम अपने software और hardware का विकास उचित रूप से कर सकते हैं। यह बाजार में उसका मूल्य बड़ाने और स्थितियों का अनुमान लगाने में भी अहम भूमिका निभाता हैं।

Analysis: यह किसी system का निर्माण करने एवं किसी system को update करने का कार्य करता हैं। इसकी सहायता से हम software या hardware की process और उसकी विकास की प्रक्रिया को देख और समझ सकते हैं। 

Process: यह ये जानने में सहायता प्रदान करता हैं की हमारे द्वारा निर्माण किया गया कोई programming system किस तरह से और कैसे काम कर रहा हैं। इसकी सहायता से किसी की कार्य प्रणाली को समझने का प्रयास करते है। 

Objectives: यह System Analysis की सहायता से यह पता लगाने का कार्य करती हैं कि वह programming अपना कार्य एवं अपने उद्देश्यों की प्राप्ति करने से सफल हो रहा हैं या असफल। यह असफल कारणों को दूर करने का प्रयास करता है। 

Maintenance: यह programming के फायदे या सफलता को उस स्तर में बनाये रखने और उसकी संरचना में आ रही समस्याओं से निपटने का कार्य करती हैं। यह उसकी असफलताओं को सुधारने का कार्य करती हैं। 

System Analysis और Design के माध्यम से हम programming में किसी प्रकार के error को दूर उचित रूप से कर सकते हैं। यह system के उचित रूप से कार्य करने में सहायता प्रदान करता है। सिस्टम डिज़ाइन क्या है? यह software और hardware को विकास की दिशा की ओर ले जाने का कार्य करता हैं। और उसकी त्रुटियों को maintenance के आधार पर दूर करने का कार्य करता हैं। 

 

System Analysis और Design की विशेषता (Specialty of System Analysis and Design)

 

  • यह Programming system की कार्यप्रणाली और उसकी संरचना को समझने में सहायक हैं। 
  • इसके अनुसार हम अपने program में उचित बदलाव कर सकते हैं। 
  • इसकी सहायता से हम system की विकास प्रक्रिया को समझ पाते हैं। 
  • यह system के एक-एक parts का analyze करने में सक्षम होती हैं। 
  • इसका उपयोग programming को update करने या फिर उसका निर्माण करने के लिए किया जाता हैं। 
  • इसकी सहायता से हम बाजार में अपनी स्थिति को जांच सकते हैं और उसमें वृद्धि करने के प्रयासों को खोज सकते हैं। 

 

Steps of System Analysis and Design in Hindi

 

Main Steps of System Analysis and Design in Hindi:- सिस्टम विश्लेषण और डिजाइन के मुख्य चरण निम्नलिखित रूप से है:-

  • Defining User Requirements:– उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं को समझना Systems analysis का सबसे महत्वपूर्ण और कठिन काम है। इसके लिए कई तथ्य-खोज तकनीकों का उपयोग किया जाता है। जैसे साक्षात्कार, प्रश्नावली, और अवलोकन, आदि।
  • Analysis and Evaluation :- अगर ग्राहक द्वारा वर्त्तमान में कोई कंप्यूटर आधारित प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है तो इस चरण में एक विश्लेषक उसकी जाँच करता है की वो उपयोगकर्ता की जरूरतों को किस हद तक पूरा करते हैं और उसमे क्या – क्या कमीयां है।
  • Prioritizing Requirements :- इस चरण में systems analyst के टीम के सब लोग आपसी सहमति से ग्राहक के सबसे मुख्य प्राथमिकतायों को तय करते है।
  • Problem Solving :– ग्राहक के समस्या का गहराई से अध्ययन करने के बाद विश्लेषक समस्या को हल करने के सभी वैकल्पिक तरीकों का अध्य्यन करता है और सर्वश्रेष्ठ समाधान का चयन करता है।
  • Functional Specifications :- इस चरण में systems analyst उपयोगकर्ता, ग्राहक और प्रबंधक को एक सटीक और विस्तृत दस्तावेज़ उपलब्ध करवाता है इसमें ग्राहक के सभी जरूरतों की विस्तृत जानकारी होती है।  इससे ग्राहक संतुष्ट हो जाता है की उसके सभी जरूरतों को अच्छे से समझ लिया गया है और अगर ग्राहक चाहे तो वो कुछ नए जरूरतों को भी अभी ही जोर सकता है।
  • Designing Systems:- इस भाग में system analyst द्वारा दिए जाने वाले दस्तावेज़ के आधार पर software programmer कोडिंग के काम को शुरू कर देता है।
  • Testing :- इस भाग में सॉफ्टवेयर में मौजूद किसी भी त्रुटिओं की जाँच की जाती है और यह भी जाँचा जाता है कि जीन जरूरतों को पूरा करने के लिए सॉफ्टवेयर को बनाया गया था, सॉफ्टवेयर उन जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है या नहीं। सॉफ्टवेयर के सफल परीक्षण के बाद उस पुरे मशीन की भी जांच की जाती है जिसके साथ software को काम करना है।
  • Implementation :- कंप्यूटर आधारित प्रणाली को अच्छे से जांच लेने के बाद इस भाग में उसे ग्राहक की आवश्यकता अनुसार सही स्थान पर स्थापित कर दिया जाता है। कई बार इसी चरण में उपयोगकर्ता को इस बात के लिए प्रशिक्षित भी किया जाता है कि प्रणाली का उपयोग किस प्रकार से करना है।

