BPO क्या है? BPO कैसे बने पूरी जानकारी हिंदी में

हेल्लो दोस्तों, BPO full form और meaning यानी BPO क्या है और इसका Hindi अर्थ क्या होता है? इसके बारे में आज हम जानेंगे.  आप BPO इंडस्ट्री में  JOB करना चाहते है तो इसके लिए आपको इसके बारे में जानना बेहद जरुरी है जैसे, यह इंडस्ट्री किस प्रकार की होती है.इसमें क्या-क्या काम करना पड़ता है और इसमें कौन कौनसे role दिए जाते है आदि.  वर्तमान की बात करे तो इस इंडस्ट्री में जॉब करने के लिए कहीं candidate उत्सुक होते है. इस क्षेत्र को part time और full time जॉब दोनों के रूप में देखा जाता है.

पिछले 5 सालों में भारत की अर्थव्यवस्था की रफ़्तार भले ही तेज़ हुई हो, लेकिन रोज़गार के अवसर लगातार कम होते जा रहे है वहीं दूसरी ओर बेरोज़गारी के इस दौर में BPO ने युवाओं को रोज़गार देने में पूरी तरह से मदद की है। BPO कंपनी में युवा तेजी से रुख़ कर रहे है और अपना Career बना रहे है। जिसका कारण आसानी से जॉब मिलना और कम स्किल्स के साथ ही अच्छी सैलरी मिलना भी है। युवाओं के लिए यह शानदार करियर विकल्प होता है।BPO के अलावा यदि आप यह भी जानना चाहते है कि BPO Telecaller Means और BPO Telecaller Means in Hindi में क्या होता है यह भी आपको इस पोस्ट में जानने को मिलेगा बस बने रहे पोस्ट में अंत तक।

 

BPO क्या है? BPO कैसे बने पूरी जानकारी हिंदी में |
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BPO क्या है? (What is BPO)

 

बीपीओ (BPO) ‘बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग’ जिसे एक अन्य नाम इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी इनेबल्ड सर्विसेज (ITES) के नाम से भी जाना जाता है। बीपीओ (BPO) एक ऐसी बिज़नेस आउटसोर्स प्रक्रिया है जिसमें एक संगठन अपने अन्य कार्य को संचालित करने के लिए किसी अन्य कंपनी को काम पर रखता है तथा उस कंपनी को संगठन के काम को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए अपने खुद के एक बिज़नेस की आवश्यकता होती है।

आसान शब्दों में समझे तो BPO यह एक ऐसी आउटसोर्स प्रक्रिया है जिसमें थर्ड-पार्टी प्रोवाइडर को कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर मैनेजमेंट में शामिल किया जाता है। BPO आमतौर पर Back Office में क्लासिफाइड आउटसोर्स है जिसमे आंतरिक व्यापार संचालन जैसे- ह्यूमन रिसोर्स, फाइनेंस और अकाउंटिंग शामिल होते है और फ्रंट ऑफिस (Front Office) आउटसोर्सिंग में ग्राहक सेवा जैसे BPO Call Center शामिल होता है।

BPO में अगर किसी कंपनी को देश से बाहर कॉन्ट्रैक्ट किया जाता है तो उसे Offshore आउटसोर्सिंग कहते है और यदि किसी पड़ोसी देश की कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट किया जाता है तो उसे Nearshore Outsourcing कहते है। BPO का मुख्य उद्देश्य कम वेतन में लोगों से काम निकलवाना होता है। बाहर की बहुत सी बड़ी-बड़ी कंपनियां अपनी सेवाएं दूसरे देशों में आउटसोर्स करती है जहां पर बड़ी संख्या में कम वेतन में कर्मचारी मिल जाते है।

 

BPO Full Form in Hindi

 

बीपीओ (BPO) का मतलब या BPO Ka Full Form “Business Process Outsourcing” (बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग) होता है।

BPO Full Form In Marathi “बिझनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग” होता है जिसका मराठी में मतलब (BPO Meaning In Marathi) भी यही होता है।

 

Types Of BPO

 

वैसे तो दुनिया में बहुत सी कंपनियाँ है जो दूसरे संगठनों को BPO सर्विस प्रदान करती है, तो इन्हीं कुछ चीज़ो को ध्यान में रखके इसके प्रकारों को बाँटा जाता है।

