Computer Software क्या है? यह कार्य कैसे करता है? जानकारी

दोस्तों Computer Software क्या है? आज के समय में सॉफ्टवेयर का इस्तमाल लगभग सभी डिवाइस में होने लगा है फिर वो चाहे आपके फ़ोन हो या कम्प्यूटर। सभी जगहों में आपको डिवाइस का हार्ड्वेर नज़र आता है लेकिन सॉफ़्ट्वेर नहीं, लेकिन इसके नज़र न आने से भी ये सभी उचित रूप से हार्ड्वेर को कोई कार्य सम्पादन करने के लिए निर्देशित करता है।

वैसे ही Computer दो चीजों से बना है एक Hardware और दूसरा Software. हाथ, पावों, नाक, कान, आंखे हमारें शारीर के Hardware हैं जिन्हें हम हाथ लगा सकते हैं. वहीँ दया, माया, प्यार, दर्द ये सब हमारे शारीर के Software हैं जिन्हें हम हाथ लगा नहीं सकते हैं.

आज के समय में जितने भी Digital devices है जैसे Mobile, desktop, tab, laptop, oven इन सभी में सॉफ्टवेयर Program है. तो चलिए जानते है के सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं और ये कितने प्रकार के होते है.

 

Computer Software क्या है? यह कार्य कैसे करता है? जानकारी
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computer software क्या है? (What is computer software)

 

सॉफ्टवेयर, निर्देशों तथा प्रोग्राम्स का वह समूह है जो कम्प्यूटर को किसी कार्य विशेष को पूरा करने का निर्देश देता हैं. यह यूजर को कम्प्यूटर पर काम करने की क्षमता प्रदान करता हैं. सॉफ्टवेयर के बिना कम्प्यूटर हार्डवेयर का एक निर्जीव बक्सा मात्र हैं.

Software को आप अपनी आंखों से नही देख सकते हैं. और ना ही इसे हाथ से छूआ जा सकता हैं. क्योंकि इसका कोई भौतिक अस्तित्व नहीं होता हैं. यह एक आभासी वस्तु हैं जिसे केवल समझा जा सकता हैं.

यदि आपके कम्प्युटर में सॉफ्टवेयर नहीं होगा तो आपका कम्प्युटर मृत प्राणी के समान होगा. जो केवल लौह और अन्य धातुओं से बना एक बक्सा मात्र रह जाएगा. सोचिए,अगर आपके कम्प्यूटर में ब्राउजर प्रोग्राम नही होता तो आप इस लेख को नही पढ़ सकते थे. इसी बात से आप सॉफ्टवेयर का महत्व का अंदाजा लगा सकते है.

 

 

इसके अलावा MS Office, Photoshop, Adobe Reader, Picasa आदि सभी विभिन्न प्रकार के Software है, जो आपको Computer पर अलग-अलग कार्य करने के योग्य बनाते है. सॉफ्टवेयर आपके कम्प्यूटर में जान फूँकता हैं. उसे काम करने के योग्य बनाता हैं. और सॉफ्टवेयर की मदद से ही आप कम्प्यूटर से अपना मन पसंद कार्य करवा पाते हैं.

 

सॉफ्टवेयर की परिभाषा (Definition of software)

 

सॉफ़्ट्वेर या जिसे हाँ कम्प्यूटर सॉफ़्ट्वेर भी कहते हैं वो असल में एक कुछ प्रोग्राम होते हैं जो की यूज़र को सक्षम बनाते हैं कुछ कुछ विशेष कार्य करने के लिए। ये असल में कम्प्यूटर सिस्टम को या उसके peripheral devices को निर्देशित करती है कुछ कार्य करने के लिए और साथ में उस कार्य को कैसे करना है वो भी बताती है।

सच में एक software बहुत ही बड़ी और मुख्य भूमिका निर्वाह करता है एक यूज़र और कम्प्यूटर हार्डवेर के बीच में। सॉफ़्ट्वेर के बिना महजूदगी में एक यूज़र चाहकर भी किसी भी प्रकार का काम कम्प्यूटर पर नहीं कर सकता है।

 

सॉफ्टवेयर का हिंदी अर्थ (Hindi meaning of software)

 

Instructions या Programs के Collection को सॉफ्टवेयर कहते हैं, यह Programs Computer को Users के इस्तमाल योग्य बनाते हैं.

