HTML क्या है? HTML का उपयोग कहाँ किया जाता है? पूरी जानकारी

दोस्तों क्या आपको पता है कि HTML क्या है? Html Language Website बनाने या Blogging करने के लिए सबसे ज्यादा जरुरी है। पर क्या आपको Html Language का Knowledge है? और क्या आप जानते हैं कि Html Kya Hai, अगर नहीं जानते तो आज हम आपको Html Kya Hai in Hindi इसकी पूरी हमारे इस पोस्ट के माध्यम से बताने जा रहे हैं। तो आईये जानते है इस Programming Language के बारे में…

Html Ka Full Form “Hypertext Markup Language” होता है। Html एक Computer की Language होती है, जिसे Website बनाने में Use किया जाता है, Html कई तरह के Tags से मिलकर बना है। Tim Berners-lee को Html का आविष्कारक कहा जाता है। इन्होंने ही Html को बनाया था। HTML अन्य Programming Language जैसे C, C++, Java, Java Script Etc से ज्यादा सरल है, इसे आप आसानी से सीख सकते हैं, और इस्तेमाल कर सकते हैं।

तो आईये दोस्तों अब हम आपको Html Kya Hota Hai, इसकी पूरी जानकारी विस्तार से बिल्कुल आसान और सरल भाषा में समझाते हैं, Html Se Aap Kya Samajhte Hain यह भी हम आपको इस लेख के जरिए समझाएंगे। अगर आप अपनी Website बनाकर Internet के द्वारा Online पैसे कमाने में Interest रखते हैं…तो इसके लिए हमारी यह पोस्ट Html Kya H शुरू से अंत तक जरुर पढ़ें।

 

HTML क्या है? HTML का उपयोग कहाँ किया जाता है? पूरी जानकारी
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एचटीएमएल क्या है? (What is HTML)

 

चलिए अब जान लेते है के HTML क्या होता है? Hypertext Markup Language को हम छोटे नाम से कहते हैं HTML. HTML एक computer की भाषा है जिसका इस्तेमाल website बनाने में किया जाता है. और उसे रंग रूप देने के लिए CSS का इस्तिमाल होता है।

ये भाषा computer की अन्य भाषा जैसे C, C++, JAVA आदि के मुकाबले बहुत ही सरल है, इसका इस्तेमाल करना कोई भी व्यक्ति आसानी से और बहुत कम समय में सिख सकता है.

 

 

HTML की मदद से website बन जाने के बाद उस website को दुनिया का कोई भी व्यक्ति internet के जरिये देख सकता है. HTML की खोज Physicist Tim Berners-Lee ने सन 1980 में Geneva में किया था. HTML एक platform-independent language है जिसका इस्तेमाल किसी भी platform में किया जा सकता है जैसे Windows, Linux, Macintosh इत्यादि.

 

HTML का फुल फॉर्म (full form of html)

 

HTML का full form Hypertext markup language होता है, जो एक computer language है जो कि CSS के साथ मिलकर काफी बेहतरीन वेबपेज बनाने में मदद करती है।

HTML एक Webpage और Web से सम्बंधित Application बनाने में सबसे ज्यादा उपयोग की जाने वाली मार्कअप भाषा है। किसी Website के Page को खोलने पर वेबसाइट का content कैसा दिखना चाहिए web browser को इसका पता html से ही चलता है। Web Browser को Web Server से HTML के रूप में डॉक्युमेंट प्राप्त होता है, जिसे वेब ब्राउज़र मल्टीमीडिया वेब पन्ने में बदल देता है।

 

एचटीएमएल का परिचय

 