 

Advantages and Disadvantages System Analysis and Design in Hindi 

 

Advantages of System Analysis and Design in Hindi :-

  • उन सभी लक्ष्यों की ओर ध्यान केंद्रित करने में सहायता करता है जिन्हें ग्राहक प्राप्त करना चाहता है।
  • इससे ग्राहक की संतुष्टि में बढ़ोतरी होती है क्योंकि उत्पाद के तैयार होने से पहले ही उसका पूरा लिखित विवरण उन्हें उपलब्ध करवा दिया जाता है।
  • software engineer (सॉफ्टवेयर इंजीनियर), software tester (सॉफ्टवेयर टेस्टर) तथा प्रोजेक्ट में शामिल अन्य सभी सदस्यों के काम को पहले से ही परिभाषित कर दिया जाता है जिसके कारण सभी सदस्यों को पता होता है कि किसे कौन सा काम करना है।
  • यह पूरे सॉफ्टवेयर निर्माण की प्रक्रिया एवं उसमें शामिल लोगों को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में मदद करता है अर्थात यह बेहतर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट (project management) एवं टीम मैनेजमेंट (team management) में सहायक है।
  • सिस्टम एनालिसिस एंड डिजाइन के अंतर्गत तैयार किए गए डिजाइन और एल्गोरिदम से सॉफ्टवेयर इंजीनियर या प्रोग्रामर को कोड लिखने की प्रक्रिया में बहुत अधिक मदद मिलती है।
  • यहां किसी प्रोजेक्ट में मौजूद सभी संभावित विरोधाभासों को पहले ही खत्म करदेता है, जिससे कि भविष्य में उत्पन्न होने वाले समस्याओं से निपटने का रास्ता पहले ही साफ हो जाता है।
  • यह सॉफ्टवेयर निर्माण की प्रक्रिया में लगने वाले कुल लागत, समय और प्रयास को कम कर देता है, क्योंकि यह उत्पाद निर्माण के लिए सभी आवश्यक दिशा निर्देश को पहले ही परिभाषित कर देता है।
  • ग्राहक की बदलती आवश्यकताओं के अनुसार उत्पाद में नए परिवर्तन या update लाने की प्रक्रिया को आसान बना देता है।
  • सिस्टम एनालिसिस एंड डिजाईन के मदद से भविष्य में उत्पन्न होने वाले सभी संभावित जोखिमों से कैसे बचना है इसकी पूरी योजना पहले ही तैयार कर लीया जाता है।
  • जहां एक उत्तम श्रेणी अर्थात high quality का उत्पाद निर्माण करने में मदद करता है, जोकि ग्राहक के समस्या का समाधान करने के साथ-साथ वह सभी लोग जो इस सॉफ्टवेयर पर काम करेंगे उन्हें एक बेहतर अनुभव भी प्रदान करता है।

 

Disadvantages System Analysis and Design in Hindi :-

 

  • Systems Analysis के पूरी दस्तावेज़ बनाने में समय और पैसे खर्च होते हैं, इससे मुख्य उत्पाद को बनाना महंगा हो जाता है ।
  • ऐसा जरूरी नहीं है कि हर बार सब कुछ वैसे ही हो जैसा दस्तावेजों में अनुमान लगाया गया है, कई बार प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने के बाद कुछ नई समस्या उत्पन्न हो जाती है।
  • इस प्रकार के जटिल काम को पूरा करने के लिए अनुभवी सॉफ्टवेयर इंजीनियर और मैनेजर की आवश्यकता होती है। क्योंकि अगर System Analysis and Design की प्रक्रिया में कोई भी गलती हो जाए तो पूरा सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट ही फेल हो जाएगा।

 

 

Conclusion

  

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख सिस्टम डिज़ाइन क्या है? What is System Design in हिंदी की जानकारी  जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे.

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