Offshore Outsourcing

ऑफशोर आउटसोर्सिंग तब की जाती है जब आपकी कंपनी किसी काम के सम्बंधित जरुरत को पूरा करने के लिए विदेशी कंपनी को काम पर रख लेती है।

Onshore Outsourcing

ऑनशोर आउटसोर्सिंग तब की जाती है जब कोई कंपनी उसी देश में काम करने वाली कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट करती है।

Nearshore Outsourcing

जब कोई कंपनी पड़ोसी देशों में स्थित कंपनियों द्वारा दी जाने वाली सेवाओं के लिए कॉन्ट्रैक्ट करती है, वह नियरशोर आउटसोर्सिंग होती है।

 

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BPO Candidate की Skills

 

चूँकि BPO’s में अच्छी communication का होना सबसे ज्यादा जरुरी होता है क्यूंकि यही task उन्हें प्राय सभी processes में करना होता है. BPO क्या है इसलिए अगर कोई candidate जो की BPO के लिए apply कर रहा है उसे अपने Oral और Written Communication के ऊपर ज्यादा देना चाहिए. चलिए दुसरे जरुरत के skills के विषय में और जानते हैं.

1.  वो Oral और written communication में अच्छा होना चाहिए.

2.  एक effective communicator होना चाहिए जब भी वो किसी consumer या client के साथ बात कर रहा हो.

3.  उसे computer basics की knowledge होनी चाहिए.

4.  वो किसी भी environment और समय में adapt हो सकने की काबिलियत होनी चाहिए.

5.  नए चीज़ों को सिखने के लिए आग्रह दिखाना चाहिए और खुद को हमेशा motivated रखना चाहिए.

6.  ‘हमेशा से धैर्यवान होना चाहिए और किसी भी स्तिथि में खुद को मजबूत रखने की काबिलियत रखनी चाहिए.

7.  हमेशा खुद को Market के साथ updated रखना चाहिए और trends को follow करना चाहिए.

 

बीपीओ जॉब के लिए आवश्यक शिक्षा और कौशल

 

बहुत सारे लोगों में ऐसी गलतफहमी है कि कोई भी बीपीओ क्षेत्र की नौकरी में शामिल हो सकता है।
जबकि सच्चाई यह है कि आपको अलग-अलग बीपीओ प्रोफाइल के लिए अलग कौशल की आवश्यकता होती है।

बीपीओ जॉब्स के लिए न्यूनतम योग्यता-

बैक ऑफिस के लिए- विशिष्ट क्षेत्र में न्यूनतम स्नातक

फ्रंट ऑफिस के लिए- किसी भी स्ट्रीम से न्यूनतम 12 वीं या इंटरमीडिएट

BPO जॉब्स के लिए आवश्यक बुनियादी कौशल-

  • संचार कौशल- लिखित और बोली जाने वाली
  • मदद करने की इच्छा
  • अनुशासन- किसी भी शिफ्ट में काम करना है

BPO Candidate की Educational Qualification

 

एक BPO industry के हिसाब से candidate के पास minimum एक degree होनी चाहिए किसी भी field में लेकिन किसी एक accredited institution से होने की आवश्यकता है. कुछ BPO organization specifically पूछते हैं bachelor’s degree in science, maths या statistics के बारे में ये इसलिए क्यूंकि उन्हें अपने client के जरूरतों के हिसाब से काम करना होता है. ये sector उन लोगों के लिए अच्छा है जो की freshers हैं और जिन्हें काम के विषय में कोई भी जानकारी नहीं है, इससे उन्हें अच्छा exposure मिलता है और अच्छा experience भी होता है.

बीपीओ वेतन

भारत में एक BPO Executive की average salary होती है लगभग Rs 202,379 per year (सालाना). वहीँ Experience का होना salary के hike के लिए बहुत जरुरी होती है. इसके साथ अच्छा खासा experience आपको आगे promotions भी दिला सकता है. ये candidate के ऊपर निर्भर करता है की वो कितनी जल्दी अच्छे promotions ले सकने की काबिलियत रखता है.

KPO क्या है

KPO का Full Form होता है Knowledge process outsourcing (KPO). ये BPO के तुलना में इतना ज्यादा popular नहीं है. इसका मतलब ये होता है की ऐसे process को outsoucre करना जिनके लिए high level की technical और analytical expertise की जरुरत होती है. ख़ास तोर से skilled labour के अभाव होने से ही core processes specialized knowledge और expertise के लिए इन KPO की जरुरत पड़ती है. वहीँ इससे additional value creation, cost reductions भी होती है जो की company के लिए बहुत जरुरी होती है. BPO/KPO की business अब के दोर के सबसे flourishing business है.