HTML वह लैंग्वेज है जिसमें अधिकांश वेबसाइट पेज को डिज़ाइन की जाती हैं। HTML का उपयोग पेज बनाने और उन्हें कार्यात्मक बनाने के लिए किया जाता है।एचटीएमएल का अर्थ हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज कहा जाता है।
HTML का उपयोग किसी वेब पेज और उसकी कंटेंट को तैयार करने के लिए किया जाता है। एक वेबपेज के कंटेंट में बहोत से चीज़े होती है जैसे की टेक्स्ट के पैराग्राफ, बुलेट लिस्ट, इमेज, वीडियो यह सारे चीज़े को एक पेज में संगठित रूप से स्ट्रक्चर देने का का काम HTML का होता है।

 

HTML का इतिहास (History of HTML)

 

आइए अब हम HTML की दुनिया में थोड़ा पीछे चलते है और इसके इतिहास को जानने कि एक कोशिश करते है.

HTML का विकास 90 के दशक में हुआ था और अभी भी जारी है. क्योंकि HTML एक लगातार विकास करने वाली भाषा है. इसके अब तक कई संस्करण आ चुके है.

यह भाषा माननीय Sir Tim Berners Lee के दिमाग की उपज है. सबसे पहले इन्होने ही HTML का उपयोग किया था.

वर्तमान समय में HTML के विकास का जिम्मा एक संस्था “World Wide Web Consortium (W3C)” के पास है. यह संस्था ही अब HTML का ख्याल रखती है. आइए जानते है अब तक आए HTML के संस्करणों के बारे में.

HTML

यह संस्करण SGML –Standard Generalized Markup Language का रूप था. HTML प्राथमिक संस्करण है.

इसके द्वारा टेक्स्ट को Structure किया जा सकता था. इसके लिए कुछ Tags का निर्माण किया गया था और इस संस्करण का कोई नाम नही था इसे सिर्फ HTML कहा गया. लेकिन HTML के अगले संस्करणो के नाम थे. इसलिए सुविधा के लिए इस संस्करण को HTML 1.0 भी कहा जाता है.

जो HTML Tags इस समय उपयोग में लिये जाते थे, कुछ Tags आज भी मौजूद है. जो हम HTML पर कार्य करते समय काम में लेते है.

HTML 2.0

HTML के प्राथमिक संस्करण के बाद एक समूह IETF – Internet Engineering Task Force द्वारा HTML के अगले संस्करण का नामकरण किया गया. यह HTML 2.0 संस्करण कहलाया जिसे 1995 में प्रकाशित किया गया था.

इस संस्करण में कुछ नयी विशेषताएँ जोड़ी गई जिसमें ‘Image Tag‘ सबसे महत्वपूर्ण था. लेकिन अभी Internet ज्यादा लोकप्रिय नही हुआ था.

 

 

HTML 3.0

 

इस समय तक HTML और इंटरनेट अपनी छाप छोड चुके थे और दोनो लोकप्रिय होने लगे थे. अब पहल से ज्यादा लोग इससे जुड चुके थे. अधिक से अधिक लोग HTML सीखना चाहते थे और Internet से जुडना भी चाहते थे.

इसलिए HTML के अधिक उपयोग के कारण इसमे कुछ उलझने पैदा हो गई थी. जो Standard इसमें तय किया था लोग उसमें परिवर्तन करने लगे थे. जिससे इसकी एकरूपता समाप्त होने लगी थी. इसलिए HTML का अगला संस्करण तैयार किया गया जो HTML 3.0 था. लेकिन इसे कभी भी प्रकाशित नही किया गया.

 

HTML 3.2

HTML 1.0 के प्रकाशन और HTML 3.0 की सिफारिश तक एक संगठन का उद्भव हो चुका था, जो HTML भाषा के लिए कार्य करने के लिए बना है. इसे W3C – World Wide Web Consortium के नाम से जाना जाता है.

W3C के द्वारा 1997 में HTML 3.0 की सिफारिशों के साथ HTML का अगला संस्करण HTML 3.2 का प्रकाशन किया गया. इसमें HTML के दोनों संस्करणों से ज्यादा विशेषता थी.