जैसे Operating System, सबसे पहले Android OS (Operating System) Software को Mobile/Computer में Install किया जाता है, उसके बाद ही आप इसे इस्तमाल करते हैं. अब सवाल आता है यह Programs और Instruction क्या है. इसे पहले आपको Programming Language का ज्ञान होना अति आवश्यक है.

 

कंप्यूटर में कौन सा सॉफ्टवेयर होता है? (What software is in a computer)

 

मुख्यतः कंप्यूटर सॉफ्टवेयर तीन प्रकार के होते हैं; एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर, सिस्टम सॉफ्टवेयर और यूटिलिटी सॉफ्टवेयर। 1. एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर: एप्लिकेशन ऐसे प्रोग्राम होते हैं जो एक विशिष्ट कार्य या संबंधित कार्यों का एक सेट करते हैं, और इसे अक्सर कंप्यूटर के साथ खरीदा जाता है जब इसे खरीदा जाता है

 

ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System)

 

ऑपरेटिंग सिस्टम – ऑपरेटिंग सिस्टम कुछ ऐसे प्रोग्राम्स का समूह होता है, जो कम्प्यूटर को ऑन करने के तुरन्त बाद आवश्यक होते हैं। इनके द्वारा कम्प्यूटर को यह ज्ञान प्राप्त होता है कि वह हमारे द्वारा दिए गए निर्देशों को किस प्रकार समझे। कम्प्यूटर के संचालन के समय विभिन्न इनपुट तथा आउटपुट युक्तियों के साथ संवाद के लिए उनके द्वारा प्रयोग किए गए कोड्स कम्प्यूटर को ऑपरेटिंग सिस्टम के द्वारा ही ज्ञात होते हैं। यदि कम्प्यूटर के किसी भाग में कोई अशुद्धि है, तो इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से कम्प्यूटर त्रुटि प्रदर्शित करता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से कम्प्यूटर तथा कम्प्यूटर प्रयोगकर्ता के मध्य संवाद (Communication) स्थापित होता है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि ऑपरेटिंग सिस्टम वह सॉफ्टवेयर है, जो कम्प्यूटर को नियन्त्रित रखने, संचालित करने, प्रयोगकर्ता के साथ कम्युनिकेशन करने, मैमोरी आदि क्षेत्रों में होने वाली प्रक्रियाओं की देख-रेख आदि करने का कार्य करता है। 

 

सर्वर ऑपरेटिंग सिस्टम (Server Operating System)

 

सर्वर ऑपरेटिंग सिस्टम सर्वर के संसाधनों का प्रबंधन करता है। यह सेवाओं के लिए उपयोगकर्ता के अनुरोधों को प्राप्त करने और उनका जवाब देने के लिए नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम और डेटा हैंडलिंग सॉफ़्टवेयर के साथ इंटरैक्ट करता है। जबकि सर्वर ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए कई विकल्प हैं, वर्तमान में सबसे लोकप्रिय OS/2 और UNIX- आधारित OS हैं। Microsoft की अभी-अभी-रिलीज़ होने वाली Windows Net तकनीक में भी बहुत रुचि है। ये 32-बिट ऑपरेटिंग सिस्टम मल्टीथ्रेडिंग और मल्टीटास्किंग को सपोर्ट करते हैं। एक 32-बिट प्रोसेसर, जैसे कि इंटेल 386 या 486, में अधिक पता स्थान, एक व्यापक भौतिक बस और बड़ा निर्देश ऑपरेंड होता है और 80×6 या 80286 जैसे 16-बिट प्रोसेसर की तुलना में आकार पंजीकृत करता है।

16-बिट प्रोसेसर के 16 एमबी की तुलना में 32-बिट प्रोसेसर का सबसे महत्वपूर्ण लाभ प्रोसेसर के बड़े एड्रेस स्पेस-अप से 4 जी बाइट तक आता है। सीमा लेकिन इस लाभ को प्राप्त करने के लिए 32-बिट OS की आवश्यकता होती है। डॉस के लिए या इंटेल 808x या 80286 चिप्स के खंडित आर्किटेक्चर के लिए लिखे गए सॉफ़्टवेयर को 64-केबी सेगमेंट में डेटा और प्रोग्राम का प्रबंधन करना चाहिए। इसके लिए बहुत अधिक ओवरहेड की आवश्यकता होती है। एक वास्तविक 32-बिट ऑपरेटिंग सिस्टम का बड़ा मेमोरी एड्रेस स्पेस उस ओवरहेड को समाप्त कर देता है, इसलिए प्रोग्राम तेज और अधिक कुशल होते हैं।