बीपीओ की कहानी

 

बीपीओ कंपनी का concept सबसे पहली बार Ross Perot ने शुरू किया था जब उन्होंने सन 1962 में Electronic Data Systems (EDS) की स्थापना की. EDS अपने prospective client से ये बात कहती थी, “ आप भले ही product की designing, manufacturing और selling से परिचित हों, लेकिन हम information technology की managment से अच्छे तरीके से परिचित हैं. हम आपको वो information technology बेच सकते हैं जिनकी आपको जरुरत है, लेकिन बदले में आपको हमें इस service के लिए monthly कुछ fees प्रदान करनी होगी. लेकिन यहाँ गौर करने वाली बात ये है की ये service कम से कम 2 से 10 सालों तक का होना चाहिए.

 

Telecaller BPO Meaning In Hindi

 

क्या आपने कभी सोचा है की यह BPO टेलिकॉलर क्या है (What is BPO Telecaller) तो आपको बता दें कि, कॉल सेंटर को ही BPO भी कहा जाता है। यह दोनों एक ही होते है। कॉल सेंटर ग्राहक सेवा देने के लिए जाना जाता है। BPO Full Form In Call Center ‘बीपीओ कॉल सेंटर आउटसोर्स’ होता है यह एजेंटों की एक टीम है जो अन्य व्यवसायों के लिए इनकमिंग और आउटगोइंग ग्राहक कॉल को संभालती है।

आपको तो पता ही होगा कि SIM की सर्विस की जानकारी पाने के लिए कॉल सेंटर में कॉल किया जाता है जो आपने भी कई बार किया होगा। जिन्हें हम कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव कहते है, वही ग्राहक सेवा या बीपीओ सेवा प्रदाता (BPO सर्विस प्रोवाइडर) होते है। आमतौर पर BPO और कॉल सेंटर दोनों में बहुत से काम होते है।

  • Mobile Industry
  • Travel Industries
  • Technical Support
  • Hospitality Service
  • Software Support

बीपीओ का उपयोग क्यों किया जाता है? (Why is BPO used)

 

बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग यानी कि बीपीओ छोटे और मीडियम बिजनेस के लिए बहुत अधिक लाभ दिलाती है। BPO क्या है क्योंकि बड़े कॉरपोरेट अपने गैर प्रमुख बिजनेस फंक्शन का मैनेजमेंट करने के लिए इफेक्टिव सॉल्यूशन की तलाश करते हैं। BPO बड़े बिजनेस संगठनों के लिए कम कीमत पर अधिक कुशलता से रोजमर्रा के बिजनेस रिकॉर्ड का मैनेजमेंट करने के लिए मदद करता है। यह डाटा बैकलॉग बचाता है और उनकी डिसीजन लेने की प्रोसेस के अनुसार प्रभाव से बचने में मदद करता है।

बीपीओ कैंडिडेट बनने के लिए क्वालिटीज

 

बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग के लिए पदों को भरने के दौरान कुछ बहुत ही विशेष क्वालिटी और स्किल सेट है जो भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक व्यक्ति को आश्वस्त करना चाहिए. जिस व्यक्ति को हायर किया जाता है उसे एक विशेष कार्य दिवस के दौरान कम से कम 60 लोगों से बात करनी होगी. ताकि उनके पास फर्म के लिए कुशलता पूर्वक काम करने में सक्षम होने के लिए स्पेशल स्किल्स होने चाहिए.

1. Excellent Communication Skills

यह सबसे पहली शर्त होती है यानी कि अगर कोई भी बीपीओ में जॉब करना चाहता है उसके पास इंग्लिश भाषा में बहुत ही अच्छी कम्युनिकेशन स्किल होनी चाहिए. उन्हें इस भाषा को बोलने में फ्लूएंट होना चाहिए साथ ही बढ़िया राइटिंग, रीडिंग और लिसनिंग स्किल भी जरूरी है. रिक्रूटमेंट करने वाले लोग किसी कैंडिडेट की परख उसके भाषा से ही कर लेते हैं कि इसमें कितनी क्वालिटी है और उसके अनुसार वह एलिमिनेशन करते हैं और अच्छा कैंडिडेट मिलने पर उसका सिलेक्शन भी कर लेते हैं.