HTML 3.2 के द्वारा अब HTML Document को और अधिक तरीके से बनाया जा सकता था. इस संस्करण में कई नये ‘Attribute’ को जोडा गया जो डॉक्युमेंट के structure से ज्यादा उसकि ‘style’ के लिए थे. लेकिन, इस समय तक HTML को पढ़ने वाले यानि ‘ Browsers ‘ बहुत धीमें थे. ये अभी भी HTML 3.2 के सभी विशेषताओं को सपोर्ट नही करते थे.

HTML 4.0

अब Internet काफि लोकप्रिय हो चुका था. अधिक से अधिक लोग HTML सीखना चाहते थे. और जो पहले से ही इससे जुड़े थे. वे HTML से ज्यादा चाहने लगे. इसलिए इस रिक्त स्थान को भरने करने के लिए HTML का अगला संस्करण HTML 4.0 का प्रकाशन किया गया.

और अब तक ‘Style Sheet’ भी अपना स्थान बनाने लगी थी. इसलिए इस संस्करण में कुछ और विशेषताएं जैसे; frame, script, stylesheet आदि को जोडा गया. और इसे पढने वाले ब्राउजर भी अब कुछ एडवांस हो चुके थे. तथा HTML के अधिकतर विशेषताओं को पढ सकते थे. यह HTML के इतिहास में एक बड़ा बदलाव था.

HTML 4.01

HTML का अगला संस्करण HTML 4.01 था जो HTML 4.0 का संशोधित संस्करण है. इसे W3C द्वारा 1999 में प्रकाशित किया गया था. आज लगभग वेबसाइट इसी संस्करण में बनी हुई है.

HTML 5

HTML का सबसे नवीनतम संस्करण HTML 5 है. इसमे HTML 4.01 कि विशेषताओं के अलावा XML कि विशेषताओं को भी जोडा गया है. यह संस्करण धीरे-धीरे अपनी पहचान बना रहा है. और काफि लोकप्रिय हो चुका है.

 

HTML का क्या उपयोग होता है? (What is HTML used for)

 

HTML का इस्तेमाल कर webpage बनाना बहुत ही आसन है, इसके लिए आपको चाहिए दो चीज़- पहला है एक साधारण text editor जैसे की Notepad जिसमे html का code लिखा जाता हैं और दूसरा चाहिए एक browser जैसे Internet Explorer, Google Chrome, Mozilla Firefox आदि जिसमे आपके website को पहचान मिलती है और जिसे internet user देख सकते हैं।

HTML छोटे छोटे code की series से बना होता है जिसको हम notepad में लिखते हैं, इन छोटे codes को tags कहते हैं. HTML tags browser को बताता है की उस tag के अन्दर लिखे गए elements को website में कैसे और कहाँ दिखाया जाये.

HTML ऐसे बहुत सारे tag प्रदान करता है जो graphics, font size और colours के इस्तेमाल से आपके website को एक आकर्षक रूप देता है HTML code को लिख लेने के बाद आपके document को save करना होता है, HTML क्या है? उसको save करने के लिए html file के नाम के साथ .htm या फिर .html लिखना जरुरी है तभी वो आपके html document को आपके browser में दिखायेगा वरना नहीं.

Save कर लेने के बाद आपको अपना html document देखने के लिए browser को खोलना होगा. वो browser आपके html file को read करेगा और आपके सही तरीके से लिखे हुए code को translate कर सही रूप से आपके website को दिखायेगा जैसा आपने code लिखते वक़्त सोचा होगा।

आपका web browser html tags को website में नहीं दिखता बल्कि आपके document को सही तरह से दिखने के लिए उन tags का इस्तेमाल करता है.

 

HTML कैसे सीखें (How to Learn HTML)

 

इस वेब प्रोग्रामिंग भाषा HTML को सीखना बहुत ही आसान है. आप कुछ ही घंटों की ट्रैनिंग से अपना खुद का वेब डॉक्युमेंट बनाने में कामयाब हो जाते है.