OS/2 2.0 और Windows NT प्रीमेप्टिव मल्टीटास्किंग प्रदान करते हैं, जिसका अर्थ है कि समय-महत्वपूर्ण कार्य करने वाले प्रोग्राम जरूरत पड़ने पर प्रोसेसर का नियंत्रण प्राप्त कर सकते हैं। यह टर्मिनल इम्यूलेशन, लैन कनेक्टिविटी और एसिंक्रोनस संचार कार्यक्रमों को अधिक विश्वसनीय रूप से चलाने की अनुमति देता है। उदाहरण के लिए, जब प्रोसेसर को लैन एडॉप्टर या मॉडेम से रुकावट प्राप्त होती है, तो ऑपरेटिंग सिस्टम संचार सॉफ्टवेयर नियंत्रण देने के लिए वर्तमान में चल रहे प्रोग्राम को प्रीमेप्ट कर सकता है।

IBM का OS/2 2.0 अधिकांश IBM-संगत 386SX माइक्रो और उच्चतर पर समर्थित है। इसमें डेटा अखंडता सुरक्षा के साथ सही समवर्ती मल्टीटास्किंग समर्थन है। OS/2 2.0 सभी उपलब्ध मेमोरी को पहचानता है और उनका उपयोग करता है, DOS द्वारा लगाई गई 640 Kb सीमा को समाप्त करता है। विंडोज 3.x सहकारी प्रदान करता है, प्रीमेप्टिव नहीं, मल्टीटास्किंग। एक बार जब प्रोग्राम को प्रोसेसर पर नियंत्रण मिल जाता है, तो ऑपरेटिंग सिस्टम तब हस्तक्षेप नहीं कर सकता जब किसी अन्य कार्य के लिए प्रोसेसर की आवश्यकता होती है।

सेमाफोर: (संसाधनों की उपलब्धता के बारे में कार्यक्रम संकेत), जो एक प्रक्रिया को किसी अन्य प्रक्रिया द्वारा सक्रिय रूप से उपयोग किए जाने वाले स्मृति स्थान पर लिखने से रोकता है।

पाइप्स: जो प्रक्रियाओं को एक दूसरे को सूचना देने की अनुमति देते हैं और यह अस्थायी या स्थायी हो सकता है। पाइप्स नेटवर्क आर्किटेक्चर के प्रेजेंटेशन लेयर पर काम करते हैं और हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर पर निर्भर नहीं होते हैं। इंटर-प्रोसेस पाइप एक ही मशीन के भीतर काम करते हैं। रीडायरेक्ट पाइप मशीनों के बीच काम करते हैं।

कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर क्या है – एक सर्वर ऑपरेटिंग सिस्टम कुछ लोगों द्वारा पूर्वानुमानित सॉफ़्टवेयर इंजीनियरिंग आकस्मिकता के बिना उच्च प्रदर्शन सर्वर अनुप्रयोगों के साथ रनटाइम समर्थन भी प्रदान करता है।

 

 

यूटिलिटी प्रोग्राम (Utility Program)

 

कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर क्या है यूटिलिटी प्रोग्राम – यूटिलिटी प्रोग्राम का निर्माण कम्प्यूटर निर्माताओं द्वारा किया जाता है। BIOS अर्थात् बेसिक इनपुट आउटपुट सिस्टम, जो कि कम्प्यूटर की इनपुट तथा आउटपुट युक्तियों को समय-समय पर प्रयोग के लिए निर्देश देता रहता है एवं इसी प्रकार के अन्य प्रोग्राम जो कि एक निश्चित प्रकार के कार्य के लिए ही बनाए गए होते हैं, यूटिलिटी प्रोग्राम्स कहलाते हैं। कम्प्यूटर में वायरस की जांच करने, बनाए गए प्रोग्राम की एक स्थान से दूसरे स्थान पर कॉपी करने, हार्डडिस्क को फॉरमेट करने, हार्डडिस्क में पार्टीशन तैयार करने, हार्डडिस्क की जांच करने आदि कार्यों के लिए बनाए गए सॉफ्टवेयर्स यूटिलिटी सॉफ्टवेयर्स हैं। PC-Tools, NDD, Cpav आदि प्रचलित यूटिलिटी सॉफ्टवेयर्स हैं।

