आत्म जागरूकता क्या है? Self awareness कैसे विकसित करें? (Hindi)

दोस्तों आत्म जागरूकता क्या है ? :- आत्म-जागरूकता में स्वयं के विभिन्न पहलुओं, लक्षणों, व्यवहारों और भावनाओं के बारे में जागरूक होना शामिल है। अनिवार्य रूप से, यह एक मनोवैज्ञानिक अवस्था है जिसमें स्वयं ध्यान का केंद्र बन जाता है। आत्म-जागरूकता उभरने के लिए आत्म-अवधारणा के पहले घटकों में से एक है। जबकि आत्म-जागरूकता ऐसी चीज है जो आप के लिए केंद्रीय है, यह ऐसा कुछ नहीं है जिसे आप हर दिन हर पल पर केंद्रित करते हैं।

इसके बजाए, आप कौन हैं और कपड़े के बारे में आत्म-जागरूकता बुझ जाती है और स्थिति और आपके व्यक्तित्व के आधार पर अलग-अलग बिंदुओं पर उभरती है।

लोग पूरी तरह से आत्म-जागरूक नहीं पैदा हुए हैं। फिर भी शोध में यह भी पाया गया है कि शिशुओं को आत्म-जागरूकता की प्राथमिक प्राथमिकता है। शिशुओं के पास जागरूकता होती है कि वे दूसरों से अलग होते हैं, जो कि रिटिंग रिफ्लेक्स जैसे व्यवहारों से प्रमाणित होते हैं जिसमें एक शिशु अपने निप्पल के खिलाफ कुछ ब्रश करते समय निप्पल की खोज करता है। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया है कि नवजात शिशु स्वयं और गैर-स्पर्श के बीच अंतर करने में सक्षम हैं। 

 

आत्म जागरूकता क्या है? Self awareness कैसे विकसित करें? (Hindi)
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आत्म जागरूकता क्या है? (What is self awareness)

 

आत्म-जागरूकता के साथ संपर्क में रहना और फिर अपने विचारों और भावनाओं को समझना उतना ही सरल हो सकता है। कुछ के लिए, इसका अर्थ हो सकता है अपने अंतरतम विश्वासों और मूल्यों से जुड़ना और फिर एक ऐसा जीवन जीना जो है उन मूल्यों के अनुरूप .

पेशेवर विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित करने वाले लोगों के लिए, आत्म-जागरूकता उनकी ताकत, कमजोरियों, व्यक्तित्व प्रकारों और नेतृत्व शैलियों को समझ रही है। गूगल डिक्शनरी के अनुसार, आत्म-जागरूकता है: अपने स्वयं के चरित्र, भावनाओं, उद्देश्यों और इच्छाओं का सचेत ज्ञान। साइकोलॉजी टुडे के अनुसार, आत्म-जागरूकता:[1] इसमें हमारी आंतरिक दुनिया, विचारों, भावनाओं और विश्वासों की निगरानी करना शामिल है। यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह व्यक्तिगत विकास को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख तंत्र है।

 

 

अपनी पुस्तक प्रकाशित करने के बाद से, भावात्मक बुद्धि 1995 में, डैनियल गोलेमैन के इमोशनल इंटेलिजेंस (a.k.a. EQ या EI) के विचार और आत्म-जागरूकता ने दुनिया में तूफान ला दिया। और जैसा कि आप देख सकते हैं, अर्थ, परिभाषाएं और व्याख्याओं की एक विस्तृत श्रृंखला है। मेरे मन में दो बड़े प्रश्न हैं, १) आत्म-जागरूकता इतनी मायने क्यों रखती है और २) हम अपने जीवन में और अधिक आत्म-जागरूक कैसे बन सकते हैं? वे दो प्रश्न हैं जिन पर हम आज विचार करने जा रहे हैं।

 

Self Awareness  क्यों जरूरी है (Why Self Awareness is Important)

 

दोस्तों कुछ कारणों से self awareness हमारे जीवन में बहुत जरूरी है। निम्न चीजों के लिए self awareness जरूरी है।

1. यदि आप अपने करियर बनाने की उम्र मे है तो आत्म जागरूकता आपके लिए बेहद जरूरी है। जो आपके लिए चीजों को आसान बनाएगा।