2. Work efficiency

सबसे इफेक्टिव तरीके से काम पूरा करने के बारे में सोचते समय दो महत्वपूर्ण चीजें ध्यान में आती हैं. यह है ऑर्गनाइजेशन और स्पीड. जब कॉल सेंटर में काम काफी ज्यादा बढ़ जाता है तो यह कैंडिडेट पर निर्भर करता है कि वह किस तरीके से इन को मैनेज करता है और मल्टीटास्क के रूप में काम करके सभी को समय के साथ पूरा करता हो. यह ऑर्गेनाइजेशन के लिए जरुरी स्किल एंप्लोई को कम गलतियां करने में मदद करता है इस तरीके से उनकी गति भी बढ़ जाती है. इसीलिए आखिर में कम समय में अच्छी क्वालिटी वाले काम किए जा सकते हैं.

3. Interpersonal skills

जो आइडियल कैंडिडेट होते हैं वह सामाजिक रूप से अजीब नहीं होने चाहिए. उनका नेचर वह फ्रेंडली होना चाहिए और उनके कम्युनिकेशन स्किल में इतना अट्रैक्शन होना चाहिए कि कोई भी बात करें तो वह उस पर फिदा हो जाए और बात करके ही दूसरों की परेशानी को हल करने में माहिर होने चाहिए. सपोर्ट टीम जो होती है किसी कंपनी की फ्रंटलाइन होते हैं यानी उन्ही का चेहरा सबसे सामने होता है. यही लोग कस्टमर से सीधे तौर पर बात करते हैं पर कंपनी के गुणवत्ता को दूसरों के सामने दिखाने का मौका इन्हीं के पास होता है. जब किसी कस्टमर से बात करें तो उन पर कंपनी की अच्छी इंप्रेशन पड़े इन्हीं पर निर्भर करता है.

4. Ability to think on the spot

हाजिर जवाबी एक ऐसी क्वालिटी है जो हर किसी के पास नहीं होती है. जिसके पास होती है उसके व्यक्तित्व की हमेशा चर्चा की जाती है कि यह इंसान किसी भी बात का जवाब देने में माहिर है. बीपीओ में काम करने वाला इंसान एक कठिन और ऐसे सवाल का सामना उसे करना पड़ सकता है जिसके बारे में उसने कभी सोचा भी ना हो. जब इस तरह की स्थिति उत्पन्न होती है तो उन्हें एक तेज, टॉपिक से जुड़ा हुआ और सही जवाब देने की जरूरत होती है. इसकी जरूरत तभी पड़ती है जब कोई कस्टमर बहुत ही ज्यादा गुस्से में हो और उसे गुस्से में से बाहर निकाल कर उसके समस्याओं को भी हल करना होता है.

5. Knowledge Retention

कॉल सेंटर में काम कर रहे कैंडिडेट के पास ज्ञान का होना जरूरी है. जिसमें कॉल सेंटर में जिसकी कंपनी के लिए काम कर रहे हो उसके प्रोसेस के बारे में नॉलेज काफी जरूरी है क्योंकि जो कस्टमर होते हैं वह किसी भी वक्त कोई भी सवाल कर सकते हैं और उनकी संतुष्टि ग्राहक सेवा प्रतिनिधि का पहला कर्तव्य होता है. इस कौशल के बिना एक कैंडिडेट को काम पर रखना जल्दी से सीखना और जानकारी बनाए रखना है फिर मेन काम पर नेगेटिव इफेक्ट डाल सकते हैं.

 

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BPO जॉब के लिए जरूरी स्किल्स – Skills Required For BPO Job

 

BPO में यदि आप जॉब करना चाहते है तो इसके लिए स्किल्स आपके अंदर होना जरूरी है। आइए जानते है उन स्किल्स के बारे में

  • आपके अंदर communication स्किल्स में अच्छा होना जरूरी है।
  • आपको ओरल और WRITTEN दोनों कम्युनिकेशन की स्किल्स होनी चाहिए।
  • आपके पास कंप्यूटर कि जानकारी होना जरूरी है। एडवांस नहीं तो आपको बेसिक जानकारी भी होनी जरूरी है।
  • BPO में जॉब करने के लिए आपको flexible होना होगा।
  • आपको किसी भी परिस्थिति को संभालने की स्किल्स होना जरूरी है।
  • हमेशा नई नई स्किल्स और नई नई जानकारी जानते रहना होगा।
  • खुद को मार्केट में नए अपडेट से जानकारी होनी चाहिए।

 

BPO के लाभ क्या है? (What are the benefits of BPO)

 

वैसे तो BPO के बहुत सारे advantages हैं लकिन यहाँ पर हम उसके कुछ मुख्य advantages के विषय में जानने वाले हैं.