 

Computer Software काम कैसे करता है? (How does computer software work)

 

जैसे की आप जानते है, की Computer को जब इनस्टॉल किया जाता है, तब यह Computer’s Storage (such as a hard drive, memory, or RAM) में स्टोर होता है।

एक बार जब Software लोड हो जाने के बाद, यह Computer Software को Execute करने में सक्षम होता है। क्यूंकि कंप्यूटर, प्रोग्राम को Execute (चलाकर) करके ही कंप्यूटर संचालित होते हैं। तो इसके लिए यह कुछ स्टेप्स को फॉलो करता है जो निचे दिया गया है।

सबसे पहले जब यूजर Software Icon पर क्लिक कर ओपन करता है, तो यह इंस्ट्रक्शन या कमांड सबसे पहले Application software से System software तक जाता है, Computer Software क्या है? System software इस कमांड को समझकर आगे हार्डवेयर तक भेजता है, जंहा पर मशीन कोड के रूप में दिए गए कमांड को रिसीव कर आगे पोर्सेस किया जाता है।

इसी तरह इसके विपरीत हार्डवेयर मशीन कोड में इंस्ट्रक्शन को भेजता है, जिसे अंत में Application software के दुवारा Human Language में इंस्ट्रक्शन को समझा जाता है। यहीं प्रक्रिया बार-बार होती रहती है। सभी प्रोसेस में प्रत्येक निर्देश कंप्यूटर को एक ऑपरेशन करने का कारण बनता है। जो की गणितीय रूप में होता है।

 

FAQ-कम्प्यूटॅर सॉफ़्टवेयर से संबंधित कुछ सामान्य सवाल-जवाब :-

 

सवाल – कम्प्यूटर सॉफ़्टवेयर कहां मिलते है?

जवाब – आप अपने कम्प्यूटर के लिए विभिन्न सॉफ़्टवेयर ऑनलाइन तथा ऑफलाइन खरिद सकते है. इन्हे Applications Service Providers उपलब्ध करवाते हैं.

इंटरनेट से सॉफ़्टवेयर डाउनलोड करने के लिए आपको सॉफ़्टवेयर विक्रेता की वेबसाइट पर जाना पड़ता है. फिर उस वेबसाइट पर आपको सॉफ़्टवेयर डाउनलोड लिंक मिलती है. इस लिंक के जरिए आप सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर सकते है.

यदि आप किसी बाजार से सॉफ़्टवेयर खरिदना चाहते है तब आपको सॉफ्टवेयर सीडी/डीवीडि आदि माध्यमों में उपलब्ध करवाया जाता है. फिर इस सीडी/डीवीडी को चलाकर सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया जाता है.

 

सवाल – क्या मैं फ्री सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर सकता हूँ?

जवाब – इसका जवाब जानने के लिए आप पहले “internet se free software kaise download kare” इस लाइन को गूगल पर जाकर सर्च करके देखिए. आपके सामने सैंकड़ों वेबसाइट आ जाएगी. जहां से आप फ्री सॉफ़्टवेयर डाउनलोड कर पाएंगे.

 

सवाल – मैंने सुना है कि फ्री सॉफ्टवेयर खतरनाक होते है क्या ये सच है?

जवाब – क्या आपने कभी सोचा है जब सॉफ्टवेयर फ्री में ही मिल जाते है तो हमें सॉफ्टवेयर क्यों खरिदने चाहिए? या सॉफ्टवेयर का पैड वर्जन ही क्यों इस्तेमाल करना चाहिए?

इसका जवाब होगा सुरक्षाफीचर्ससपोर्ट और गुणवत्ता. ये सभी चीजे आपको फ्री सॉफ़्टवेयर में नहीं मिलती है. और आपको हैकर्स के हवाले भी कर सकते है.