नीचे हम एचटीएमएल सीखने के अलग-अलग तरीके बता रहे है. जिनके द्वारा आप खुद घर बैठे HTML सीख सकेंगे.

  • ऑनलाइन सीखें
  • वेब डिजाइनिंग कोर्स जॉइन करें
  • किताबें खरिदें
  • ऑफलाइन ट्युटोरिंग लें
  • यूट्यूब से सीखें

 

 

#1 ऑनलाइन सीखें

 

आजकल डिजिटल शिक्षा का बोलबाला है. इसलिए, आप अपने हिसाब से किसी ऑनलाइन सोर्स से Free HTML Training लें सकते है.

इंटरनेट पर सैकड़ों साइट मौजूद है. जो एचटीएचएल की फ्री ट्रैनिंग दे रहें है. नीचे कुछ लोकप्रिय वेब पोर्टल का नाम दिया जा रहा है. जहाँ से आप फ्री में एचटीएमएल सीख सकते हैं.

W3Schools.com
TutorialsPoint.com
TutorialPandit.com
Html.com
Htmldog.com
Codecademy.com
Learn-html.org
Javatpoint.com
Tutorialrepublic.com
Udemy.com

 

#2 वेब डिजाइनिंग कोर्स जॉइन करें

 

यदि आप ऑनलाइन नही सीख सकते है. और आपको परंपरागत शिक्षा प्रणाली ही अच्छी लगती है. तो आप किसी भी नजदीकि इंस्टीट्युट में जाकर वेब डिजाइनिंग कोर्स में एडमिशन लें सकते है.

इस कोर्स में आपको HTML के साथ अन्य वेब तकनिकों जैसे सीएसएस एवं जावा स्क्रिप्ट की ट्रैनिंग भी साथ में उपलब्ध करवाई जाती है.

इसलिए, आप अपने बजट और इंस्टीट्युट की साख को मद्दे नजर रखते हुए. उसका चयन करें और एडमिशन लेकर ट्रैनिंग शुरु करें.

इस ट्रैनिंग के दौरान आपको लाइव प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अनुभव मिलता है और पढ़ाई पूरी होने के बाद सर्टिफिकेट भी दिया जाता है. जो आपकी योग्यता को साबित करने के लिए एक अनिवार्य दस्तावेज होता है.

 

#3 किताबें खरिदें

 

किसी भी स्किल को सीखने का आधार किताबें होती है. इनके द्वारा हम लेखक से आभासी रूप में जुड़े रहते है. और उनके ज्ञान का सीधा लाभ लेते है.

इसलिए, आप सेल्फ लर्निंग और सैध्दातिंक ज्ञान के लिए Best HTML Books बाजार से खरीदकर खुद उदाहरणों के जरिए सीखना शुरु करें.

हमें पूरा विश्वास है. यदि आप किताब में दिए गए निर्देशों का पालन यथावत करते है तो आप 100% वेबपेज बनाना सीख लेंगे.

 

#4 ऑफलाइन ट्युटोरिंग लें

 

वैसे यह भी कोर्स जॉइन करने के जैसा ही है HTML क्या है?. मगर, फर्क बस इतना है कि यहाँ आप को कोर्स वगैरह में एडमिशन नही लेते है. केवल, पड़ोस के HTML Master से ट्रैनिंग लेते है.

इस ट्रैनिंग का फायदा किसी इंस्टीट्युट ट्रैनिंग से ज्यादा मिलता है. क्योंकि आप सीखने वाले केवल आप होते है. और आपको काम करने का अनुभव भी मिलता है.

क्योंकि, इस तरह की ट्युटोरिंग देने वाले अधिकतर ट्युटर फ्रीलांसर होते है. और फ्रीलांसिंग करके अपना गुजारा चलाते है. इसलिए, इनके पास कई-कई प्रोजेक्ट्स होते है.