2. मानव जीवन मे विभिन्न प्रकार की समस्याएं आती रहती है अतः जीवन एक निश्चित प्रगति के लिए आप खुद को परिवर्तित करना कैसे शुरू करेंगे इसके लिए सेल्फ awareness जरूरी है।

3. Self awareness होने पर अपने भविष्य की दिशा में बदलाव कैसे कर सकते हैं।

 

Self awareness के उद्देश्य क्या है (what is the purpose of self awareness)

 

self awareness का मुख्य उद्देश्य यही है, कि हम अपने जीवन की ताकत को कैसे पहचानेंगे और कमजोरियों को कैसे देखेंगे। किन परिस्थितियों में हमारे अंदर कैसे विचार उत्पन्न होते हैं। उन परिस्थितियों में हम कैसा महसूस करते हैं। अपने विभिन्न कौशलों को कैसे विस्तृत करेंगे।

 

आत्म-जागरूकता कैसे बढ़ाएं? (How to increase self-awareness)

 

कुछ महत्वपूर्ण तरीके जो आत्म-जागरूकता को बढ़ने में मदद करेगा।

 

1. जब तक किसी को जरुरत न हो तब तक उसकी मदद नहीं करना है:

जब तक किसी को जरुरत न हो तब तक उसकी मदद नहीं करना है कभी कभी हम किसी की जरुरत न होने पर भी उसको मदद करने के लिए चले जाते हैं। जब तक उसको मदद की जरुरत न हो तब तक उसको मदद नहीं करना है।

 

2. अपने आप पर भरोसा करना:

जो कुछ भी हो जाये, जैसा भी परिस्थिति हमारे सामने आये, दूसरों से ज्यादा खुद पर भरोसा करें। ये सोच रखना है की सभी समस्यायों का सामने हम कर सकते हैं। हम जो पाना चाहते हैं वो पा सकते हैं।

 

3. जो करना है आज करना है:

अगर हम कुछ करने की योजना में हैं, तो उस काम को आज ही करना है। ऐसा करने से हमारे जोश और हासिल करने की इच्छा बरकरार रहता है और यही काम ख़तम होने से हमे कुछ नया की सोच के लिए टाइम मिल जाता है।

 

4. आत्म मूल्यांकन (Self evaluate) करना:

आत्म मूल्यांकन (Self evaluate) करना
हमे खुद को जानना जरुरी है। हम क्या कर सकते हैं, कौनसी काम है जो हम अच्छेसे कर सकते हैं, हमने जो गलतियां की है उसको कैसे सुधारना है। हमे खुद की मूल्यांकन करना चाहिए।

 

5. अपने शब्दों पर नियंत्रण रखना:

कभी कभी हम किसी बात पर गुस्सा हो कर हमारे मुँह में जो भी आती है हम बोल देते हैं। हमे हमारे मुँह पर और हमारे शब्दों पर नियंत्रण रखनी चाहिए।

 

6. अपने रहस्यों को उजागर न करना:

अपने रहस्यों को उजागर न करना
हम सब का कुछ secrets हों। वे रहस्य अच्छे या बुरे हो सकते हैं। जो भी हो, हमारे राज़ को राज़ ही रहने दो। दूसरों को पता चलने से वो उसका गलत फायदा भी उठा सकते हैं।

 

7. अपना knowledge को share करना:

अपना knowledge को share करना
अपना ज्ञान बांटोगे, तो बढ़ेगा। आप जो भी जानते हो, सबके साथ share करें। इसमें दूसरों के साथ साथ अपना ज्ञान भी बढ़ेगा।

 

8. अपना सीमा निर्धारण करना:

अपना सीमा निर्धारण करना हमेशा अपनी सीमा निर्धारित करना है। और उसी सीमा के भीतर रहना है। हमे बड़ों साथ कैसे रहना है, युवाओं के साथ कैसे रहना है, दोस्त और फॅमिली के साथ कैसे रहना है, हमें उस सीमा को पार करने का अधिकार नहीं है।

 

 

Self awareness कैसे विकसित करें (How to Develop Self Awareness)

 