इसलिए, आप फ्री सॉफ्टवेयर केवल विश्वसनीय और सुरक्षित स्थान (सॉफ्टवेयर स्टोर जैसे विंडॉज एप स्टोर) से ही डाउनलोड करें. किसी भी इंटरनेट वेबसाइट से फ्री सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने की गलती गलती से भी ना करें.

 

सवाल – सॉफ्टवेयर लाइसेंस क्या होता है?

जवाब – सॉफ्टवेयर उपयोग, सेवा-शर्ते तथा यूजर अनुबंध का लिखित दस्तावेज सॉफ्टवेयर लाइसेंस कहलाता है. इस लाइसेंस में यूजर तथा सॉफ्टवेयर निर्माता के बीच अनुबंध की शर्ते लिखी जाती है. इन्ही शर्तों के भीतर ही एक यूजर किसी सॉफ्टवेयर विशेष का उपयोग कर सकता है.

सॉफ्टवेयर लाइसेंस कई प्रकार का होता है:

  • Free License – फ्री लाइसेंस के तहत पूरा सॉफ्टवेयर फ्री इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स के लिए उपलब्ध करवाया जाता है. इस लाइसेंस के लिए किसी भी प्रकार कोई शुल्क नहीं लिया जाता है. यूजर्स के निजी उपयोग के लिए इस प्रकार के सॉफ्टवेयर लाइसेंस उपलब्ध होते है. कुछ में कमर्शियल इस्तेमाल की छूट भी होती है. यूजर्स इसके कोड को एक्सेस नहीं कर पाते हैं.
  • Proprietary License – यह लाइसेंस पैड होता है. मतलब, इसके लिए आपको कुछ फीस चुकानी पड़ती है. यह फीस वन टाइम भी हो सकती है और रेकरिंग यानि सब्सक्रिप्शन आधारित भी हो सकती है. इस लाइसेंस के तहत पूरा सॉफ्टवेयर फुल फीचर्स के साथ यूजर्स के लिए उपलब्ध रहता है. लेकिन, सोर्स कोड एक्सेस की इजाजत नहीं होती.  
  • Open Source – यह लाइसेंस सार्वजनिक होता है और सभी के लिए मुफ्त एक्सेस देता है. सॉफ्टवेयर के साथ-साथ सोर्स कोड भी एक्सेस करने की अनुमती होती है. यानि आप इस तरह के प्रोग्राम्स को अपनी जरुरतों के अनुसार बदल भी सकते है.

 

सवाल – किसी भी सॉफ्टवेयर का उपयोग कैसे करें?

  • स्टेप: #1 – स्टार्ट मेनु में जाएं
  • स्टेप: #2 – इस्तेमाल के लिए सॉफ्टवेयर ढूँढ़े
  • स्टेप: #3 – अब इस सॉफ्टवेयर को ओपन करें
  • स्टेप: #4 – सॉफ्टवेयर ओपन होने के बाद इस्तेमाल करें  

किसी भी सॉफ़्टवेयर का सही ढ़ंग से इस्तेमाल करने के लिए इसका प्रशिक्षण लेना चाहिए. अगर, प्रशिक्षण की सुविधा नहीं है तो सॉफ्टवेयर के साथ आए उसके मैन्युल तथा हेल्प सेंटर से मदद लें.

 

सवाल – सॉफ्टवेयर का रखरखाव कैसे करते है?

जवाब – यह सवाल बहुत ही काम का है. और कम्प्यूटर सुरक्षा से जुड़ा है. इसलिए, इसे ध्यान से पढ़े और समझने का प्रयास करें.

सॉफ्टवेयर का रखरखाव में सोर्स कोड, उसकी फंक्शनेलिटी, नई अपडेट, हैकर्स से बचाव, एरर फिक्शिंग आदि को शामिल किया जा सकता है.

इन सबसे बचने के लिए आप निम्न उपाय कर सकते है:

  • सॉफ्टवेयर केवल विश्वसनीय स्रोत से ही प्राप्त करें
  • नई अपडेट आते ही उसे अपडेट करें
  • कम्प्यूटर में एंटीवायरस प्रोग्राम इंस्टॉल करके रखें
  • किसी भी प्रकार की एरर आने पर हेल्प सेंटर को सुचित करें
  • सॉफ्टवेयर के साथ प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार ही सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें

 

 

Conclusion

  

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख Computer Software क्या है? यह कार्य कैसे करता है? जानकारी जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे.

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