 

#5 यूट्यूब से सीखें

 

आजकल यूट्यूब सीखने का नया प्लैटफॉर्म उभर रहा है. खासकर भारत देश में तो इसका क्रेज कुछ ज्यादा ही दिखाई पड़ता है.

चुंकि, यूट्यूब की पढ़ाई मुफ्त है. इसलिए, स्टुडेंट्स इसे प्राथमिकता देते है.

मगर, यूट्यूब पर उपलब्ध HTML Videos को हम क्वालिटी के लिहाज से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं मान सकते है. और ना ही विश्वसनीय सोर्स से इस प्रकार से वीडियो बनाए जाते है. इसलिए, यूट्यूब लर्निंग को हमेशा शक की दृष्टि से देखा जाता है. और इसे कम विश्वसनीय मानते है. बाकि फैंसला आपको करना है.

 

HTML की विशेषताएँ (Features of HTML)

HTML की विशेषताएँ निम्नलिखित है जो की इस प्रकार है :-

  • यह Language समझने में आसान है। कम्प्यूटर का एक सामान्य User भी इसे आसानी से सीख सकता है।
  • यह एक Case Insensitive Language है, इसका अर्थ है कि HTML में किसी Program को अपनी इच्छा के अनुसार अंग्रेज़ी के छोटे अक्षरों (Lowercase Letters) या बडे अक्षरों (Uppercase Letters) में बनाया जा सकता है।
  • यह किसी Web Pageमें Text के साथ Graphics, Videos और Sounds को प्रयोग करने की भी सुविधा देती है।
  • इसकी सहायता से Web Pages की प्रभावी Formatting की जा सकती है।
  • इसे सभी Web Browsers Support करते हैं।
  • यह Web Pages को आपस में जोड़ने के लिए Links का प्रयोग करने की सुविधा देती है।
  • यह एक Platform Independent Language है, इसका अर्थ है कि इस Language को Windows के अलावा अन्य Operating Systems पर भी प्रयोग किया जा सकता है।

 

 

HTML tags कैसा होता है? (What are HTML tags)

 

What is HTML in Hindi में आप सब ने जान ही लिया होगा. चलिए उसके कुछ basic tags के बारे में जान लेते हैं. HTML tag अन्य text से पूरा अलग होता है जिसके मदद से html code लिखा जाता है. HTML tags keywords होता है जिसे हम बंद brackets के अन्दर रखते हैं जैसे <html>. tags के मदद से हम अपने website को नए नए रूप दे सकते हैं, उसमे हम images, tables, colors आदि चीज़ का इस्तेमाल कर webpage बना सकते हैं.

अलग-अलग tags अलग-अलग तरीके का कार्य करते हैं. जब आप अपना html पेज browser के जरिये देखते हैं HTML क्या है? तो उसमे ये सभी tags दिखाई नहीं पड़ते सिर्फ उनके प्रभाव ही नज़र आते हैं. HTML में हजारों tags होते हैं जिनका इस्तेमाल हम website बनाने के लिए करते हैं।

चलिए मै उनमे से ही कुछ विशेष tags के बारे में आपको बताउंगी जिनका प्रयोग website बनाने के लिए बहुत जरुरी है. HTML में coding लिखना शुरू करने से पहले comment लिखा जाता है जिससे की author को पता चलता है की वो html page किस चीज़ के लिए बनाया गया है.

comment लिखना अनिवार्य नहीं है ये आपके ऊपर निर्भर करता है की आप अपने html document के लिए comment लिखना चाहते हैं या नहीं. HTML में comment <!”….”> इसके अन्दर लिखा जाता है, ये comment आपको web browser में दिखाई नहीं देगा.