  • Business process की speed और efficiency काफी हद तक बढ़ जाती है.
  • Employees की समय की बचत होती है जिससे वो ज्यादा समय core business strategies को बढ़ाने में लगा सकते हैं जो की बाद में उन्हें competitive advantage प्रदान करता है और इससे वो उनके value chain engagement को भी बढ़ा सकते हैं.
  • Organizational growth में तरक्की होती है क्यूंकि जब capital resource और asset expenditures की जरुरत नहीं होती है तब इससे problematic investment returns भी उत्पन्न होने से बच जाते हैं.
  • Organizations को उनके unrelated primary business strategy assets में समय देने के जरुरत नहीं पड़ती है जिससे वो अपना सारा focus core strategies को develop करने में लगा सकते हैं.
  • Low operating costs का होना
  • Improved Automation का होना
  • Scaling में ज्यादा flexibility होना
  • इससे वो experts और technology को आसानी से access कर सकते हैं
  • • Consumer और Products के विषय में Smarter Analytics बनाया जा सकता है.

बीपीओ की विशेषताएं (Features of BPO)

 

भारत में अपने बिजनेस प्रोसेस को करने वाली कंपनियां अब केवल लागत में कमी को नहीं देख रही हैं वे आम तौर पर क्वालिटी हासिल करना चाहते हैं:

  • प्रोसेस में इंप्रूवमेंट और एफिशिएंसी- तेजी से बदलाव और अधिक उत्पादक
  • लागत में बचत
  • कम से कम मैन पावर का इस्तेमाल
  • बेहतर क्वालिटी- कम error/rework
  • एक नई बाजार का निर्माण और उसमें मजबूती
  • मुख्य प्रोसेस पर बढ़ा हुआ ध्यान- नए सेवाओं और उत्पाद का विकसित करना
  • बिजनेस वैल्यू और रणनीति भेदभाव का निर्माण

बीपीओ के फायदे

 

जो भी संगठन बीपीओ लेती है वह नीचे दिए गए फायदे के लिए इनसे काम करवाती हैं.  आमतौर पर बीपीओ के समर्थकों द्वारा यह फायदे शामिल है.

Financial Benefit:

ऑर्गेनाइजेशंस अक्सर यह देखते हैं कि एक अवसर प्रोवाइडर कम लागत पर बिजनेस प्रोसेस को कर सकता है. अगर व्यक्ति यह पाते हैं कि एक आउटसोर्स प्रोवाइडर के साथ कॉन्ट्रैक्ट करके बहुत तरीके से परिणाम स्वरूप धन की बचत कर सकते हैं जैसे कि टैक्स सेविंग.

Flexibility:

बीपीओ कॉन्ट्रैक्ट अनुमति देता है की फ्लैक्सिबिलिटी के साथ में बिजनेस प्रोसेस को पूरा करे, जिससे उन्हें बदलते बाजार की गतिशीलता पर बेहतर रिएक्शन मिल सके.

Competitive advantage:

बीपीओ संगठनों को उन प्रोसेस को अवसर के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति देता है जो उनकी बिजनेस और मिशन के लिए महत्वपूर्ण नहीं है, जैसे संगठनों को अपने संसाधनों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की अनुमति मिलती है जो उन्हें बाजार में अलग पहचान देते हैं.

Higher quality and better performance:

हाई क्वालिटी क्योंकि बीपीओ प्रोवाइडर का कोर बिजनेस विशिष्ट प्रोसेस का प्रदर्शन करते हैं जो भी करने के लिए काम पर रखे गए हैं. सिद्धांत को मद्देनजर रखते हुए हाई लेवल पर काम करने का यह हमेशा ध्यान रखते हैं और हमेशा एक्यूरेसी, एफिशिएंसी और स्पीड के साथ में काम करके देते हैं.