Self awareness एक skill है, जो हमें अपने व्यवहार की निगरानी करने और हमारे उद्देश्यों और खुद को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है। जिस प्रकार हम अपने परिश्रम से किसी कौशल को विकसित करते हैं, उसी प्रकार आत्म जागरुकता को भी एक निश्चित अभ्यास से विकसित कर सकते हैं।

निम्न अभ्यासों की मदद से हम self awareness को develop करके जीवन में दिन-प्रतिदिन सुधार कर सकते हैं। self awareness ऐसी skill है जिसे पुस्तक से नहीं सीखा जा सकता है, इसे केवल आत्म प्रतिबिंब से ही प्राप्त किया जा सकता है।

1. लोगों के साथ बातचीत करते हुए, व्यवहार करते हुए और निर्णय करते हुए आपने अपने बारे में जो कुछ भी सीखा है। उसका उपयोग करें। ऐसा करने से आप अपने mind के thought process के बारे में अच्छे से जान पाएंगे और self awareness को अच्छे से develop कर पाएंगे।

2. किसी विशेष situation के लिए आप अपने-आप से ही predict करें कि आप उस situation से पहले कैसा महसूस करेंगे और प्रतिक्रिया करेंगे तथा situation के बाद आपका reaction क्या होगा।

3. आप अपने ही life को observe करें और देखें कि हम अपनी पिछली गलतियों और विजय से क्या सीख सकते हैं। आत्म जागरूकता क्या है उस situation में हमने वह निर्णय क्यों लिया था। वह निर्णय लेने के बाद क्या घटित हुआ था और हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा था।

4. आप अभी तक जिसके भी साथ रहते आए हैं। उससे अपने व्यवहार और भावनाओं के बारे में प्रतिक्रिया लें और देखें कि अभी भी आपको क्या सीखने की जरूरत है। यह फीडबैक हमारे व्यवहार के उन पहलुओं की भी पहचान कर सकती है। जिन्हें हम स्पष्ट रूप से नहीं देख पा रहे हैं। जिन्हें कहते हैं हमारे लाइफ के Blind-Spots।

5. आप अपनी दैनिक विचारों, भावनाओं और व्यवहारों का एक रिकॉर्ड रखें। आप इसे ईमानदारी से observe करें। इसके बारे में सोचें और लिखें।

दोस्तों इस प्रकार उपर्युक्त तरीकों को अपनाकर आप अपने जीवन में आत्म जागरूकता ला सकते हैं। और अपने life को settle कर सकते है।

 

Self awareness के लिए महत्वपूर्ण बातें (Important things for self awareness)

 

  • उसे नित्य समाचार पत्र पढ़ने चाहिए.
  • समाज की विभिन्न गतिविधियों में भाग लेना चाहिए.
  • ज्ञानवृद्धक पुस्तकों व विषय से सम्बन्धित नये ज्ञान हेतु सन्दर्भ पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए.
  • सामाजिक सर्वेक्षण कर समाज की आवश्यकता व समाज में व्याप्त बुराइयों इत्यादि का पता लगाना चाहिए व उसके संभावित समाधान ढूढने चाहिए.
  • विद्यालय में सहगामी क्रियाओं में बढ़ चढ़कर भाग लेना चाहिए.
  • स्वयं आदर्श उदहारण बनकर छात्रों को प्रेरित करना चाहिए.
  • छात्रों के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति सजग रहना चाहिए.
  • विद्यालय के अतिरिक्त पड़ौस कस्बे गाँव इत्यादि में सक्रिय रहना चाहिए.
  • शिक्षण से सम्बन्धित नई खोजों, सेमिनार, वर्कशॉप इत्यादि में भाग लेकर नवीनतम विधियाँ, सहायक सामग्री का ध्यान रखना चाहिए.
  • छात्रों को क्षेत्रीय भ्रमण व सामाजिक सर्वेक्षण हेतु ले जाना चाहिए.

इस प्रकार अध्यापक विभिन्न तथ्यों के प्रति सजग रहकर संस्कृति की सुरक्षा, हस्तांतरण, परिमार्जन करने में सहयोग देता हैं.

 

 

Conclusion

  

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख आत्म जागरूकता क्या है? Self awareness कैसे विकसित करें? (Hindi)  जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे.

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