 

Comment लिखने के बाद जो सबसे जरुरी tag होता है वो है header tag जिससे हमे html document की जानकारी मिलती है. comment tag को छोड़ कर बाकि जितने भी html tags होते हैं सभी का start tag और end tag होता है. जैसे

<head>…………………</head>

अगर आप एक start tag को लिखने के बाद उसका end tag नहीं लिखेंगे तो उस tag का असर आपके browser में नहीं दिखेगा, इसलिए end tag लिखना अनिवार्य है. HTML tags का keyword case-insensitive है इसका मतलब है की आप tag का नाम बड़े अक्षर(capital letter) या छोटे अक्षर (small letter) में लिख सकते हैं ये पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है की आप अपने tag को कैसे लिखना चाहेंगे. head tag के बिच में मैंने जो बिंदु की मात्रा दी है उसका मतलब है की आप उसके जगह कोई text लिख सकते हैं.

header tag के अन्दर title tag लिखा जाता है जो हमारे html पेज के title को दर्शाता है जैसे,

<title>This is my first web page</title>

जब हम अपने html page को browser में देखेंगे तो हमें यही text, browser के सबसे ऊपर title bar में बाये तरफ दिखाई देगा.

title tag के बाद body tag लिखा जाता है. इस tag के अन्दर webpage को आकर्षक बनाने के लिए जितने भी tags होते हैं उनका प्रयोग किया जा सकता है. जैसे,

<body bgcolor=”yellow” text=”blue”>
Hello! How are you?
</body>

यहाँ bgcolor का मतलब है background color जहाँ आपके webpage के background का रंग पिला दिखेगा और मैंने जो ये text लिखा है उसका रंग नीला दिखेगा. इसी तरह आप बहुत सारे tags का इस्तेमाल <body> tag के अन्दर कर अपने webpage को सुन्दर बना सकते हैं.

आपका html document हमेसा इसी रूप में होना चाहिए.

<html>
<head>
<title>———————</title>
</head>
<body>
<h1>——</h1> – इसे केहते हैं heading tag जो छोटे अक्षरों में दीखता है.
<p>——–</p> -इसे केहते है paragraph tag जहाँ आप paragraph लिख सकते हैं.
<b>——–</b> – इसे केहते हैं bold tag जो आपके लिखे हुए text को bold करदेगा.
</body>
</html>

ऐसे ही और भी बहुत से tag हैं जो आप body tag के अन्दर लिख सकते हैं, सभी tags के बारे में बता पाना यहाँ संभव नहीं इसलिए मैंने सिर्फ basic tag के बारे में बताया है.

 

Html से जुड़ी और भी महत्वपूर्ण जानकारी।

 

  • Html Color Codes  : Html Color Codes से आप Web Page पर Color Change कर सकते है जिससे की Web Page के Background, Table और Text के Color को Change किया जा सकता है।

 

  • Html Formatter : Html Formatter Online Html Data को Beautify और Formatting करने के साथ ही Html Data को Edit करने, View करने और Analysis करने में Help करता है। यह बहुत ही Easy तरीका है Html Data को Edit करने का।

   

  • Html Fonts : Html में आप कई तरह के Fonts Use कर सकते है। जिसका Use आप अपनी Website के लिए कर सकते है।

      

  • Html Table : Html Table, Web Author को Text, Images, Links और अन्य दूसरी Table आदि Data को Rows और Column के Cells में Arrange करने के लिए Allow करता है।

  

  • Html Elements : Html Ke Elements, Html Document और Web Page का एक Individual Component है Html, Html Nodes Tree से Compose किया गया है जैसे – Text Nodes, Node में Other Nodes और Text Content हो सकते है। बहुत से Html Nodes, Meaning या Semantic को Represent करते है।

 

 

Conclusion

 

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख HTML क्या है? HTML का उपयोग कहाँ किया जाता है? पूरी जानकारी जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे.

यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए, तब इसके लिए आप नीचे comments लिख सकते हैं.यदि आपको यह लेख पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter इत्यादि पर share कीजिये.


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