 

बीपीओ इंटरव्यू कैसे तैयार करें? (How to prepare for BPO interview)

 

जब भी आप किसी कंपनी में बीपीओ जॉब के लिए अप्लाई करते है तो सबसे जरूरी चीज है वो है आपका बायोडाटा। इसलिए आपका बायोडाटा को किसी अच्छे प्रोफेशनल से बनाए। जब आपका बायोडेटा कंपनी को पसंद आता है तो वे आपको इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।

जब भी आप इंटरव्यू देने जाए तो सबसे पहले अपना Resume अच्छा रखे। आपके रिज्यूमे वहीं चीजे बताए जिसके बारे में आपको जानकारी है जो स्किल्स आप नहीं जानते है उसको mention मत करे। अपने रिज्यूमे में अपने बारे में , एजुकेशन और कॉन्टैक्ट डिटेल जरूर बताए।

जब भी आप इंटरव्यू देने के लिए जायेगे तो सबसे पहले आपसे आपके बारे में पूछेगा तो अपना अच्छा सा एक intro तैयार रखे। आपके पास क्या क्या अनुभव है, आपकी स्किल्स क्या है और आपको क्या क्या जानकारी है उनको जरूर बताए।

बीपीओ में आपको ज्यादातर लोगो के साथ काम करना होगा इसलिए आपको अपना Behavior अच्छा रखना होगा। बोलने के तरीके पर आपको ध्यान रखना होगा। और आपका सलेक्शन भी आपके इस स्किल्स पर आधारित रहेगा।

 

BPO और Call Center में क्या अंतर है?

 

बहुत से लोगों का ये मानना होता है कि, BPO और call center एक ही होता है और दोनों का work process भी समान होता है लेकिन सच बात तो ये है call center एक तरह से BPO का ही एक हिस्सा है पर ये दोनों पूरी तरह समान नही है और इनके work process भी कुछ हद तक अलग अलग होते है.

  • BPO Online और Offline दोनों तरीके से हो सकता है तो call center सिर्फ Online तरीके से होता है.
  • Call center में केवल कॉल करना और कॉल उठाना शामिल होता है तो BPO में mails, meetings, printing, documents, call आदि. शामिल होते है.
  • BPO एक system की तरह काम करता है जिसका उद्देश्य अपने business की productivity बढाने का होता है तो वहीँ BPO का हिस्सा होने के कारण call center में अपने ग्राहक की सहायता करना और product का प्रचार करना शामिल होता है.
  • BPO में जॉब पाने के लिए Computer की जानकारी और अच्छी English की जानकारी अनिवार्य होता है तो call center में basic कंप्यूटर जानकारी और communication skill होना जरुरी है. (Note : Domestic BPO तथा call center में हिंदी और अन्य भाषाओं में जॉब उपलब्ध होते है.)
  • BPO में IT, finance, billing आदि जैसे अलग अलग डिपार्टमेंट होते है लेकिन call center में सिर्फ calling डिपार्टमेंट होता है.

 

BPO In Hindi (Career In BPO)

 

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, BPO Call Center दो तरह के होते है। एक अंतराष्ट्रीय कॉल सेंटर और दूसरा घरेलू कॉल सेंटर होता है। अंतराष्ट्रीय कॉल सेंटर में नौकरी पाने के लिए आपको इंग्लिश अच्छे से बोलना आनी चाहिये।

जबकि घरेलु या डोमेस्टिक कॉल सेंटर में अगर आपकी इंग्लिश ज्यादा अच्छी नही है तब भी आपको जॉब आसानी से मिल जाएगी, क्योंकि घरेलू कॉल सेंटर में अधिकतर कस्टमर हिंदी में बात करने वाले ही मिलते है। इसके अलावा कंप्यूटर का बेसिक नॉलेज और टाइपिंग स्पीड भी अच्छी होना बहुत ही ज़रूरी है।

 

BPO कम्पनीज में जॉब की यह सारी संभावनाएँ होती है आप इन सभी फील्ड में नौकरी कर सकते है।

  • ऑपरेशन्स मैनेजमेंट
  • कंटेंट मैनेजमेंट
  • रिसर्च एंड एनालिटिक्स
  • लीगल सर्विसेज
  • ट्रेनिंग एंड कंसल्टेंसी
  • डाटा एनालिटिक्स

 

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Conclusion

 

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख BPO क्या है? BPO कैसे बने पूरी जानकारी हिंदी में | जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे.

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